फाल्टा पुनर्मतदान से पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने नाम वापस लिया, 21 मई को होगी वोटिंग

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फाल्टा पुनर्मतदान से पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने नाम वापस लिया, 21 मई को होगी वोटिंग

सारांश

फाल्टा पुनर्मतदान से दो दिन पहले TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने नाम वापस ले लिया — निजी कारण बताए, लेकिन BJP के विकास पैकेज का भी ज़िक्र किया। TMC ने इसे दबाव का नतीजा बताते हुए 100 से अधिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और दफ्तरों पर कब्जे का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

जहांगीर खान ने 19 मई को फाल्टा विधानसभा पुनर्मतदान से अपना नाम वापस लिया।
फाल्टा सीट पर पुनर्मतदान 21 मई को निर्धारित है।
खान ने निजी कारण बताए और सुवेंदु अधिकारी के विशेष विकास पैकेज का उल्लेख किया।
TMC ने कहा यह निर्णय पार्टी का नहीं, उम्मीदवार का निजी फैसला है।
4 मई के चुनाव परिणाम के बाद से फाल्टा में TMC के 100 से अधिक कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए, पार्टी का आरोप।
TMC ने चुनाव आयोग (ECI) पर शिकायतों के बावजूद निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है — पार्टी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने 19 मई को अपना नामांकन वापस ले लिया। इस कदम ने TMC प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी की चुनावी स्थिति को कमज़ोर कर दिया है।

जहांगीर खान ने क्या कहा

मंगलवार को मीडिया से बातचीत में जहांगीर खान ने नाम वापसी के लिए निजी कारणों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'मैं फाल्टा का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि फाल्टा में शांति रहे और उसका विकास हो।' उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी फाल्टा के विकास के लिए एक विशेष पैकेज दे रहे हैं, इसीलिए उन्होंने पुनर्मतदान से खुद को अलग करने का फैसला किया।

टीएमसी का आधिकारिक बयान

TMC ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि जहांगीर खान का यह फैसला उनका निजी निर्णय है, पार्टी का नहीं। पार्टी ने आरोप लगाया कि 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से अकेले फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में उनके 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।

बयान में यह भी कहा गया कि दिनदहाड़े डरा-धमकाकर पार्टी के कई कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई, उन्हें बंद कर दिया गया और उन पर जबरन कब्जा कर लिया गया। TMC ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतें मिलने के बावजूद चुनाव आयोग (ECI) ने कोई कार्रवाई नहीं की।

TMC का भाजपा पर निशाना

TMC ने अपने बयान में कहा कि इतने दबाव के बावजूद उनके कार्यकर्ता 'चट्टान की तरह अडिग' हैं और सरकारी एजेंसियों व प्रशासन के ज़रिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा फैलाए जा रहे डर का लगातार विरोध कर रहे हैं। पार्टी ने जहांगीर खान के फैसले की 'कड़ी निंदा' करते हुए कहा कि 'बांग्ला विरोधी' BJP के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी — चाहे वह पश्चिम बंगाल हो या दिल्ली।

आगे क्या होगा

फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होना है। TMC उम्मीदवार के मैदान से हटने के बाद BJP की स्थिति मज़बूत मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में 4 मई के चुनाव परिणामों के बाद से राजनीतिक तनाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में फाल्टा सीट पर मतदान का परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा का एक अहम संकेत होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जहांगीर खान ने फाल्टा पुनर्मतदान से नाम क्यों वापस लिया?
जहांगीर खान ने मीडिया के सामने निजी कारणों का हवाला दिया और कहा कि वे फाल्टा में शांति और विकास चाहते हैं। उन्होंने विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी द्वारा दिए जा रहे विशेष विकास पैकेज का भी उल्लेख किया। TMC ने इसे दबाव का परिणाम बताया है।
फाल्टा विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान कब होगा?
फाल्टा विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान 21 मई को निर्धारित है। 4 मई को मूल चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद यह पुनर्मतदान कराया जा रहा है।
TMC ने जहांगीर खान की नाम वापसी पर क्या कहा?
TMC ने स्पष्ट किया कि यह जहांगीर खान का निजी फैसला है, पार्टी का नहीं। पार्टी ने इस फैसले की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि BJP के दबाव के कारण यह स्थिति बनी।
TMC ने फाल्टा में अपने कार्यकर्ताओं पर क्या आरोप लगाए?
TMC ने दावा किया कि 4 मई के चुनाव परिणाम के बाद से फाल्टा में उनके 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। पार्टी ने यह भी कहा कि उनके कई कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई और उन पर जबरन कब्जा कर लिया गया।
जहांगीर खान की वापसी से फाल्टा पुनर्मतदान पर क्या असर पड़ेगा?
TMC उम्मीदवार के मैदान से हटने के बाद BJP की स्थिति मज़बूत मानी जा रही है। यह पुनर्मतदान पश्चिम बंगाल में दोनों प्रमुख दलों की राजनीतिक ताकत का एक अहम संकेतक होगा।
राष्ट्र प्रेस
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