फाल्टा पुनर्मतदान: 285 बूथों पर CAPF की 35 कंपनियाँ तैनात, 2.36 लाख मतदाता कर रहे मताधिकार का प्रयोग
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान शुरू हो गया, जहाँ 285 बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 35 कंपनियों की कड़ी निगरानी में हो रहे इस मतदान में 2.36 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। यह पुनर्मतदान 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के चुनाव में सामने आई कथित धांधली की शिकायतों के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आदेश पर कराया जा रहा है।
मतदान का क्रम और सुरक्षा व्यवस्था
फाल्टा में पुनर्मतदान बुधवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ। स्थानीय निवासियों ने बताया कि मतदान शांतिपूर्वक जारी है और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। CAPF की भारी तैनाती यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।
गौरतलब है कि 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई पोलिंग बूथों पर भाजपा उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्नों के सामने वाले EVM बटन कथित तौर पर सफेद टेप से ढके हुए पाए गए थे। इन शिकायतों की जाँच के बाद ECI ने पूरे फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान का आदेश दिया।
मुख्य उम्मीदवार और चुनावी समीकरण
फाल्टा सीट पर इस बार 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देबांग्शु पांडा को, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने अब्दुर रज्जाक मोल्ला को और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPM ने शंभू नाथ कुर्मी को अपना प्रत्याशी बनाया है। दो अन्य उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव से पहले ही अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी थी। हालाँकि, EVM पर उनका नाम अभी भी दर्ज है, जो मतदाताओं के लिए भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
पृष्ठभूमि: क्यों हो रहा है पुनर्मतदान
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरण पहले ही संपन्न हो चुके हैं। 29 अप्रैल को दूसरे चरण में फाल्टा सीट पर हुए मतदान के दौरान कथित चुनावी अनियमितताओं की गंभीर शिकायतें दर्ज की गई थीं। आलोचकों का कहना है कि EVM बटनों को टेप से ढकने की घटना मतदाताओं के अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।
ECI ने जाँच के आधार पर पूरे निर्वाचन क्षेत्र में पुनर्मतदान का आदेश दिया, जो आयोग की निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे क्या
फाल्टा सीट के चुनाव परिणाम 24 मई को घोषित किए जाएंगे। इस पुनर्मतदान के नतीजे न केवल फाल्टा की राजनीतिक दिशा तय करेंगे, बल्कि पश्चिम बंगाल में चुनावी पारदर्शिता की बहस को भी नई दिशा देंगे।