पश्चिम बंगाल: 15 बूथों पर दोबारा मतदान के चुनाव आयोग के फैसले का BJP ने किया स्वागत, और बूथ जोड़ने की माँग
सारांश
Key Takeaways
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों ने शुक्रवार, 1 मई को चुनाव आयोग (ECI) के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया गया है। हालाँकि, BJP नेताओं ने यह भी माँग की कि पुनर्मतदान का दायरा और बढ़ाया जाए।
पुनर्मतदान का कारण और पृष्ठभूमि
फाल्टा विधानसभा सीट पर BJP उम्मीदवार के नाम और चुनाव चिह्न के सामने ईवीएम का बटन खराब होने और छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने मामले की गहन जाँच के आदेश दिए थे। गौरतलब है कि इन दोनों सीटों पर 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदान हुआ था। शनिवार को होने वाले पुनर्मतदान में 11 बूथ मगराहाट (पश्चिम) और 4 बूथ डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र में शामिल हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने और बूथ जोड़ने की माँग की
नंदीग्राम और भवानीपुर सीट से BJP उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा, ''मगराहाट पश्चिम में दोबारा मतदान का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन डायमंड हार्बर में और ज्यादा बूथों पर दोबारा मतदान होना चाहिए।'' उन्होंने आगे कहा, ''वहां सिर्फ चार बूथों पर दोबारा मतदान हो रहा है। पूरे फाल्टा क्षेत्र में पुनर्मतदान होना चाहिए या कम से कम 60 बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाना चाहिए।''
जब उनसे फाल्टा में पुनर्मतदान न होने का कारण पूछा गया, तो अधिकारी ने कहा, ''चुनाव आयोग कुछ सोचकर ही फैसला कर रहा होगा। इसके लिए कुछ प्रक्रियाएं होती हैं, जैसे सीसीटीवी फुटेज, ऑब्जर्वर की रिपोर्ट और पीठासीन अधिकारी की रिपोर्ट।'' उन्होंने यह भी कहा, ''एक तय व्यवस्था होती है और चुनाव आयोग उसी के मुताबिक काम कर रहा है। हमें चुनाव आयोग पर पूरा भरोसा है। हम ममता बनर्जी की तरह बातें नहीं करते।''
अर्जुन सिंह ने भी जताया समर्थन
नोआपाड़ा विधानसभा सीट से BJP उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने भी पुनर्मतदान के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, ''जिस तरह ईवीएम में गड़बड़ी की गई और अगर एक भी व्यक्ति अपना वोट नहीं डाल पाया, तो दोबारा मतदान कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।''
तृणमूल कांग्रेस ने जताई आपत्ति
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता कुणाल घोष ने पुनर्मतदान के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया, ''वे जो करना चाहते हैं, वह सही नहीं है। मतदान शांतिपूर्ण हुआ था। वे जबरन पुनर्मतदान की मांग कर रहे हैं।'' घोष ने यह भी दावा किया कि जिन 15 बूथों पर दोबारा मतदान होगा, वहाँ TMC भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पहले से ही राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है। चुनाव आयोग के इस कदम को निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है। शनिवार को होने वाले पुनर्मतदान के नतीजे और उसकी निगरानी व्यवस्था यह तय करेगी कि आगे के चरणों में इस तरह की शिकायतों को कैसे संभाला जाएगा।