अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक बोले — 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के तहत राज्य स्थापना दिवस समारोह राष्ट्रीय एकता का सशक्त मंच

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अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक बोले — 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के तहत राज्य स्थापना दिवस समारोह राष्ट्रीय एकता का सशक्त मंच

सारांश

इटानगर के लोक भवन में 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के तहत गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के राज्य स्थापना दिवस एक साथ मनाए गए। राज्यपाल केटी परनाइक ने कहा — ये समारोह विविधता में एकता की जड़ें और गहरी करते हैं और राष्ट्रवाद की भावना को सजीव रखते हैं।

Key Takeaways

राज्यपाल केटी परनाइक ने 1 मई 2026 को इटानगर के लोक भवन में ' एक भारत श्रेष्ठ भारत ' पहल के तहत आयोजित राज्य स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया। गुजरात , महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के राज्य स्थापना दिवस एक साथ मनाए गए। राज्यपाल ने 1962 के युद्ध के बाद महाराष्ट्र के लोगों द्वारा अरुणाचल के सामाजिक पुनर्निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। राजीव गांधी विश्वविद्यालय के छात्रों ने पारंपरिक अरुणाचली समूह नृत्य प्रस्तुत किया। विवेकानंद केंद्र विद्यालय, निर्जुली की मनामी गामलिन ने शास्त्रीय लावणी नृत्य की प्रस्तुति दी।

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक ने 1 मई 2026 को इटानगर में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के अंतर्गत आयोजित राज्य स्थापना दिवस समारोह राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने का एक सार्थक और जीवंत मंच बन चुके हैं। इटानगर के लोक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के राज्य स्थापना दिवस एक साथ बड़े उत्साह और सांस्कृतिक जीवंतता के साथ मनाए गए।

राज्यपाल का संबोधन और मुख्य संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल परनाइक ने कहा कि ऐसे समारोह विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोगों को एक मंच पर लाते हैं और भारत की समृद्ध विविधता में एकता की भावना को और मजबूत करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये आयोजन लोगों को अपने अनुभव साझा करने, एक-दूसरे की आकांक्षाओं को समझने और गृह राज्य से दूर रह रहे समुदायों की चुनौतियों पर संवाद करने का अवसर देते हैं। उनके अनुसार इस तरह की पहल राष्ट्रवाद, एकता और सामूहिक जुड़ाव की भावना को भी सुदृढ़ करती है।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का स्मरण

सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल परनाइक ने अरुणाचल प्रदेश के विकास में इन तीनों राज्यों के लोगों के बहुमूल्य योगदान को स्वीकार करते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने गुजरात के लोगों के साथ साझा किए गए गहरे पौराणिक और ऐतिहासिक संबंधों को याद किया, जिन्हें आज भी जीवित रखा जाता है। गौरतलब है कि उन्होंने 1962 के युद्ध के बाद के वर्षों में महाराष्ट्र के लोगों के अरुणाचल प्रदेश के सामाजिक पुनर्निर्माण में दिए गए योगदान को भी स्नेहपूर्वक याद किया, जब राष्ट्रीय एकजुटता की भावना ने समुदायों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ — विविधता की जीवंत झलक

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शानदार श्रृंखला ने भारत की परंपराओं की विविधता और जीवंतता को प्रदर्शित किया। मुख्य आकर्षणों में राजीव गांधी विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक अरुणाचली समूह नृत्य शामिल था, जिसने राज्य की स्वदेशी सांस्कृतिक विरासत को खूबसूरती से उजागर किया। इसके अलावा निर्जुली स्थित विवेकानंद केंद्र विद्यालय की छात्रा मनामी गामलिन ने मधुर शास्त्रीय लावणी नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।

समारोह में उपस्थिति और सहभागिता

राज्यपाल परनाइक और राज्य की प्रथम महिला अनाघा परनाइक ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। अरुणाचल प्रदेश में निवास कर रहे गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के बड़ी संख्या में लोग इस आयोजन में उत्साहपूर्वक शामिल हुए। यह कार्यक्रम लोक भवन द्वारा आपसी सम्मान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता की भावना को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया था।

आगे की दिशा

यह आयोजन इस बात का संकेत है कि 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल केवल औपचारिक उत्सव तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह जमीनी स्तर पर अंतर-राज्यीय सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने का माध्यम बन रही है। ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता भारत की विविधता में एकता की भावना को और गहरा करती रहेगी।

Point of View

परंतु असली सवाल यह है कि क्या ये उत्सव सांस्कृतिक सद्भाव से आगे बढ़कर नीतिगत समावेश में भी परिवर्तित हो रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्य में अंतर-राज्यीय समुदायों की उपस्थिति रणनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। राज्यपाल का 1962 के युद्ध के बाद की राष्ट्रीय एकजुटता का संदर्भ देना — मौजूदा भू-राजनीतिक संवेदनशीलता के परिप्रेक्ष्य में — सांकेतिक नहीं, बल्कि सुविचारित प्रतीत होता है।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल क्या है?
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक केंद्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। इसके तहत राज्य स्थापना दिवस जैसे आयोजन देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाए जाते हैं।
इटानगर में 1 मई को कौन-से राज्यों के स्थापना दिवस मनाए गए?
1 मई 2026 को इटानगर के लोक भवन में गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के राज्य स्थापना दिवस एक साथ मनाए गए। इन राज्यों के अरुणाचल प्रदेश में निवास कर रहे बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
राज्यपाल केटी परनाइक ने इस अवसर पर क्या कहा?
राज्यपाल केटी परनाइक ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस समारोह लोगों को अनुभव साझा करने और एक-दूसरे की आकांक्षाओं को समझने का अवसर देते हैं। उन्होंने इन्हें राष्ट्रवाद, एकता और सामूहिक जुड़ाव की भावना को मजबूत करने वाला मंच बताया।
कार्यक्रम में कौन-सी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं?
राजीव गांधी विश्वविद्यालय के छात्रों ने पारंपरिक अरुणाचली समूह नृत्य प्रस्तुत किया और विवेकानंद केंद्र विद्यालय, निर्जुली की मनामी गामलिन ने शास्त्रीय लावणी नृत्य की प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों ने भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रूप में दर्शाया।
1962 के युद्ध का इस कार्यक्रम में क्या संदर्भ था?
राज्यपाल परनाइक ने 1962 के युद्ध के बाद के वर्षों में महाराष्ट्र के लोगों द्वारा अरुणाचल प्रदेश के सामाजिक पुनर्निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उस कठिन दौर में राष्ट्रीय एकजुटता की भावना ने समुदायों को जोड़ने और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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