पटना की सड़कों-फ्लाईओवर का मेगा निरीक्षण: सचिव पंकज कुमार पाल ने तय की सख्त समय-सीमा
सारांश
Key Takeaways
सड़क निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने 1 मई 2026 को पटना की प्रमुख सड़कों और फ्लाईओवर का व्यापक ऑन-साइट निरीक्षण किया और खामियाँ दूर करने के लिए सख्त समय-सीमा तय की। शहरी आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए गए इस निर्णायक कदम में जेपी गंगा पथ, अटल पथ और पाटलि पथ जैसे प्रमुख कॉरिडोर शामिल रहे।
निरीक्षण का दायरा और मुख्य खामियाँ
निरीक्षण का मुख्य जोर राइडिंग क्वालिटी, तकनीकी खामियों और ट्रैफिक की रुकावटों पर था। सचिव ने स्पष्ट किया कि रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जेपी गंगा पथ पर दीघा से दीदारगंज तक के हिस्से में कई गंभीर समस्याएँ सामने आईं, जिनमें कुरजी पुल के पास धंसी हुई अप्रोच स्लैब की खराबी प्रमुख रही।
समय-सीमा के साथ दिए गए निर्देश
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नेहरू पथ पर मुख्य सड़क को 15 दिनों के भीतर ठीक किया जाए। शिवपुरी फ्लाईओवर, दीघा फ्लाईओवर और दीघा रोटरी के पास के अप्रोच सेटलमेंट को तीन दिनों के भीतर दुरुस्त करने का आदेश दिया गया। कुरजी पुल के पास की धंसी अप्रोच स्लैब की मरम्मत के लिए 10 दिनों की समय-सीमा तय की गई। देरी होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
पाटलि पथ और डीपीआर की माँग
पाटलि पथ के निरीक्षण में पाया गया कि इसके एक्सपेंशन जॉइंट्स और वियरिंग कोट में खराबी आ गई है। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर एक संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जमा की जाए। साथ ही, एसडीएमसी के माध्यम से एम्स राउंडअबाउट से जेपी सेतु अप्रोच रोड तक रखरखाव के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
राजा बाजार फ्लाईओवर और ट्रैफिक समाधान
राजा बाजार फ्लाईओवर के पास लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। इनमें जंक्शन के पास चार पेड़ों को काटने के लिए जमीन की पहचान करना, एक मंदिर को संभवतः दूसरी जगह स्थानांतरित करना (मंजूरी मिलने पर), बस स्टॉप, गैन्ट्री, बिजली के खंभे और सड़क किनारे की अन्य रुकावटों को हटाना, आशियाना मोड़ पर हुए अतिक्रमणों को हटाना और सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करना शामिल है। गौरतलब है कि आर-ब्लॉक और पटना रेलवे स्टेशन गोलचक्कर के बीच ट्रैफिक जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके लिए सचिव ने दीर्घकालिक समाधान की जरूरत पर जोर दिया।
विभाग की प्रतिबद्धता और आगे की राह
विभाग की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए पंकज कुमार पाल ने कहा,