बंगाल पुनर्मतदान: दक्षिण 24 परगना के 15 बूथों पर 86.90% मतदान, शांतिपूर्ण रहा पूरा दिन
सारांश
Key Takeaways
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों — मगराहाट (पश्चिम) और डायमंड हार्बर — के 15 मतदान केंद्रों पर 2 मई 2026 (शनिवार) को हुआ पुनर्मतदान शाम 6 बजे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। केंद्रीय बलों की कड़ी तैनाती और राज्य पुलिस की सहायता के बीच कहीं से भी हिंसा, तनाव या मतदान में बाधा की कोई शिकायत सामने नहीं आई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), पश्चिम बंगाल के कार्यालय के अनुसार, शाम 5 बजे तक इन 15 बूथों पर औसत मतदान प्रतिशत 86.90% दर्ज किया गया।
मतदान केंद्रवार आँकड़े
मगराहाट (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र के 11 मतदान केंद्रों पर मतदान प्रतिशत 86.11% रहा। इनमें बूथ संख्या 46, 126, 127, 128, 142, 214, 215, 216, 230, 231 और 232 शामिल थे। वहीं डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 बूथों — संख्या 117, 179, 194 और 243 — पर मतदान प्रतिशत 87.60% दर्ज किया गया।
सीईओ कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, अंतिम मतदान प्रतिशत 90% से अधिक रहने की संभावना है, जिसे पुनर्मतदान के लिहाज से असाधारण रूप से अधिक माना जा रहा है। आधिकारिक अंतिम आँकड़ा शनिवार देर रात या रविवार सुबह जारी किए जाने की उम्मीद है।
सुरक्षा व्यवस्था और माहौल
पुनर्मतदान के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की व्यापक तैनाती की गई थी। राज्य पुलिस ने सहायक भूमिका निभाई। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चले मतदान में किसी भी बूथ से अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जो पहले के मतदान में हुई अनियमितताओं के मद्देनज़र एक सकारात्मक संकेत है।
पश्चिम बंगाल चुनाव का व्यापक संदर्भ
इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में — 23 अप्रैल और 29 अप्रैल — को संपन्न हुआ था। दोनों चरणों में औसत मतदान प्रतिशत 93% तक पहुँचा, जो आजादी के बाद राज्य में अब तक का सर्वाधिक बताया जा रहा है। गौरतलब है कि देशभर में सर्वाधिक मतदान का पिछला रिकॉर्ड त्रिपुरा के नाम है, जहाँ 2013 के विधानसभा चुनाव में 91.82% मतदान हुआ था।
पश्चिम बंगाल में इससे पहले सबसे अधिक मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज हुआ था, जब 34 वर्षों के वाम मोर्चा शासन का अंत हुआ और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में सत्ता परिवर्तन हुआ था।
आगे क्या होगा
इन सभी सीटों की मतगणना 4 मई 2026 को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएँगे। उच्च मतदान प्रतिशत को विश्लेषक सत्ता के प्रति मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी का संकेत मान रहे हैं, हालाँकि इसका राजनीतिक अर्थ मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।