बरगी डैम क्रूज हादसा: 9 की मौत, शव दिल्ली-कोयंबटूर एयरलिफ्ट; 4 लापता की तलाश जारी
सारांश
Key Takeaways
जबलपुर के बरगी डैम पर हुए क्रूज हादसे में 9 लोगों की मौत की पुष्टि के बाद प्रशासन ने मृतकों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह नगरों तक पहुँचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 2 मई को सुबह और शाम दो अलग-अलग उड़ानों के ज़रिए शवों को दिल्ली और कोयंबटूर भेजा गया, जबकि 4 लापता लोगों — जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं — की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
एयरलिफ्ट की प्रक्रिया
जबलपुर जनसंपर्क विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 8 बजे तीन पार्थिव देहों को जबलपुर एयरपोर्ट से इंडिगो एयरलाइंस की नियमित उड़ान के माध्यम से दिल्ली रवाना किया गया। इसके बाद दोपहर बाद शाम 3:20 बजे दो अन्य पार्थिव देहों को कोयंबटूर के लिए एयरलिफ्ट किया गया। इन शवों के साथ मृतकों के दो परिजन भी रवाना हुए, जो वहाँ पहुँचकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
हादसे का विवरण
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार शाम हुआ था, जब क्रूज में 41 लोग सवार थे। हादसे के तुरंत बाद 28 लोगों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया। ये सभी अब सुरक्षित हैं और प्रशासन उनसे पूछताछ कर घटना के अंतिम क्षणों की जानकारी जुटा रहा है। ताज़ा जानकारी के अनुसार अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4 लोग — जिनमें तीन बच्चे और एक वयस्क शामिल हैं — अभी भी लापता हैं।
पुलिस की जाँच और कानूनी कार्रवाई
जबलपुर के सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (बरगी जोन) अंजुल अयंक मिश्रा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि फिलहाल इस मामले में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सभी शव बरामद नहीं हो जाते, तब तक विस्तृत जाँच शुरू नहीं की जाएगी। उनके अनुसार, पहली प्राथमिकता लापता लोगों को ढूँढना है।
रेस्क्यू ऑपरेशन की चुनौतियाँ
हादसे के बाद से सेना के गोताखोर, आपदा राहत दल और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। नदी के बहाव और जलाशय की गहराई के कारण यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके बावजूद सर्च एरिया को बढ़ाकर लगभग 5 किलोमीटर डाउनस्ट्रीम तक फैला दिया गया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब जलाशयों पर पर्यटन गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।
आने वाले दिनों में सभी शवों की बरामदगी के बाद पुलिस विस्तृत जाँच शुरू करेगी, जिसमें क्रूज संचालन की अनुमति और सुरक्षा मानकों की पड़ताल भी शामिल होने की संभावना है।