माली सेना का दावा: हवाई हमलों में 200 से अधिक आतंकी ढेर, 4 पिकअप और 60 मोटरसाइकिलें नष्ट
सारांश
Key Takeaways
माली की सेना ने शुक्रवार, 2 मई 2026 की सुबह किए गए हवाई हमलों में 200 से अधिक हमलावरों को मार गिराने का दावा किया है। माली के सरकारी टेलीविजन ने शनिवार को जनरल स्टाफ के हवाले से यह जानकारी दी। सेना के अनुसार, ये हमले एक पड़ोसी सीमा क्षेत्र से घुसपैठ कर नए हमलों की तैयारी कर रहे हथियारबंद आतंकियों के बड़े काफिले पर किए गए।
हमले का विवरण और नुकसान
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, सेना के शुरुआती आकलन में बताया गया कि इस कार्रवाई में भारी हथियारों से लैस 4 पिकअप गाड़ियाँ और 60 से अधिक मोटरसाइकिलें भी नष्ट कर दी गईं। सेना के जनरल स्टाफ ने अपने बयान में कहा कि माली की सेना पूरे देश में आतंकवादी समूहों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगी।
26 अप्रैल की पूर्व कार्रवाई
26 अप्रैल 2026 को भी माली की सेना ने बताया था कि पश्चिमी इलाके कोउलिकोरो में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया था। जनरल स्टाफ के बयान के अनुसार, उस हमले के बाद चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान सेना के हवाई साधनों ने कोउलिकोरो क्षेत्र के कोलोकानी के पश्चिम में मोटरसाइकिलों का एक काफिला देखा, जो एक ठिकाने की ओर जा रहा था। इसके बाद हवाई हमले में 100 से अधिक आतंकियों की मौत हो गई और उनका सामान व रसद भी नष्ट कर दिया गया।
25 अप्रैल के समन्वित आतंकी हमले
25 अप्रैल 2026 को आतंकवादी समूहों ने माली के कई शहरों पर एक साथ हमले किए थे। इन हमलों में राजधानी बमाको के निकट काती शहर में रक्षा मंत्री सादियो कामारा के घर को भी निशाना बनाया गया, जिसमें रक्षा मंत्री और उनकी पत्नी की मौत हो गई। सरकार ने बताया कि ये हमले काती, सेवेरे, गाओ, किदाल और राजधानी बमाको सहित कई स्थानों पर किए गए थे। यह ऐसे समय में हुआ जब माली पहले से ही साहेल क्षेत्र में बढ़ती आतंकी गतिविधियों से जूझ रहा था।
भारत की प्रतिक्रिया और भारतीय नागरिकों को चेतावनी
28 अप्रैल 2026 को भारत ने इन आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की और जनरल सादियो कामारा के निधन पर संवेदना व्यक्त की। माली में भारतीय दूतावास ने वहाँ रह रहे सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे देश में हुए हमलों के मद्देनज़र अत्यंत सतर्क रहें। गौरतलब है कि माली में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी और पेशेवर कार्यरत हैं।
आगे की स्थिति
माली की सेना ने स्पष्ट किया है कि आतंकवादी समूहों के विरुद्ध सैन्य अभियान निरंतर जारी रहेगा। यह घटनाक्रम साहेल क्षेत्र में सुरक्षा संकट की गहराती गंभीरता को रेखांकित करता है, जहाँ कई सशस्त्र गुट सक्रिय हैं।