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यरुशलम में फ्रांसीसी कैथोलिक नन पर हमला: स्पेन ने की कड़ी निंदा, इजरायल से उपासना की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग

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यरुशलम में फ्रांसीसी कैथोलिक नन पर हमला: स्पेन ने की कड़ी निंदा, इजरायल से उपासना की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग

सारांश

यरुशलम के माउंट सियोन के पास एक फ्रांसीसी कैथोलिक नन पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हिला दिया है। स्पेन ने कड़ी निंदा करते हुए इजरायल से उपासना की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग की, जबकि इजरायल ने भी इसे 'शर्मनाक कृत्य' बताया। 36 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार।

मुख्य बातें

यरुशलम के माउंट सियोन के निकट एक फ्रांसीसी कैथोलिक नन पर हमला हुआ, जो फ्रेंच स्कूल ऑफ बाइबिल एंड आर्कियोलॉजिकल रिसर्च में शोधकर्ता हैं।
वायरल वीडियो में हमलावर ने नन को धक्का देकर गिराया और लात मारी; एक राहगीर ने बचाव किया।
इजरायली पुलिस ने 36 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया; नन को मामूली खरोंच आई, गंभीर चोट नहीं।
स्पेन के विदेश मंत्रालय ने दोषी को न्याय दिलाने और इजरायल से उपासना की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग की।
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने घटना को 'शर्मनाक कृत्य' बताते हुए निंदा की।

स्पेन के विदेश मंत्रालय ने यरुशलम में एक फ्रांसीसी कैथोलिक नन पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषी को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की है। साथ ही इजरायल से उपासना की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और यरुशलम में यथास्थिति बनाए रखने का आग्रह किया है। यह घटना माउंट सियोन के निकट हुई, जो यहूदी और ईसाई दोनों समुदायों के लिए अत्यंत पवित्र स्थल है।

हमले का पूरा घटनाक्रम

वायरल वीडियो के अनुसार, एक व्यक्ति सड़क पर चल रही नन के पीछे से दौड़कर आया और उन्हें जोरदार धक्का दे दिया। धक्का लगते ही नन ज़मीन पर गिर पड़ीं; सौभाग्य से उनका सिर पास ही बने सीमेंट के ब्लॉक से नहीं टकराया। हमलावर पहले वापस जाने लगा, फिर अगले ही पल लौटकर जमीन पर गिरी नन को लात मारने लगा। इतने में वहाँ मौजूद एक राहगीर नन के बचाव में आगे आ गया।

नन के चेहरे पर मामूली खरोंच आई, लेकिन उन्हें गंभीर चोट नहीं लगी। इजरायली पुलिस ने बताया कि इस मामले में 36 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

पीड़ित नन की पहचान

यरुशलम स्थित फ्रेंच स्कूल ऑफ बाइबिल एंड आर्कियोलॉजिकल रिसर्च के निदेशक फादर ओलिवियर पोक्विलन ने बताया कि पीड़ित नन उक्त संस्थान में एक शोधकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। घटनास्थल माउंट सियोन के पास है, जिसे यहूदी समुदाय राजा डेविड की कब्र के रूप में पूजता है और ईसाई इसे अंतिम भोज का पारंपरिक स्थल मानते हैं।

स्पेन की आधिकारिक प्रतिक्रिया

स्पेन के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, ''स्पेन की सरकार यरुशलम में एक फ्रांसीसी कैथोलिक नन पर हुए गंभीर हमले की कड़ी निंदा करती है। स्पेन पीड़ित के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करता है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है। इस अपराध के दोषी को अवश्य ही न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।''

पोस्ट में आगे कहा गया, ''इजरायल को उपासना की स्वतंत्रता की गारंटी देनी चाहिए, यरुशलम में यथास्थिति का सम्मान करना चाहिए और हिंसा की ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।''

इजरायल की प्रतिक्रिया

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना को 'शर्मनाक कृत्य' बताते हुए इसकी निंदा की। यह ऐसे समय में आया है जब यरुशलम में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय पहले से ही चिंतित है। गौरतलब है कि माउंट सियोन का क्षेत्र तीन प्रमुख धर्मों — यहूदी, ईसाई और इस्लाम — के लिए संवेदनशील माना जाता है।

आगे क्या होगा

इजरायली पुलिस द्वारा गिरफ्तार 36 वर्षीय आरोपी के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इजरायल सरकार यरुशलम में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस बढ़ते तनाव का प्रतीक है जो पवित्र शहर में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से बना हुआ है। स्पेन का सार्वजनिक रूप से इजरायल से 'यथास्थिति' बनाए रखने का आग्रह कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यूरोपीय देश आमतौर पर इस विषय पर सतर्क भाषा अपनाते हैं। इजरायल का स्वयं इसे 'शर्मनाक कृत्य' बताना दर्शाता है कि घटना की अंतरराष्ट्रीय संवेदनशीलता को नकारा नहीं जा सकता। असली सवाल यह है कि क्या यह गिरफ्तारी और निंदा यरुशलम में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक नीतिगत बदलाव में तब्दील होगी, या केवल कूटनीतिक औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यरुशलम में कैथोलिक नन पर हमला कैसे हुआ?
वायरल वीडियो के अनुसार, एक व्यक्ति पीछे से दौड़कर आया और सड़क पर चल रही फ्रांसीसी कैथोलिक नन को धक्का देकर गिरा दिया, फिर जमीन पर गिरी नन को लात मारी। एक राहगीर के हस्तक्षेप से नन को बचाया गया और उन्हें मामूली खरोंच आई।
इस हमले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया?
हाँ, इजरायली पुलिस ने इस मामले में 36 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
स्पेन ने इस हमले पर क्या कहा?
स्पेन के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर हमले की कड़ी निंदा की और दोषी को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की। साथ ही इजरायल से उपासना की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और यरुशलम में यथास्थिति का सम्मान करने का आग्रह किया।
पीड़ित नन कौन हैं और वे यरुशलम में क्या कर रही थीं?
पीड़ित नन यरुशलम स्थित फ्रेंच स्कूल ऑफ बाइबिल एंड आर्कियोलॉजिकल रिसर्च में शोधकर्ता हैं। यह जानकारी संस्थान के निदेशक फादर ओलिवियर पोक्विलन ने दी।
माउंट सियोन धार्मिक दृष्टि से इतना संवेदनशील क्यों है?
माउंट सियोन यहूदियों के लिए राजा डेविड की कब्र का स्थल माना जाता है, जबकि ईसाई इसे अंतिम भोज का पारंपरिक स्थल मानते हैं। यह क्षेत्र तीन प्रमुख धर्मों के लिए अत्यंत पवित्र और संवेदनशील है, इसलिए यहाँ होने वाली कोई भी घटना अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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