यरुशलम में फ्रांसीसी कैथोलिक नन पर हमला: स्पेन ने की कड़ी निंदा, इजरायल से उपासना की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग
सारांश
Key Takeaways
स्पेन के विदेश मंत्रालय ने यरुशलम में एक फ्रांसीसी कैथोलिक नन पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषी को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की है। साथ ही इजरायल से उपासना की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और यरुशलम में यथास्थिति बनाए रखने का आग्रह किया है। यह घटना माउंट सियोन के निकट हुई, जो यहूदी और ईसाई दोनों समुदायों के लिए अत्यंत पवित्र स्थल है।
हमले का पूरा घटनाक्रम
वायरल वीडियो के अनुसार, एक व्यक्ति सड़क पर चल रही नन के पीछे से दौड़कर आया और उन्हें जोरदार धक्का दे दिया। धक्का लगते ही नन ज़मीन पर गिर पड़ीं; सौभाग्य से उनका सिर पास ही बने सीमेंट के ब्लॉक से नहीं टकराया। हमलावर पहले वापस जाने लगा, फिर अगले ही पल लौटकर जमीन पर गिरी नन को लात मारने लगा। इतने में वहाँ मौजूद एक राहगीर नन के बचाव में आगे आ गया।
नन के चेहरे पर मामूली खरोंच आई, लेकिन उन्हें गंभीर चोट नहीं लगी। इजरायली पुलिस ने बताया कि इस मामले में 36 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
पीड़ित नन की पहचान
यरुशलम स्थित फ्रेंच स्कूल ऑफ बाइबिल एंड आर्कियोलॉजिकल रिसर्च के निदेशक फादर ओलिवियर पोक्विलन ने बताया कि पीड़ित नन उक्त संस्थान में एक शोधकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। घटनास्थल माउंट सियोन के पास है, जिसे यहूदी समुदाय राजा डेविड की कब्र के रूप में पूजता है और ईसाई इसे अंतिम भोज का पारंपरिक स्थल मानते हैं।
स्पेन की आधिकारिक प्रतिक्रिया
स्पेन के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, ''स्पेन की सरकार यरुशलम में एक फ्रांसीसी कैथोलिक नन पर हुए गंभीर हमले की कड़ी निंदा करती है। स्पेन पीड़ित के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करता है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है। इस अपराध के दोषी को अवश्य ही न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।''
पोस्ट में आगे कहा गया, ''इजरायल को उपासना की स्वतंत्रता की गारंटी देनी चाहिए, यरुशलम में यथास्थिति का सम्मान करना चाहिए और हिंसा की ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।''
इजरायल की प्रतिक्रिया
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना को 'शर्मनाक कृत्य' बताते हुए इसकी निंदा की। यह ऐसे समय में आया है जब यरुशलम में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय पहले से ही चिंतित है। गौरतलब है कि माउंट सियोन का क्षेत्र तीन प्रमुख धर्मों — यहूदी, ईसाई और इस्लाम — के लिए संवेदनशील माना जाता है।
आगे क्या होगा
इजरायली पुलिस द्वारा गिरफ्तार 36 वर्षीय आरोपी के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इजरायल सरकार यरुशलम में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।