त्रिपुरा के 20 शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए 'पिंक टॉयलेट' अंतिम चरण में, CM माणिक साहा ने की समीक्षा
सारांश
Key Takeaways
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शनिवार, 2 मई 2026 को शहरी विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के बाद घोषणा की कि राज्य के 20 शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए 'पिंक टॉयलेट' निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुँच चुका है। अगरतला नगर निगम क्षेत्र सहित सभी शहरी निकायों में स्थापित किए जा रहे ये शौचालय महिलाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और आसानी से पहचाने जाने योग्य सार्वजनिक वॉशरूम सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
पिंक टॉयलेट परियोजना: क्या है खास
मुख्यमंत्री साहा ने बताया कि यह पहल शहरी बुनियादी ढाँचे को समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये शौचालय विशेष रूप से महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किए गए हैं और इन्हें आसानी से पहचाना जा सके, इसके लिए विशिष्ट रंग-पहचान का उपयोग किया गया है। गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए उचित शौचालय सुविधाओं की कमी लंबे समय से एक प्रमुख शहरी समस्या रही है।
अन्य शहरी परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में अखौरा क्षेत्र में बांग्लादेश सीमा के निकट निर्माणाधीन लाइटहाउस प्रोजेक्ट की प्रगति की भी समीक्षा की गई और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही शहर अस्पताल परियोजना को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया ताकि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें। उदयपुर में गोमती नदी के किनारे चल रहे रिवरफ्रंट विकास परियोजना की भी समीक्षा की गई और मौजूदा पंप हाउसों के नियमित रखरखाव तथा आवश्यकतानुसार नए पंप हाउस निर्माण के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे तेजी से लगाने के निर्देश दिए। पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाएँ रोकने के लिए फुटपाथों पर रेलिंग लगाने पर भी बल दिया गया। अगरतला नगर निगम के अधिकारियों को त्योहारों के बाद मूर्तियों के पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) सुनिश्चित करने के साथ-साथ नियमित घर-घर कचरा संग्रहण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
बड़ी योजनाओं की प्रगति पर नज़र
इस बैठक में अमृत 2.0, स्मार्ट सिटी मिशन, एशियाई विकास बैंक समर्थित परियोजनाएँ, सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना, शहर सौंदर्यीकरण योजनाएँ और एसएएससीआई (SASCI) योजना की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी विकास परियोजनाएँ निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरी होनी चाहिए, और उनके पूर्ण होने के बाद नियमित रखरखाव व निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा, शहरी विकास विभाग के सचिव मिलिंद रामटेके, वित्त विभाग के सचिव अपूर्व रॉय, अगरतला नगर निगम आयुक्त साजू वाहिद ए., शहरी विकास निदेशक मेघा जैन और त्रिपुरा शहरी नियोजन एवं विकास प्राधिकरण आयुक्त मिहिर कांति गोपे सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि जनकल्याणकारी परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और गुणवत्ता बनाए रखना प्रशासन की जवाबदेही और जनता के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।