26 जून 2026
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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: भाजपा उम्मीदवार तपस रॉय का TMC पर तीखा हमला, बोले- 'जनता ने ममता-अभिषेक को सबक सिखाया'

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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: भाजपा उम्मीदवार तपस रॉय का TMC पर तीखा हमला, बोले- 'जनता ने ममता-अभिषेक को सबक सिखाया'

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा उम्मीदवार तपस चंद्र रॉय ने TMC पर हिंसा और मतदाताओं को रोकने के आरोप लगाए, जबकि पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी देबाशीष सेन ने माना कि 27 लाख मतदाता बिना किसी गलती के वोट नहीं डाल पाए — यह लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल है।

मुख्य बातें

मानिकतला से BJP उम्मीदवार तपस चंद्र रॉय ने TMC पर मतदाताओं को वोट डालने से रोकने का आरोप लगाया।
BJP उम्मीदवार रितेश तिवारी ने दावा किया कि TMC 200 सीटों से हारेगी।
पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी देबाशीष सेन ने कहा कि 27 लाख मतदाता बिना गलती के वोट नहीं डाल पाए।
SIR प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सेन ने दुख जताया।
तिवारी के अनुसार, 1952 के बाद यह पहला रक्तहीन चुनाव रहा — चुनाव आयोग की सराहना की।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पहले मानिकतला विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार तपस चंद्र रॉय ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे आरोप लगाए हैं। 2 मई 2026 को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि जनता ने सत्ताधारी दल को करारा जवाब दिया है।

तपस चंद्र रॉय के आरोप

तपस चंद्र रॉय ने कहा, "आज भी हिंसा हुई और लोगों को वोट डालने नहीं दिया गया। अभिषेक बनर्जी जीते, क्योंकि वे लोगों को वोट नहीं डालने देते और सेलो टेप लगा देते हैं। आगे देखेंगे कि वे कितने वोटों से जीतते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि जनता ने पश्चिम बंगाल सरकार, सत्ताधारी पार्टी, सीएम ममता बनर्जी तथा अभिषेक बनर्जी को सबक सिखा दिया है।

रॉय ने यह भी आरोप लगाया कि 2013 से 2024 तक पश्चिम बंगाल में सभी चुनाव "गुंडों और पुलिस के सहारे" संचालित किए गए। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "बंगाल में कुल 294 सीटें हैं। ममता ने 300 सीटों की बात की है, तो बाकी 6 सीटें कहाँ से आएंगी? मुझे नहीं पता।"

भाजपा उम्मीदवार रितेश तिवारी का दावा

भाजपा उम्मीदवार रितेश तिवारी ने भी TMC पर निशाना साधते हुए कहा, "मैं आपको गारंटी देता हूँ कि टीएमसी 200 सीटों से हारेगी। मैं लंबे समय से चुनावों को देख रहा हूँ और मैं यह समझ सकता हूँ कि एक जबरदस्त जीत होने वाली है।"

तिवारी ने यह भी कहा कि TMC के काउंटिंग एजेंटों को 2-3 बार बदला जा रहा है, जिसे उन्होंने दल के भीतर अविश्वास का संकेत बताया। उन्होंने चुनाव आयोग की सराहना करते हुए कहा कि 1952 से लेकर अब तक यह पहला ऐसा चुनाव है जो "पूरी तरह रक्तहीन रहा" — न बूथ पर कोई जान गई, न सड़कों पर।

पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी की प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी देबाशीष सेन ने चुनाव प्रक्रिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि धांधली या जबरदस्ती मतदान की कोई शिकायत नहीं थी और चुनाव का संचालन "बहुत अच्छा रहा।" हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि 27 लाख मतदाता बिना किसी गलती के अपना वोट नहीं डाल पाए, जो लोकतंत्र के लिए एक बड़ा झटका है।

सेन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के कारण इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर खेद व्यक्त किया। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष पहले से ही मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है।

आम जनता और लोकतंत्र पर असर

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का लंबा इतिहास रहा है। इस बार यदि भाजपा उम्मीदवारों का दावा सही है और चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा, तो यह राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक उल्लेखनीय बदलाव होगा। वहीं, 27 लाख मतदाताओं का मताधिकार से वंचित रहना एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

क्या होगा आगे

मतगणना के नतीजे तय करेंगे कि भाजपा के ये दावे कितने सटीक थे। यदि TMC को बड़ा झटका लगता है, तो यह ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य और बंगाल की सत्ता-संरचना दोनों के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी देबाशीष सेन का यह स्वीकार करना कि 27 लाख मतदाता बिना किसी गलती के वोट नहीं डाल पाए — यह महज़ प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से नाम हटाना और उसकी जवाबदेही का अभाव — यही वह मुद्दा है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चुनावी शोर में दबा देती है। बंगाल में हिंसा का न होना निश्चित रूप से सकारात्मक है, पर मताधिकार से वंचित लाखों नागरिक यह सवाल उठाते हैं कि शांतिपूर्ण मतदान और समावेशी मतदान — दोनों एक साथ सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी किसकी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में भाजपा ने TMC पर क्या आरोप लगाए?
मानिकतला से BJP उम्मीदवार तपस चंद्र रॉय ने आरोप लगाया कि TMC ने मतदाताओं को वोट डालने से रोका और चुनाव में हिंसा हुई। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर विशेष रूप से निशाना साधा।
27 लाख मतदाता वोट क्यों नहीं डाल पाए?
पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी देबाशीष सेन के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिससे 27 लाख मतदाता बिना किसी अपनी गलती के मताधिकार से वंचित रह गए।
रितेश तिवारी ने TMC के बारे में क्या दावा किया?
BJP उम्मीदवार रितेश तिवारी ने दावा किया कि TMC 200 सीटों से हारेगी और भाजपा की जबरदस्त जीत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि TMC अपने काउंटिंग एजेंटों को 2-3 बार बदल रही है।
क्या पश्चिम बंगाल 2026 का चुनाव शांतिपूर्ण रहा?
BJP उम्मीदवार रितेश तिवारी के अनुसार, 1952 के बाद यह पहला ऐसा चुनाव है जो पूरी तरह रक्तहीन रहा — न बूथ पर, न सड़कों पर किसी की जान गई। हालाँकि, तपस चंद्र रॉय ने कुछ स्थानों पर हिंसा का आरोप भी लगाया।
ममता बनर्जी के 300 सीटों के दावे पर BJP ने क्या कहा?
तपस चंद्र रॉय ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटें हैं, इसलिए ममता बनर्जी के 300 सीटें जीतने के दावे का कोई अर्थ नहीं बनता।
राष्ट्र प्रेस
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