दक्षिण गुजरात विनिर्माण हब बनने को तैयार: JP नड्डा ने VGRC में गिनाई गुजरात की आर्थिक ताकत
सारांश
Key Takeaways
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार, 3 मई 2025 को कहा कि दक्षिण गुजरात का एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरना राज्य की व्यापक आर्थिक शक्ति और चुनौतियों को अवसरों में बदलने की असाधारण क्षमता को रेखांकित करता है। वे सूरत के ऑरो विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
सम्मेलन की मुख्य बातें
नड्डा ने कहा कि इस सम्मेलन ने आने वाले वर्षों में दक्षिण गुजरात के लिए एक बड़ी आर्थिक छलांग लगाने की नींव रखी है। उन्होंने इस आयोजन को क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। यह सम्मेलन उद्योगपतियों, नीति-निर्माताओं और स्थानीय प्रशासन को एक मंच पर लाने का प्रयास था।
क्षेत्रीय उद्योगों की ताकत
क्षेत्रीय शक्तियों पर प्रकाश डालते हुए नड्डा ने कहा कि सूरत के हीरा और वस्त्र उद्योग तथा भरूच, दहेज और अंकलेश्वर के रसायन और उर्वरक क्लस्टर वैश्विक केंद्रों के रूप में विकसित हो चुके हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वस्त्र उद्योग अब आदिवासी क्षेत्रों से जुड़ रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे। उनके अनुसार यह क्षेत्र और राज्य दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
गुजरात की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में भूमिका
गुजरात के आर्थिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए नड्डा ने आँकड़े पेश किए — राज्य भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 8 प्रतिशत, विनिर्माण उत्पादन में 17 प्रतिशत, माल निर्यात में 27 प्रतिशत और कुल माल ढुलाई में 40 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात एक वैश्विक स्तर पर जुड़े और प्रतिस्पर्धी आर्थिक इंजन के रूप में उभरा है।
वाइब्रेंट गुजरात की विरासत
नीतिगत बदलावों का ज़िक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि 2003 से पहले उद्योगपतियों और सरकार के बीच एक गहरी खाई थी, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई 'वाइब्रेंट गुजरात' पहल ने संवाद और सहयोग की संस्कृति को जन्म दिया। गौरतलब है कि यह मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन चुका है और इसने भारत को वैश्विक निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्यों में से एक के रूप में स्थापित करने में योगदान दिया है।
वैश्विक अनिश्चितता में गुजरात का जवाब
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विनिर्माण क्षमता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए नड्डा ने कहा कि गुजरात ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, गिफ्ट सिटी और हाई-स्पीड रेल जैसी परियोजनाओं के माध्यम से यह दिखाया है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों को अवसर में बदला जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ पुनर्गठित हो रही हैं और भारत के लिए विनिर्माण में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने का अवसर है। आगे चलकर VGRC जैसे मंच क्षेत्रीय निवेश को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे।