दक्षिण गुजरात विनिर्माण हब बनने को तैयार: JP नड्डा ने VGRC में गिनाई गुजरात की आर्थिक ताकत

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दक्षिण गुजरात विनिर्माण हब बनने को तैयार: JP नड्डा ने VGRC में गिनाई गुजरात की आर्थिक ताकत

सारांश

सूरत के ऑरो विश्वविद्यालय में VGRC के समापन सत्र में JP नड्डा ने दक्षिण गुजरात को आर्थिक छलांग के लिए तैयार बताया। गुजरात के GDP में 8%, निर्यात में 27% और माल ढुलाई में 40% योगदान के आँकड़े पेश करते हुए उन्होंने 'वाइब्रेंट गुजरात' मॉडल को राष्ट्रीय निवेश संस्कृति का आधार बताया।

Key Takeaways

JP नड्डा ने सूरत में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) के समापन सत्र को संबोधित किया। गुजरात भारत की GDP में 8% , विनिर्माण उत्पादन में 17% , माल निर्यात में 27% और माल ढुलाई में 40% का योगदान देता है। सूरत के हीरा-वस्त्र उद्योग और भरूच, दहेज, अंकलेश्वर के रसायन-उर्वरक क्लस्टर वैश्विक केंद्र बन चुके हैं। वस्त्र उद्योग अब आदिवासी क्षेत्रों से जुड़ रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों के लिए नए अवसर खुलेंगे। 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू 'वाइब्रेंट गुजरात' पहल अब अन्य राज्यों के लिए मॉडल बन चुकी है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी , गिफ्ट सिटी और हाई-स्पीड रेल को वैश्विक चुनौतियों के बीच अवसर में बदलने के उदाहरण के रूप में पेश किया।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार, 3 मई 2025 को कहा कि दक्षिण गुजरात का एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरना राज्य की व्यापक आर्थिक शक्ति और चुनौतियों को अवसरों में बदलने की असाधारण क्षमता को रेखांकित करता है। वे सूरत के ऑरो विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

सम्मेलन की मुख्य बातें

नड्डा ने कहा कि इस सम्मेलन ने आने वाले वर्षों में दक्षिण गुजरात के लिए एक बड़ी आर्थिक छलांग लगाने की नींव रखी है। उन्होंने इस आयोजन को क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। यह सम्मेलन उद्योगपतियों, नीति-निर्माताओं और स्थानीय प्रशासन को एक मंच पर लाने का प्रयास था।

क्षेत्रीय उद्योगों की ताकत

क्षेत्रीय शक्तियों पर प्रकाश डालते हुए नड्डा ने कहा कि सूरत के हीरा और वस्त्र उद्योग तथा भरूच, दहेज और अंकलेश्वर के रसायन और उर्वरक क्लस्टर वैश्विक केंद्रों के रूप में विकसित हो चुके हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वस्त्र उद्योग अब आदिवासी क्षेत्रों से जुड़ रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे। उनके अनुसार यह क्षेत्र और राज्य दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

गुजरात की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में भूमिका

गुजरात के आर्थिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए नड्डा ने आँकड़े पेश किए — राज्य भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 8 प्रतिशत, विनिर्माण उत्पादन में 17 प्रतिशत, माल निर्यात में 27 प्रतिशत और कुल माल ढुलाई में 40 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात एक वैश्विक स्तर पर जुड़े और प्रतिस्पर्धी आर्थिक इंजन के रूप में उभरा है।

वाइब्रेंट गुजरात की विरासत

नीतिगत बदलावों का ज़िक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि 2003 से पहले उद्योगपतियों और सरकार के बीच एक गहरी खाई थी, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई 'वाइब्रेंट गुजरात' पहल ने संवाद और सहयोग की संस्कृति को जन्म दिया। गौरतलब है कि यह मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन चुका है और इसने भारत को वैश्विक निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्यों में से एक के रूप में स्थापित करने में योगदान दिया है।

वैश्विक अनिश्चितता में गुजरात का जवाब

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विनिर्माण क्षमता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए नड्डा ने कहा कि गुजरात ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, गिफ्ट सिटी और हाई-स्पीड रेल जैसी परियोजनाओं के माध्यम से यह दिखाया है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों को अवसर में बदला जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ पुनर्गठित हो रही हैं और भारत के लिए विनिर्माण में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने का अवसर है। आगे चलकर VGRC जैसे मंच क्षेत्रीय निवेश को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

Point of View

न कि व्यापक औद्योगिक विविधता पर। वाइब्रेंट गुजरात मॉडल की सफलता की कहानी अक्सर दोहराई जाती है, लेकिन यह सवाल कम पूछा जाता है कि आदिवासी क्षेत्रों में वस्त्र उद्योग के विस्तार से वास्तविक रोज़गार और आय में कितना सुधार हुआ है। VGRC जैसे मंच निवेश आकर्षित करने के लिए ज़रूरी हैं, पर असली परीक्षा यह है कि घोषणाएँ ज़मीनी स्तर पर रोज़गार और आय में कब और कैसे तब्दील होती हैं।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) क्या है?
VGRC वाइब्रेंट गुजरात समिट की क्षेत्रीय शाखा है, जो उद्योगपतियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाती है। सूरत में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य दक्षिण गुजरात में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देना था।
JP नड्डा ने गुजरात की अर्थव्यवस्था के बारे में क्या कहा?
नड्डा ने कहा कि गुजरात भारत की GDP में लगभग 8%, विनिर्माण उत्पादन में 17%, माल निर्यात में 27% और कुल माल ढुलाई में 40% का योगदान देता है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित एक प्रतिस्पर्धी आर्थिक इंजन का परिणाम बताया।
दक्षिण गुजरात के प्रमुख उद्योग कौन से हैं?
दक्षिण गुजरात में सूरत के हीरा और वस्त्र उद्योग तथा भरूच, दहेज और अंकलेश्वर के रसायन और उर्वरक क्लस्टर प्रमुख हैं। ये सभी वैश्विक केंद्रों के रूप में विकसित हो चुके हैं।
वाइब्रेंट गुजरात पहल कब और किसने शुरू की?
वाइब्रेंट गुजरात पहल 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की थी। इसका उद्देश्य उद्योगपतियों और सरकार के बीच संवाद और सहयोग की संस्कृति विकसित करना था, जो बाद में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन गई।
आदिवासी क्षेत्रों में वस्त्र उद्योग के विस्तार से क्या फायदा होगा?
नड्डा के अनुसार वस्त्र उद्योग का आदिवासी क्षेत्रों से जुड़ाव स्थानीय समुदायों के लिए रोज़गार और विकास के नए द्वार खोलेगा। यह कदम क्षेत्र और राज्य दोनों के समावेशी आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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