नीति आयोग में डॉ. जोराम आनिया और आर. बालासुब्रमण्यम की नियुक्ति, PM मोदी ने दी मंजूरी
सारांश
Key Takeaways
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 मई 2026 को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के ज़रिए डॉ. जोराम आनिया और आर. बालासुब्रमण्यम को नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी है। अरुणाचल प्रदेश की प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. आनिया की नियुक्ति को एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि वे पूर्वोत्तर भारत की किसी स्वदेशी पृष्ठभूमि से नीति आयोग में पूर्णकालिक सदस्य बनने वाली पहली महिलाओं में से हैं।
डॉ. जोराम आनिया: कौन हैं नई सदस्य
डॉ. जोराम आनिया एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और एसोसिएट प्रोफेसर हैं, जो अरुणाचल प्रदेश निजी शिक्षा नियामक आयोग की सदस्य भी रही हैं। उन्हें शिक्षण, अनुसंधान और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उनका विद्वतापूर्ण कार्य साहित्य, संस्कृति और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों तक विस्तृत है।
डॉ. आनिया को न्याशी समुदाय की पहली महिला होने का गौरव प्राप्त है जिन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की, और साथ ही वे अरुणाचल प्रदेश से हिंदी भाषा में पीएचडी करने वाली पहली महिला भी हैं। उन्होंने न्याशी भाषा और सांस्कृतिक विरासत पर कई पुस्तकों का लेखन और संपादन किया है, इसके अतिरिक्त अनेक शोध पत्र भी प्रकाशित किए हैं।
आर. बालासुब्रमण्यम: दूसरी नियुक्ति
आर. बालासुब्रमण्यम इससे पहले क्षमता निर्माण आयोग में सदस्य (मानव संसाधन) के पद पर कार्यरत थे। वे भारत की सिविल सेवाओं को डिजिटल रूप से प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई मिशन कर्मयोगी पहल से घनिष्ठ रूप से जुड़े रहे हैं। उन्होंने सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को दिशा देने वाले कर्मयोगी सक्षमता ढाँचे के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बालासुब्रमण्यम ने 'पावर विद इन: द लीडरशिप लेगेसी ऑफ नरेंद्र मोदी' नामक पुस्तक भी लिखी है। गौरतलब है कि उनकी नियुक्ति नीति आयोग के नए नेतृत्व ढाँचे को और मज़बूत करती है।
नीति आयोग में व्यापक बदलाव
यह नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा अशोक लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त करने के कुछ दिनों बाद हुई है। पश्चिम बंगाल से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक और著名 अर्थशास्त्री लाहिड़ी ने पदभार ग्रहण करने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की थी।
लाहिड़ी ने सुमन बेरी का स्थान लिया है, जो मई 2022 से उपाध्यक्ष पद पर थीं। यह ऐसे समय में आया है जब नीति आयोग को विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों की दिशा में नए सिरे से सक्रिय किया जा रहा है।
आगे क्या होगा
नई टीम के गठन के साथ नीति आयोग का ध्यान शिक्षा, स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों, सिविल सेवा सुधार और डिजिटल क्षमता निर्माण पर केंद्रित होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. आनिया की नियुक्ति पूर्वोत्तर भारत की आवाज़ को राष्ट्रीय नीति-निर्माण में और अधिक प्रतिनिधित्व दिलाएगी।