कुनिका सदानंद ने खोली टीवी इंडस्ट्री की पेमेंट देरी की पोल, नए एक्टर्स को 45-90 दिन का इंतज़ार
सारांश
Key Takeaways
मुंबई, 2 मई 2026 — अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने राष्ट्र प्रेस से खास बातचीत में टीवी इंडस्ट्री में नए कलाकारों के भुगतान में होने वाली व्यवस्थित देरी के मुद्दे को सार्वजनिक किया है। 'बिग बॉस 19' की पूर्व कंटेस्टेंट ने बताया कि यह समस्या दशक से अधिक समय से चली आ रही है, लेकिन नए और छोटे कलाकारों के लिए यह सबसे गंभीर है।
पेमेंट चेन में कहाँ होती है देरी
कुनिका ने विस्तार से समझाया कि पेमेंट देरी का कारण इंडस्ट्री की बहुस्तरीय संरचना है। उन्होंने कहा, "चैनलों को एडवरटाइजर से पैसे देर से मिलते हैं। फिर चैनल प्रोड्यूसर को पैसे देते हैं। इस पूरे कॉर्पोरेट सिस्टम की वजह से देरी होती है। पैसा पहले एडवरटाइजर से चैनल के पास, फिर चैनल से प्रोड्यूसर के पास जाता है। इसलिए स्वाभाविक रूप से 45 से 90 दिनों की देरी हो जाती है।" यह संरचनात्मक समस्या है, जो तब तक बनी रहेगी जब तक इंडस्ट्री अपने नकद प्रवाह को पुनर्गठित नहीं करती।
नए कलाकारों के सामने दोहरी मुश्किल
कुनिका ने बताया कि नए एक्टर्स के पास एक व्यावहारिक समाधान है — अपनी फीस अधिक निर्धारित करना — लेकिन यह रणनीति भी जोखिम भरी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई नया कलाकार अधिक फीस माँगता है, तो प्रोड्यूसर आसानी से किसी दूसरे को चुन सकते हैं। यह एक पकड़े हुए दाँव की स्थिति है — या तो कम फीस स्वीकार करो और देर से पेमेंट सहो, या अधिक माँग करो और भूमिका खो दो।
आर्थिक संकट और बफर सिस्टम की जरूरत
अभिनेत्री ने कहा, "हर कलाकार की जिंदगी में एक बफर सिस्टम होना चाहिए, लेकिन यह हर समय मुमकिन नहीं होता। यह एक बहुत गंभीर समस्या है।" गौरतलब है कि नए कलाकारों के पास अक्सर वह आर्थिक सुरक्षा नहीं होती जो उन्हें 2-3 महीने की पेमेंट देरी को सहन करने देती है। इसका मतलब है कि वे किराए, भोजन और अन्य खर्चों के लिए कर्ज़ या अनौपचारिक उधार पर निर्भर हो जाते हैं।
बड़े प्रोडक्शन हाउस का अपवाद
कुनिका ने बालाजी टेलीफिल्म्स जैसे बड़े प्रोडक्शन हाउसों की तारीफ की, जिनके पास पर्याप्त रिज़र्व फंड होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठनों से समय पर भुगतान की उम्मीद की जा सकती है, क्योंकि उनके पास स्थिर नकद प्रवाह और क्रेडिट लाइन होती हैं। छोटे और मध्यम प्रोडक्शन हाउस, जो अधिकांश नए कलाकारों को काम देते हैं, इस तरह की सुविधा नहीं रखते।
इंडस्ट्री में पहले भी उठी आवाज़
यह पहली बार नहीं है जब टीवी इंडस्ट्री में पेमेंट देरी का मुद्दा सामने आया है। अभिनेता वरुण बडोला और अर्जुन बिजलानी ने पहले इसी समस्या पर सार्वजनिक रूप से बात की है। यह दर्शाता है कि यह केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री-व्यापी संकट है।
आगे की राह और उम्मीद
कुनिका ने प्रोड्यूसर्स और चैनलों से आह्वान किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें। उन्होंने कहा कि नियमित भुगतान न केवल कलाकारों के लिए न्यायसंगत है, बल्कि इंडस्ट्री की सुस्थिरता के लिए भी आवश्यक है। जब तक टीवी चैनल और प्रोडक्शन हाउस अपने भुगतान चक्र को तेज़ नहीं करते, नए प्रतिभा आकर्षित करना और उन्हें बनाए रखना मुश्किल होगा।