26 जून 2026
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सियोल में अमेरिकी दूतावास के बाहर 500 लोगों का प्रदर्शन, दक्षिण कोरिया के मामलों में दखल का आरोप

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सियोल में अमेरिकी दूतावास के बाहर 500 लोगों का प्रदर्शन, दक्षिण कोरिया के मामलों में दखल का आरोप

सारांश

सियोल में 'कैंडललाइट एक्शन' के 500 प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास के बाहर मार्च किया और वॉशिंगटन पर राष्ट्रपति ली जे म्युंग को निशाना बनाने, हाइब मामले में दखल और खुफिया जानकारी रोकने के गंभीर आरोप लगाए — यह घटना दक्षिण कोरिया के गहरे राजनीतिक विभाजन और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव को उजागर करती है।

मुख्य बातें

2 मई 2026 को सियोल के ग्वांगवामुन इलाके में अमेरिकी दूतावास के बाहर करीब 500 लोगों ने प्रदर्शन किया।
प्रगतिशील नागरिक समूह 'कैंडललाइट एक्शन' ने अमेरिका पर राष्ट्रपति ली जे म्युंग को निशाना बनाने और दक्षिण कोरिया की संप्रभुता में दखल का आरोप लगाया।
अमेरिका द्वारा के-पॉप कंपनी हाइब के चेयरमैन बैंग सी-ह्युक के एग्जिट बैन हटाने की अनुरोध और मिशेल पार्क स्टील की राजदूत नियुक्ति की भी आलोचना हुई।
उसी दिन कंज़र्वेटिव समूह के करीब 6,000 लोगों ने अलग रैली की, जिसका नेतृत्व पादरी जियोन क्वांग-हून ने किया।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा; पुलिस की चेतावनी के बाद प्रदर्शनकारी बिना किसी झड़प के हट गए।

सियोल के ग्वांगवामुन इलाके में 2 मई 2026 को एक प्रगतिशील नागरिक समूह 'कैंडललाइट एक्शन' ने अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और अमेरिका पर दक्षिण कोरिया के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। पुलिस के मुताबिक, इस रैली में करीब 500 लोग शामिल हुए।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शनकारी जोंগগाक स्टेशन से मार्च करते हुए दूतावास के सामने पहुँचे और रैली की। उनके हाथों में तख्तियाँ थीं, जिन पर आरोप लगाया गया था कि अमेरिका दक्षिण कोरिया की संप्रभुता को कमज़ोर कर रहा है। पुलिस ने लाउडस्पीकर से दो बार चेतावनी दी, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक हट गए और कोई झड़प नहीं हुई।

प्रदर्शनकारियों के आरोप

योनहाप न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि अमेरिका दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग पर इसलिए 'हमला' कर रहा है क्योंकि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध में साथ देने से इनकार किया है और युद्धकालीन ऑपरेशनल कंट्रोल को जल्द वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं।

इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने के-पॉप एंटरटेनमेंट कंपनी हाइब के चेयरमैन बैंग सी-ह्युक पर लगे एग्जिट बैन को हटाने की अमेरिकी अनुरोध की भी आलोचना की। उनका तर्क था कि यह दक्षिण कोरिया के घरेलू न्यायिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने उत्तर कोरिया से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक लगा दी है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग ने एक अज्ञात उत्तर कोरियाई परमाणु सुविधा से जुड़ी साझा जानकारी को एकतरफा तरीके से सार्वजनिक कर दिया था।

वॉशिंगटन द्वारा मिशेल पार्क स्टील — एक कंज़र्वेटिव और पूर्व रिपब्लिकन सांसद — को दक्षिण कोरिया का नया राजदूत नियुक्त करने के फैसले की भी इस रैली में आलोचना की गई।

कंज़र्वेटिव समूह का अलग प्रदर्शन

उसी दिन कुछ घंटे पहले, करीब 6,000 लोगों ने एक अलग प्रदर्शन किया, जो एक कंज़र्वेटिव समूह से जुड़ा था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कट्टरपंथी पादरी जियोन क्वांग-हून कर रहे थे। इन प्रदर्शनकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल द्वारा लगाए गए अल्पकालिक मार्शल लॉ को सही ठहराया और कहा कि देश के संकट में नेता को ऐसा कदम उठाने का अधिकार है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरिया में राजनीतिक ध्रुवीकरण चरम पर है। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में भी कंज़र्वेटिव और प्रगतिशील समूहों ने अलग-अलग रैलियाँ की थीं, जब एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल को 2024 में मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश के मामले में उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। यह दक्षिण कोरिया में प्रगतिशील और कंज़र्वेटिव खेमों के बीच बढ़ती खाई को दर्शाता है, और अमेरिका-दक्षिण कोरिया संबंधों में तनाव के नए आयाम सामने आ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अमेरिका की प्रतिक्रियाएँ — खुफिया जानकारी रोकना, हाइब मामले में हस्तक्षेप — इस असहजता को और गहरा कर रही हैं। एक मनोरंजन कंपनी के चेयरमैन के एग्जिट बैन पर राजनयिक दबाव जैसे असामान्य कदम बताते हैं कि दोनों देशों के बीच तनाव अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा। यून सुक-योल के मार्शल लॉ प्रकरण की छाया में हो रहे ये प्रदर्शन दर्शाते हैं कि दक्षिण कोरियाई समाज का ध्रुवीकरण अभी थमा नहीं है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सियोल में अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन क्यों हुआ?
'कैंडललाइट एक्शन' नामक प्रगतिशील नागरिक समूह ने 2 मई 2026 को अमेरिका पर दक्षिण कोरिया के अंदरूनी मामलों में दखल देने का आरोप लगाते हुए यह प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका राष्ट्रपति ली जे म्युंग को निशाना बना रहा है और हाइब के चेयरमैन बैंग सी-ह्युक के एग्जिट बैन मामले में भी दखल दे रहा है।
'कैंडललाइट एक्शन' समूह क्या है?
'कैंडललाइट एक्शन' दक्षिण कोरिया का एक प्रगतिशील नागरिक समूह है जो सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सड़क प्रदर्शन करता रहा है। इस समूह ने फरवरी 2026 में भी रैली की थी, जब पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल को मार्शल लॉ मामले में उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी।
हाइब के चेयरमैन बैंग सी-ह्युक पर एग्जिट बैन क्यों है और अमेरिका ने क्या किया?
बैंग सी-ह्युक पर दक्षिण कोरिया में कानूनी कार्यवाही के तहत एग्जिट बैन लगाया गया है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, अमेरिका ने इस बैन को हटाने की अनुरोध की, जिसे प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण कोरिया के घरेलू न्यायिक मामलों में अस्वीकार्य हस्तक्षेप बताया।
दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच खुफिया जानकारी पर विवाद क्या है?
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, अमेरिका ने उत्तर कोरिया से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा करना बंद कर दिया है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग ने एक अज्ञात उत्तर कोरियाई परमाणु सुविधा से जुड़ी जानकारी एकतरफा तरीके से सार्वजनिक कर दी थी।
उसी दिन कंज़र्वेटिव समूह ने क्या प्रदर्शन किया?
2 मई 2026 को ही करीब 6,000 लोगों ने एक अलग कंज़र्वेटिव रैली की, जिसका नेतृत्व पादरी जियोन क्वांग-हून ने किया। इन प्रदर्शनकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल के मार्शल लॉ के फैसले को सही ठहराया।
राष्ट्र प्रेस
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