राजीव गांधी की पुण्यतिथि: PM मोदी सहित कांग्रेस नेताओं ने 'वीर भूमि' पर दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि।' इसके साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीर भूमि पहुँचकर उन्हें नमन करने के लिए एकत्र हुए।
वीर भूमि पर श्रद्धांजलि समारोह
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और सोनिया गांधी बुधवार को वीर भूमि पहुँचे और राजीव गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। यह स्थल राजीव गांधी का समाधि-स्थल है, जहाँ प्रतिवर्ष उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होता है।
कांग्रेस और राज्य नेताओं की प्रतिक्रिया
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के आधिकारिक एक्स अकाउंट से लिखा गया, 'भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन। राजीव गांधी का दूरदर्शी नेतृत्व, देश के प्रति समर्पण और उनके विचार कांग्रेस परिवार को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।'
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपनी एक्स पोस्ट में राजीव गांधी को 'भारत रत्न' का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसे आधुनिक भारत की कल्पना की थी जो टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और युवाओं की आकांक्षाओं से संचालित हो। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सार्वजनिक जीवन के शुरुआती वर्षों में राजीव गांधी के मार्गदर्शन के लिए वे उनके आभारी हैं।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लिखा कि सूचना प्रौद्योगिकी, पंचायती राज व्यवस्था और युवा भारत की भागीदारी को लेकर राजीव गांधी के योगदान ने देश के विकास को नई गति दी।
कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी पोस्ट में कहा कि राजीव गांधी को पंचायती राज को मज़बूत करने, मतदान की आयु 18 वर्ष करने और पंचायती राज तथा स्थानीय निकायों में महिला आरक्षण के ऐतिहासिक निर्णयों के लिए सदैव याद किया जाएगा।
राजीव गांधी की विरासत
राजीव गांधी भारत के सातवें प्रधानमंत्री थे और उनकी हत्या 21 मई 1991 को चुनाव प्रचार के दौरान श्रीपेरंबुदूर, तमिलनाडु में हुई थी। उन्हें देश में सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्रांति की आधारशिला रखने वाले नेता के रूप में याद किया जाता है। गौरतलब है कि उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
राजनीतिक महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावी चुनौतियों के बीच अपनी विरासत और पहचान को पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी का श्रद्धांजलि देना एक संवैधानिक परंपरा के रूप में देखा जाता है, जिसमें सत्तारूढ़ दल पूर्व प्रधानमंत्रियों को उनकी पुण्यतिथि पर याद करता है। आने वाले वर्षों में राजीव गांधी की विरासत से जुड़ी नीतिगत बहसें — विशेषकर तकनीक और पंचायती राज — राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनी रहेंगी।