राजीव गांधी पुण्यतिथि: खड़गे ने एक्स पर साझा किया 'युवा राष्ट्र' वाला ऐतिहासिक संदेश, वीर भूमि पर उमड़े कांग्रेस नेता

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राजीव गांधी पुण्यतिथि: खड़गे ने एक्स पर साझा किया 'युवा राष्ट्र' वाला ऐतिहासिक संदेश, वीर भूमि पर उमड़े कांग्रेस नेता

सारांश

राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर खड़गे ने एक्स पर उनका 'युवा राष्ट्र' वाला ऐतिहासिक संदेश साझा किया और उनकी नीतिगत विरासत को रेखांकित किया। सोनिया, राहुल व प्रियंका गांधी वीर भूमि पहुँचे; मणिशंकर अय्यर ने कहा कि उस सपने को नष्ट करने का प्रयास हो रहा है।

मुख्य बातें

21 मई 2025 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं ने वीर भूमि, नई दिल्ली में श्रद्धांजलि अर्पित की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर राजीव गांधी का 'भारत को प्रथम रैंक में लाने' वाला ऐतिहासिक संदेश साझा किया।
सोनिया गांधी , राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता वीर भूमि पहुँचे।
खड़गे ने राजीव गांधी के कार्यकाल में मतदान आयु 18 वर्ष , पंचायती राज , दूरसंचार क्रांति और सार्वभौमिक टीकाकरण जैसे कदमों को उनकी विरासत बताया।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि राजीव गांधी के सपने को 'नष्ट करने का बड़ा प्रयास' हो रहा है।
सांसद वरुण चौधरी ने मौजूदा सरकार पर परोक्ष निशाना साधते हुए 'विश्वगुरु' दावे और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर किया।

पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर 21 मई 2025 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राजीव गांधी के एक ऐतिहासिक संदेश को साझा करते हुए कहा कि उनकी विरासत आज भी आधुनिक भारत को आकार दे रही है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली स्थित वीर भूमि पहुँचकर उन्हें नमन किया।

खड़गे का श्रद्धांजलि संदेश

खड़गे ने एक्स पर राजीव गांधी का वह ऐतिहासिक कथन साझा किया जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था, 'भारत एक प्राचीन देश, लेकिन एक युवा राष्ट्र है। मैं युवा हूं और मेरा भी एक सपना है। मेरा सपना है — भारत को मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और दुनिया के सभी देशों में से प्रथम रैंक में लाना और मानव जाति की सेवा करना।'

खड़गे ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'उनकी पुण्यतिथि पर हम पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। वे भारत के एक ऐसे असाधारण सपूत थे, जिन्होंने पूरे देश में लाखों लोगों के मन में आशा और आकांक्षा जगाई।'

राजीव गांधी की नीतिगत विरासत

खड़गे ने राजीव गांधी के कार्यकाल के परिवर्तनकारी कदमों को भी रेखांकित किया। इनमें मतदान की आयु घटाकर 18 वर्ष करना, पंचायती राज के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाना, दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति की नींव रखना, कम्प्यूटरीकरण को बढ़ावा देना, सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करना और समावेशी शिक्षा पर केंद्रित प्रगतिशील शिक्षा नीति लागू करना शामिल हैं। गौरतलब है कि ये नीतियाँ भारत के डिजिटल और लोकतांत्रिक ढाँचे की आधारशिला मानी जाती हैं।

वीर भूमि पर नेताओं की उपस्थिति और प्रतिक्रियाएँ

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने वीर भूमि पर कहा, 'यहाँ जो कुछ लिखा है उसे फिर से पढ़ा जाना चाहिए, क्योंकि कुछ ही पंक्तियों में यह बताया गया है कि उनके जीवन का क्या अर्थ था, उनका क्या संदेश था और उन्होंने किस तरह के भारत की कल्पना की थी। आज, उस सपने को लगभग नष्ट करने का एक बड़ा प्रयास किया जा रहा है।'

कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर ने कहा, 'वे एक ऐसे नेता थे, जिनके जैसा इंसान मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा। वे बहुत दयालु और सचमुच एक मानवीय व्यक्ति थे।' उन्होंने यह भी कहा कि राजीव गांधी की सोच वैज्ञानिक थी और उनके पास युवाओं के लिए एक स्पष्ट विजन था।

हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, 'राजीव गांधी का भारत के लिए, और विशेष रूप से युवाओं के लिए, एक विजन था। पूरे देश को उनसे बहुत उम्मीदें थीं।'

मौजूदा राजनीति पर कांग्रेस का निशाना

कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने पुण्यतिथि के अवसर पर मौजूदा सरकार पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री को समस्याओं को सुलझाने के लिए चुना जाता है, लेकिन यहाँ तो यह कहा जा रहा है कि समस्याएं उल्टे बढ़ाई जा रही हैं। जहाँ एक ओर यह दावा किया जा रहा है कि देश विश्वगुरु बन रहा है, वहीं जमीनी स्तर पर ऐसे परिणाम साफ तौर पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।'

यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस राजीव गांधी की विरासत को अपनी वैचारिक पहचान के केंद्र में रखकर आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर रही है। आने वाले दिनों में पार्टी उनकी नीतियों को आधार बनाकर अपना विकल्प-आख्यान और मजबूत करने की कोशिश करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अपनी वैचारिक जड़ों को पुनः स्थापित करने की राजनीतिक कवायद भी है। खड़गे का एक्स पोस्ट और अय्यर की तीखी टिप्पणी यह संकेत देती है कि पार्टी राजीव गांधी की विरासत को मौजूदा सरकार की नीतियों के विरुद्ध एक वैकल्पिक आख्यान के रूप में पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है। हालाँकि, यह भी उल्लेखनीय है कि राजीव गांधी के कार्यकाल की कुछ नीतियाँ — विशेषकर 1984 के दंगों से जुड़े सवाल — आज भी विवादित हैं, जिन पर मुख्यधारा की कवरेज प्रायः मौन रहती है। विरासत की राजनीति तब अधिक विश्वसनीय होती है जब वह पूरे इतिहास को स्वीकार करे, न कि केवल चुनिंदा उपलब्धियों को।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव गांधी की पुण्यतिथि कब है और इस वर्ष क्या हुआ?
राजीव गांधी की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 21 मई को मनाई जाती है। इस वर्ष 21 मई 2025 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता नई दिल्ली स्थित वीर भूमि पहुँचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
खड़गे ने एक्स पर राजीव गांधी का कौन-सा संदेश साझा किया?
खड़गे ने राजीव गांधी का वह ऐतिहासिक कथन साझा किया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत एक प्राचीन देश लेकिन युवा राष्ट्र है और उनका सपना भारत को मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और दुनिया में प्रथम रैंक पर लाना है। खड़गे ने इसके साथ राजीव गांधी की नीतिगत उपलब्धियाँ भी गिनाईं।
राजीव गांधी की प्रमुख नीतिगत विरासत क्या मानी जाती है?
कांग्रेस के अनुसार राजीव गांधी की विरासत में मतदान आयु 18 वर्ष करना, पंचायती राज को सशक्त बनाना, दूरसंचार और IT क्रांति की नींव रखना, कम्प्यूटरीकरण को बढ़ावा देना, सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम और समावेशी शिक्षा नीति शामिल हैं।
मणिशंकर अय्यर ने वीर भूमि पर क्या कहा?
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि वीर भूमि पर जो लिखा है उसे फिर से पढ़ा जाना चाहिए क्योंकि वह राजीव गांधी के जीवन और सपने का सार है। उन्होंने यह भी कहा कि आज उस सपने को लगभग नष्ट करने का एक बड़ा प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने मौजूदा सरकार पर क्या टिप्पणी की?
वरुण चौधरी ने कहा कि जहाँ देश को 'विश्वगुरु' बनाने का दावा किया जा रहा है, वहीं जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाई नहीं दे रहे और जनता की भावनाओं के विपरीत कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने पड़ोसी देशों और वैश्विक हालात का हवाला देते हुए स्थिति को अनुकूल नहीं बताया।
राष्ट्र प्रेस
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