माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व डेवलपर डिवीजन प्रमुख एस. सोमा सोमसेगर का 59 वर्ष की आयु में निधन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय-अमेरिकी टेक्नोलॉजी लीडर और माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एस. सोमा सोमसेगर का 19 मई 2026 को निधन हो गया। वह 59 वर्ष के थे। उनके जाने से सिलिकॉन वैली, सिएटल और वैश्विक टेक कम्युनिटी में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है। परिवार की ओर से जारी संदेश में कहा गया, "भारी दुख के साथ हम अपने प्रिय पति और पिता एस. सोमसेगर — जिन्हें प्यार से सोमा कहा जाता था — के 19 मई 2026 को निधन की खबर साझा कर रहे हैं।"
माइक्रोसॉफ्ट में 27 वर्षों की विरासत
सोमसेगर जनवरी 1989 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े और लगभग 27 वर्षों तक कंपनी में काम किया। उन्होंने कंपनी के डेवलपर डिवीजन का नेतृत्व किया, जिसमें विजुअल स्टूडियो और डॉट नेट जैसे महत्वपूर्ण उत्पाद शामिल थे। 1998 में उन्होंने हैदराबाद में माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना में अहम भूमिका निभाई, जो आगे चलकर भारत में माइक्रोसॉफ्ट की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग उपस्थिति बनी।
पत्रकार टॉम वॉरेन ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सोमसेगर ने माइक्रोसॉफ्ट में 27 साल बिताए और डेवलपर डिवीजन का नेतृत्व किया। उन्होंने यह भी कहा कि सिएटल की टेक दुनिया में उनकी बड़ी पहचान थी। माइक्रोसॉफ्ट के कई पूर्व कर्मचारियों और स्टार्टअप फाउंडर्स ने उन्हें एक शांत, लेकिन बेहद प्रभावशाली व्यक्ति बताया, जिन्होंने कंपनी को क्लाउड और डेवलपर-केंद्रित दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मैड्रोना वेंचर ग्रुप और निवेश की दुनिया में योगदान
2015 में माइक्रोसॉफ्ट छोड़ने के बाद सोमसेगर मैड्रोना वेंचर ग्रुप से जुड़े, जहाँ उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट एप्लिकेशन से जुड़े निवेशों पर काम किया। इसके अतिरिक्त, सितंबर 2024 से वह ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर कंपनी यूआईपाथ (UiPath) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी शामिल थे।
यूआईपाथ ने अपने बयान में कहा, "एस. 'सोमा' सोमसेगर के असमय निधन की खबर से हमें गहरा दुख हुआ है। हमारी संवेदनाएं उनकी पत्नी अकिला, उनकी बेटियों और मैड्रोना में उनके साथियों के साथ हैं।" कंपनी ने उन्हें एक भरोसेमंद सलाहकार और शानदार नेता बताया।
श्रद्धांजलियों का सिलसिला
भारतीय-अमेरिकी उद्यमी और व्हाइट हाउस के एआई सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने एक्स पर लिखा, "यह बताना मुश्किल है कि सोमा का मुझ पर और आरती पर कितना बड़ा असर था। उन्होंने हमें कॉलेज के समय पहचाना, हमारी पहली नौकरी दिलाने में मदद की और खुद माइक्रोसॉफ्ट में बड़े पद पर होने के बावजूद हमारे जैसे जूनियर लोगों के लिए हमेशा समय निकाला और बहुत अपनापन दिया।" उन्होंने कहा कि आज उनकी जो जिंदगी और करियर है, उसमें सोमसेगर का बहुत बड़ा योगदान है।
ओपनएआई एप्लिकेशंस के सीटीओ विजयी राज ने कहा कि वह सबसे दयालु लोगों में से एक थे जिन्हें वह जानते थे। उन्होंने हमेशा लोगों की मदद की, अपना समय और अनुभव खुलकर साझा किया और सिर्फ अपने साथ होने भर से लोगों को बेहतर बना देते थे।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और व्यापक प्रभाव
सोमसेगर ने चेन्नई के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग गिंडी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए, जहाँ उन्होंने लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। आगे चलकर वह सिएटल क्षेत्र के सबसे प्रमुख भारतीय मूल के टेक अधिकारियों में शामिल हो गए।
गीकवायर में प्रकाशित एक विस्तृत श्रद्धांजलि लेख में उन्हें 'डेवलपर्स और स्टार्टअप्स का सच्चा समर्थक' कहा गया। चेन्नई के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग गिंडी के पूर्व छात्र चिन्नु सेंथिलकुमार ने लिखा, "उन्होंने विंडोज एनटी पर महत्वपूर्ण काम किया, हैदराबाद में इंडिया डेवलपमेंट सेंटर शुरू किया और डेवलपर डिवीजन का नेतृत्व करते हुए डॉट नेट और दुनियाभर के लाखों डेवलपर्स का समर्थन किया।" ऑनलाइन श्रद्धांजलियों के अनुसार, वह सिएटल ऑर्कस क्रिकेट फ्रेंचाइजी से भी जुड़े हुए थे। टेक उद्योग में उनकी विरासत उन अनगिनत फाउंडर्स, इंजीनियरों और निवेशकों के करियर में जीवित रहेगी जिन्हें उन्होंने मार्गदर्शन दिया।