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विशाखापत्तनम तट पर लापता 7 मछुआरों में से 1 सुरक्षित, 6 की तलाश में नौसेना-कोस्ट गार्ड का संयुक्त अभियान

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विशाखापत्तनम तट पर लापता 7 मछुआरों में से 1 सुरक्षित, 6 की तलाश में नौसेना-कोस्ट गार्ड का संयुक्त अभियान

सारांश

विशाखापत्तनम से 1 जुलाई को निकले 7 मछुआरों में से एक — नाव मालिक कारे चिन्नैया — 5 जुलाई को एक व्यावसायिक जहाज के जरिए सुरक्षित बचाए गए। बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर और तकनीकी खराबी से फँसे शेष 6 की तलाश में नौसेना हेलीकॉप्टर, कोस्ट गार्ड और मरीन पुलिस का संयुक्त अभियान जारी है।

मुख्य बातें

विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से 1 जुलाई को निकले 7 मछुआरे बंगाल की खाड़ी में लापता हो गए।
नाव मालिक कारे चिन्नैया को 5 जुलाई को एक व्यावसायिक जहाज के चालक दल ने सुरक्षित बचाया।
शेष 6 मछुआरों की तलाश में कोस्ट गार्ड , भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर और मरीन पुलिस संयुक्त अभियान चला रहे हैं।
गंगावरम तट के पास नाव में तकनीकी खराबी और लो प्रेशर एरिया से मौसम बिगड़ना संकट का कारण बना।
चंद्रबाबू नायडू ने कुप्पम से फोन पर अभियान की समीक्षा की और परिवारों की मदद के निर्देश दिए।

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम तट से 1 जुलाई 2025 को मछली पकड़ने निकले सात मछुआरों में से एक — नाव मालिक कारे चिन्नैया5 जुलाई को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि शेष छह मछुआरों की तलाश में कोस्ट गार्ड, भारतीय नौसेना और मरीन पुलिस का संयुक्त सर्च ऑपरेशन जारी है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण मौसम बिगड़ने और नाव में तकनीकी खराबी आने के बाद यह संकट उत्पन्न हुआ।

कैसे शुरू हुआ संकट

विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों के ये सात मछुआरे 1 जुलाई को विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से समुद्र में निकले थे। इसी दौरान बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बनने से मौसम अचानक बिगड़ गया। परिजनों ने मोबाइल फोन पर संपर्क कर उन्हें सतर्क किया, और मछुआरों ने 4 जुलाई की दोपहर तक लौटने का भरोसा दिलाया था।

तय समय पर वापसी न होने और मोबाइल फोन बंद मिलने के बाद परिजनों ने तत्काल कोस्ट गार्ड और मरीन पुलिस को सूचित किया। अधिकारियों के अनुसार गंगावरम तट के पास नाव में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते वह समय पर बंदरगाह नहीं लौट सकी।

चिन्नैया का बचाव और नई सुराग

रविवार को एक व्यावसायिक जहाज के चालक दल ने समुद्र में कारे चिन्नैया को सुरक्षित बचाकर तट पर पहुँचाया। बताया जा रहा है कि उसी चालक दल ने पाँच अन्य मछुआरों को भी देखा था, लेकिन परिस्थितियों के कारण केवल चिन्नैया ही जहाज पर चढ़ सके। चिन्नैया द्वारा दी गई स्थान संबंधी जानकारी के आधार पर बचाव एजेंसियों ने तलाश का दायरा और तेज कर दिया है।

मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चित्तूर जिले के कुप्पम से वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात कर अभियान की पूरी जानकारी ली और सर्च ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने मरीन आईजी और विशाखापत्तनम पुलिस आयुक्त को आपसी समन्वय बनाए रखने और हर प्रगति की सूचना देने को कहा।

नायडू ने मंत्री अच्चन्नायडू और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि लापता मछुआरों के परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाए।

संयुक्त बचाव अभियान की स्थिति

रविवार सुबह से भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर भी खोज अभियान में शामिल हो गए हैं। कोस्ट गार्ड का एक जहाज बंगाल की खाड़ी में लापता नाव की तलाश में सक्रिय है। तीनों एजेंसियाँ — कोस्ट गार्ड, नौसेना और मरीन पुलिस — संयुक्त रूप से अभियान का संचालन कर रही हैं।

आगे क्या

चिन्नैया द्वारा दिए गए संकेतों के आधार पर बचाव दल उस क्षेत्र में केंद्रित है जहाँ शेष मछुआरों को आखिरी बार देखा गया था। परिजन तट पर प्रतीक्षारत हैं और अधिकारी लगातार अपडेट दे रहे हैं। समुद्री मौसम में सुधार होने पर अभियान और गति पकड़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी मछुआरों की नावों में रियल-टाइम ट्रैकिंग और आपातकालीन संचार उपकरणों की व्यापक तैनाती अब भी अधूरी है। मुख्यमंत्री का त्वरित हस्तक्षेप स्वागतयोग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार मानसून-पूर्व मछुआरा सुरक्षा प्रोटोकॉल को संस्थागत रूप देगी — या यह चिंता अगली घटना तक फिर से पृष्ठभूमि में चली जाएगी।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखापत्तनम के लापता मछुआरे कब और कहाँ से निकले थे?
विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों के ये सात मछुआरे 1 जुलाई 2025 को विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से मछली पकड़ने के लिए समुद्र में निकले थे। बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बनने से मौसम बिगड़ा और गंगावरम तट के पास नाव में तकनीकी खराबी आ गई।
कारे चिन्नैया को कैसे बचाया गया?
5 जुलाई को एक व्यावसायिक जहाज के चालक दल ने समुद्र में नाव मालिक कारे चिन्नैया को देखकर उन्हें बचाया और तट पर पहुँचाया। उसी चालक दल ने पाँच अन्य मछुआरों को भी देखा था, लेकिन परिस्थितियों के कारण केवल चिन्नैया ही जहाज पर चढ़ सके।
लापता मछुआरों की तलाश में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
कोस्ट गार्ड, भारतीय नौसेना और मरीन पुलिस संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। रविवार सुबह से नौसेना के हेलीकॉप्टर भी खोज अभियान में शामिल हो गए हैं और कोस्ट गार्ड का एक जहाज बंगाल की खाड़ी में तलाश कर रहा है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चित्तूर जिले के कुप्पम से वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात कर अभियान की समीक्षा की। उन्होंने मरीन आईजी और विशाखापत्तनम पुलिस आयुक्त को समन्वय के साथ अभियान चलाने, तथा मंत्री अच्चन्नायडू और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को परिवारों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए।
मछुआरे समय पर वापस क्यों नहीं लौट सके?
अधिकारियों के अनुसार दो मुख्य कारण रहे — बंगाल की खाड़ी में अचानक बना लो प्रेशर एरिया जिससे समुद्री मौसम बिगड़ा, और गंगावरम तट के पास नाव में आई तकनीकी खराबी। मछुआरों ने परिजनों को 4 जुलाई की दोपहर तक लौटने का भरोसा दिलाया था, लेकिन इन दोनों कारणों से वापसी संभव नहीं हो सकी।
राष्ट्र प्रेस
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