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क्या श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के 12 मछुआरों को गिरफ्तार किया?

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क्या श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के 12 मछुआरों को गिरफ्तार किया?

सारांश

चेन्नई के तटीय इलाके में श्रीलंकाई नौसेना द्वारा 12 मछुआरों की गिरफ्तारी ने फिर से सीमा विवाद को हवा दी है। मछुआरों की आजीविका पर इसका प्रभाव गहरा पड़ सकता है। क्या सरकार इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई करेगी?

मुख्य बातें

श्रीलंकाई नौसेना ने 12 मछुआरों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी का कारण गैरकानूनी शिकार है।
मछुआरों की आजीविका पर गहरा प्रभाव।

चेन्नई, 23 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंकाई नौसेना के जवानों ने मंगलवार को तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र से 12 मछुआरों को गिरफ्तार किया। इन पर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा में गैरकानूनी शिकार का आरोप लगाया गया है।

हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर पाक जलडमरूमध्य में भारतीय मछुआरों के सामने आ रही समस्याओं पर प्रकाश डाला है।

तमिलनाडु मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ये मछुआरे रामेश्वरम और रामनाथपुरम जिले के थंगाचिमाडम के निवासी हैं। खबर है कि मछुआरे धनुषकोडी और तलाईमन्नार के बीच मछली पकड़ रहे थे, तभी श्रीलंकाई नौसेना की एक निगरानी टुकड़ी ने उन्हें रोक लिया।

मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि श्रीलंकाई नौसेना के गश्ती दल ने मछुआरों को पकड़ लिया और उन्हें उनकी नाव के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए श्रीलंका के एक नौसैनिक बंदरगाह पर ले जाया गया।

गिरफ्तार मछुआरों पर समुद्री सीमा रेखा पार करने और श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने का आरोप है; यह एक ऐसा आरोप है जिसका भारतीय मछुआरे अक्सर मछली पकड़ने के क्षेत्र की संकीर्ण और विवादित प्रकृति का हवाला देते हुए विरोध करते हैं।

सोमवार (22 दिसंबर) को, रामेश्वरम फिशिंग जेटी से मछुआरों को लगभग 450 टोकन जारी किए गए थे, जो क्रिसमस और नए साल की अवधि से पहले क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मछली पकड़ने के अभियान का संकेत देता है।

अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई नाव थंगाचिमाडम के मंथोप्पु के एक मछुआरे जोथीबास की थी। हालांकि ये औपचारिक रूप से अधिकारियों के पास पंजीकृत नहीं था, लेकिन उसने मछली पकड़ने का टोकन प्राप्त कर लिया था। ये एक बड़ी गलती है जो नियामक खामियों को लेकर सवाल खड़े करती है।

गिरफ्तार किए गए 12 मछुआरों में प्रभात (28), जेम्स हीटन (29), और एंटनी (32) शामिल हैं, जो सभी अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य हैं।

उनकी गिरफ्तारी की खबर से रामेश्वरम और पड़ोसी तटीय गांवों के मछुआरे काफी चिंतित हैं। स्थानीय मछुआरों ने बार-बार होने वाली गिरफ्तारियों और नावों को जब्त करने पर गहरी चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि इससे उनकी आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने तमिलनाडु सरकार और केंद्र सरकार दोनों से राजनयिक रूप से हस्तक्षेप करने और गिरफ्तार मछुआरों और जब्त की गई नाव को जल्द से जल्द छुड़ाने की अपील की है।

उम्मीद है कि क्षेत्र का मछुआरा संघ मंगलवार को एक आपातकालीन बैठक बुला कर इस घटना पर विचार-विमर्श कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटनाक्रम एक बार फिर श्रीलंकाई जलक्षेत्र में मछुआरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की चर्चा को प्रासंगिक बनाता है। हमें इस मुद्दे पर राजनैतिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है ताकि मछुआरों की आजीविका को सुरक्षित किया जा सके।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीलंकाई नौसेना ने क्यों मछुआरों को गिरफ्तार किया?
मछुआरों पर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा में गैरकानूनी शिकार का आरोप लगाया गया है।
गिरफ्तार मछुआरों की स्थिति क्या है?
गिरफ्तार मछुआरों को श्रीलंका के एक नौसैनिक बंदरगाह पर ले जाया गया है।
इस घटना का स्थानीय मछुआरों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
इस घटना से स्थानीय मछुआरों में चिंता और आजीविका पर प्रभाव पड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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