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बीएमसी को तीन हिस्सों में बांटो: कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई, यूसीसी पर बोले — 'मैं इसके पक्ष में हूं'

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बीएमसी को तीन हिस्सों में बांटो: कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई, यूसीसी पर बोले — 'मैं इसके पक्ष में हूं'

सारांश

कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने एक साथ दो बड़े बयान दिए — बीएमसी को तीन हिस्सों में बांटने की माँग और यूसीसी के समर्थन में खुलकर बोलना। दोनों ही मुद्दों पर उनका रुख पार्टी की मुख्यधारा से अलग दिखता है और नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने 5 जुलाई को माँग की कि बीएमसी को तीन अलग नगर निगमों में विभाजित किया जाए।
दलवाई ने कहा कि एक ही कमिश्नर के लिए पूरे मुंबई की निगरानी संभव नहीं — यह व्यवस्था की समस्या है।
ठेका प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने खराब कॉन्ट्रैक्टरों को ब्लैकलिस्ट करने की माँग की।
यूसीसी पर दलवाई ने कहा — 'मैं बिल्कुल भी इसके खिलाफ नहीं हूं', लेकिन ड्राफ्ट पहले सार्वजनिक करने की शर्त रखी।
संसद के मॉनसून सत्र (20 जुलाई – 13 अगस्त) पर कहा कि विपक्ष को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं मिलता।

कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने 5 जुलाई को मुंबई में मांग की कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को तीन अलग-अलग नगर निगमों में विभाजित किया जाए, क्योंकि मौजूदा ढाँचे में एक ही प्रशासनिक तंत्र से इतने विशाल शहर का प्रभावी प्रबंधन संभव नहीं है। इसी बातचीत में उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर अपनी पार्टी की आम धारा से अलग रुख अपनाते हुए कहा कि वे इसके विरोध में नहीं हैं।

बीएमसी विभाजन की मांग

दलवाई ने कहा, 'बीएमसी का दायरा इतना बड़ा हो गया है कि मेरे हिसाब से इसे तीन अलग-अलग नगर निगमों में बांट देना चाहिए। एक ही कमिश्नर के लिए हर जगह जाकर हालात की निगरानी करना संभव नहीं है। अतिरिक्त आयुक्त भी हर स्थान पर नहीं पहुंच सकते। यह उनकी व्यक्तिगत गलती नहीं, बल्कि व्यवस्था की समस्या है।'

गौरतलब है कि बीएमसी एशिया के सबसे धनी नगर निगमों में से एक है और मुंबई की करोड़ों की आबादी के लिए नागरिक सेवाओं की जिम्मेदारी इसी पर है। प्रशासनिक विकेंद्रीकरण की यह माँग नई नहीं है — शहरी नीति विशेषज्ञ लंबे समय से तर्क देते आए हैं कि एकल निकाय के लिए इतने विस्तृत क्षेत्र का संचालन दक्षता को कमजोर करता है।

भ्रष्टाचार के आरोप

दलवाई ने ठेका प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'निचले स्तर पर स्थिति यह है कि कॉन्ट्रैक्ट मिलने पर पैसे मांगे जाते हैं और इसके बाद कॉन्ट्रैक्टर खराब तरीके से काम करता है। बाद में जिम्मेदार व्यक्ति कॉन्ट्रैक्टर को नहीं पकड़ते। खराब काम करने वाले कॉन्ट्रैक्टरों को ब्लैक लिस्टेड कर देना चाहिए।'

यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब बीएमसी में चुनाव लंबे समय से लंबित हैं और निगम पर प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तनाव बना हुआ है।

यूसीसी पर दलवाई का रुख

कांग्रेस नेता ने समान नागरिक संहिता पर अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा, 'मैं बिल्कुल भी यूसीसी के खिलाफ नहीं हूं। मैं इसका स्वागत करूंगा, लेकिन यूसीसी ड्राफ्ट लोगों तक आना चाहिए। पढ़ने के बाद हम लोग भी अपने सुझाव रख सकते हैं। इसमें जल्दबाजी करने की जरूरत क्यों है?'

उन्होंने बहुविवाह के मुद्दे पर कहा कि शिक्षा बढ़ने के साथ मुस्लिम समाज में बहुविवाह की प्रवृत्ति घटी है और मुस्लिमों में बच्चों की संख्या भी कम हो रही है। दलवाई ने यह भी कहा कि बहुविवाह केवल मुस्लिमों तक सीमित नहीं है — उनके अनुसार जैन और हिंदू समुदायों में भी एक से अधिक विवाह के मामले देखे जाते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यूसीसी पर कांग्रेस की आधिकारिक भूमिका पार्टी का हाईकमान तय करेगा, और उनके विचार व्यक्तिगत हैं।

संसद के मॉनसून सत्र पर टिप्पणी

20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले संसद के मॉनसून सत्र पर दलवाई ने कहा कि विपक्ष के सदस्यों को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता और सदन में हंगामे के बीच सही सवाल उठाना कठिन हो जाता है।

आगे क्या

बीएमसी विभाजन की माँग को राजनीतिक समर्थन मिलता है या नहीं, यह देखना होगा — विशेषकर तब जब निगम चुनाव की तारीखें अभी तय नहीं हैं। यूसीसी पर दलवाई का रुख कांग्रेस के भीतर बहस को और तेज कर सकता है, क्योंकि पार्टी अब तक इस मुद्दे पर सावधानीपूर्वक अस्पष्ट रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ऐसे समय में आई है जब निगम चुनाव लंबित हैं और राजनीतिक दल सत्ता-संरचना को अपने अनुकूल ढालने की कोशिश में हैं। ठेका भ्रष्टाचार के आरोप नए नहीं हैं, पर जब तक ब्लैकलिस्टिंग की माँग के साथ कोई विधायी प्रस्ताव नहीं आता, यह केवल बयानबाजी बनकर रह जाती है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुसैन दलवाई ने बीएमसी को तीन हिस्सों में बांटने की माँग क्यों की?
दलवाई का तर्क है कि बीएमसी का क्षेत्र इतना विशाल हो गया है कि एक कमिश्नर और अतिरिक्त आयुक्त पूरे मुंबई की निगरानी प्रभावी ढंग से नहीं कर सकते। उन्होंने इसे व्यक्तिगत नहीं, बल्कि व्यवस्थागत समस्या बताया और तीन अलग नगर निगमों के गठन को समाधान माना।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई का यूसीसी पर क्या रुख है?
दलवाई ने स्पष्ट कहा कि वे समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के खिलाफ नहीं हैं और इसका स्वागत करेंगे। हालाँकि उन्होंने माँग की कि यूसीसी का ड्राफ्ट पहले सार्वजनिक किया जाए ताकि नागरिक और विशेषज्ञ अपने सुझाव दे सकें।
बीएमसी में ठेका भ्रष्टाचार पर दलवाई ने क्या कहा?
उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका मिलने के बाद रिश्वत माँगी जाती है और खराब काम करने वाले कॉन्ट्रैक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। दलवाई ने ऐसे कॉन्ट्रैक्टरों को ब्लैकलिस्ट करने की माँग की।
संसद के मॉनसून सत्र पर दलवाई का क्या कहना है?
20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले मॉनसून सत्र पर दलवाई ने कहा कि विपक्ष के सदस्यों को बोलने का उचित अवसर नहीं मिलता और सदन में हंगामे के कारण महत्वपूर्ण सवाल नहीं उठाए जा पाते।
क्या यूसीसी पर दलवाई का बयान कांग्रेस की आधिकारिक नीति है?
नहीं। दलवाई ने स्वयं स्पष्ट किया कि यूसीसी पर कांग्रेस की आधिकारिक भूमिका पार्टी का हाईकमान तय करेगा। उनका बयान उनका व्यक्तिगत मत है, पार्टी की नीति नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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