टीएमसी की हार पर बिस्वजीत देब का बड़ा बयान: अति-आत्मविश्वास, भ्रष्टाचार और आई-पैक बने पतन की वजह
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और मिजोरम के एडवोकेट जनरल बिस्वजीत देब ने पार्टी की हालिया चुनावी हार के लिए अति-आत्मविश्वास, घमंड और व्यापक भ्रष्टाचार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। 29 मई को कोलकाता में दिए गए अपने बयान में देब ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं को यह पहले से दिख रहा था कि हालात हाथ से निकल रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
बिस्वजीत देब ने कहा, "हम जमीनी स्तर पर थे और समझ सकते थे कि हालात धीरे-धीरे हाथ से निकल रहे थे। पिछले पाँच सालों में भ्रष्टाचार चरम पर था। हर विभाग में भ्रष्टाचार के मामले सामने आए, कई मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को गिरफ्तार किया गया।" उन्होंने आगे कहा कि कुछ आरोपी नेताओं को दोबारा टिकट दिए जाने से जनता में गहरा रोष पैदा हुआ। इसके अलावा, लगभग 26,000 शिक्षकों की नौकरियाँ जाने और आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड ने जनता के गुस्से को और हवा दी।
अभिषेक बनर्जी और आई-पैक पर सवाल
देब ने अभिषेक बनर्जी की भूमिका पर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर बहुत ज्यादा भरोसा किया। अभिषेक ने पार्टी को कॉर्पोरेट संस्था बनाने की कोशिश की, जबकि राजनीतिक पार्टी जमीनी स्तर पर काम करती है।" उन्होंने यह भी कहा कि जमीनी कार्यकर्ताओं को न पहचान मिली और न सम्मान, और सारा संवाद केवल आई-पैक के माध्यम से होता था। देब के अनुसार, आरोप है कि आई-पैक टिकट दिलाने के बदले पैसे माँगता था — हालाँकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पार्टी छोड़ने पर फैसला बाकी
देब ने यह भी बताया कि वे दो दिनों के भीतर पार्टी छोड़ने या न छोड़ने का निर्णय लेंगे। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को भी उचित ठहराया और कहा कि यह जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग का वैध अधिकार है।
बकरीद और सौगत रॉय की प्रतिक्रिया
टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने बकरीद के शांतिपूर्ण आयोजन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा, "बकरीद शांतिपूर्ण ढंग से गुजरी। मेरे इलाके कमरहटी में करीब 10,000 लोगों ने बकरीद की नमाज में हिस्सा लिया।" उन्होंने बताया कि इस बार ब्रिगेड ग्राउंड में बेहतर व्यवस्था के चलते कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जबकि पहले रेड रोड और शहीद मीनार पर नमाज होती थी।
भाजपा पर हमले का आरोप और पुलिस की भूमिका
सौगत रॉय ने कोलकाता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) द्वारा सुरक्षा इंतजामों की तारीफ किए जाने पर नाराजगी जताई और कहा कि वह अधिकारी सरकार के प्रवक्ता की भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं पर टीएमसी सदस्यों पर हमले का आरोप लगाते हुए इसे पुलिस की लापरवाही करार दिया। उन्होंने कहा, "हम शांतिपूर्वक पुलिस थाने में ज्ञापन देने गए थे। वहाँ भाजपा के कुछ लोग बाहर आ गए और नारे लगाने लगे।" यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव का माहौल बना हुआ है।