मोहम्मद अजमल सिद्दीकी का टीएमसी से इस्तीफा, अभिषेक बनर्जी के कार्यशैली पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्य सचिव (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने शनिवार, 6 जून 2026 को पार्टी के सभी पदों और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे एक विस्तृत पत्र में सिद्दीकी ने पार्टी के भीतर केंद्रीकृत नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी को अपने इस निर्णय की प्रमुख वजह बताया।
इस्तीफे की वजह
सिद्दीकी ने अपने पत्र में लिखा कि यह फैसला हल्के में नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि वे पार्टी को अपना समय, ऊर्जा और प्रतिबद्धता देते रहे हैं, लेकिन पार्टी के मौजूदा माहौल और कामकाज से उनकी 'गहरी नाराजगी' है। उनके अनुसार, वह लोकतांत्रिक भावना जो कभी सामूहिक चर्चा और साझा निर्णय को बढ़ावा देती थी, अब काफी कमजोर पड़ चुकी है।
अभिषेक बनर्जी पर सीधा निशाना
सिद्दीकी ने विशेष रूप से अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अभिषेक के नेतृत्व में पार्टी के मामलों और कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के तरीके ने ऐसा माहौल बना दिया है जहाँ लंबे समय से काम कर रहे और वफादार सदस्य खुद को 'कमतर और हाशिए पर' महसूस करते हैं। उनके अनुसार, अधिकार का एक ही जगह केंद्रित हो जाना और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उचित सलाह-मशविरा न होना, जिम्मेदारियों को सही ढंग से निभाने में बाधा बन रहा है।
जमीनी कार्यकर्ताओं की पीड़ा
सिद्दीकी ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों में कई मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया, किनारे कर दिया गया और उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की सच्ची चिंताएँ अक्सर अनसुनी रह जाती हैं, जिससे पार्टी के पक्के सदस्यों में निराशा बढ़ रही है।
ममता बनर्जी की बढ़ती मुश्किलें
यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी वरिष्ठ टीएमसी नेता ने पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र और अभिषेक बनर्जी की बढ़ती भूमिका पर सार्वजनिक रूप से असहमति जताई हो। सिद्दीकी ने पत्र के अंत में ममता बनर्जी और पार्टी को भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए अपने इस्तीफे को तुरंत स्वीकार करने की गुजारिश की।
आगे देखना होगा कि टीएमसी नेतृत्व इस इस्तीफे पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या पार्टी के भीतर असंतुष्ट धड़े को एकजुट करने की कोई कोशिश होती है।