22 जुलाई 2026
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टीएमसी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव अजमल सिद्दीकी का इस्तीफा, अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल

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टीएमसी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव अजमल सिद्दीकी का इस्तीफा, अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल

सारांश

टीएमसी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने पार्टी छोड़ दी — और जाते-जाते अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सीधा हमला बोला। सत्ता के केंद्रीकरण और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का यह आरोप टीएमसी के भीतर गहरे संगठनात्मक तनाव की ओर इशारा करता है।

मुख्य बातें

मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने 6 जून 2026 को टीएमसी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया।
इस्तीफे का प्रमुख कारण अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली और पार्टी में सत्ता का अत्यधिक केंद्रीकरण बताया गया।
सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि मेहनती और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को लगातार हाशिये पर धकेला जा रहा है।
उन्होंने ममता बनर्जी को पत्र लिखकर इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने का अनुरोध किया।
टीएमसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने 6 जून 2026 को पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने त्यागपत्र में पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली और संगठन के मौजूदा माहौल को इस निर्णय का प्रमुख कारण बताया है।

इस्तीफे की पृष्ठभूमि

सिद्दीकी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को संबोधित अपने पत्र में लिखा कि यह फैसला उन्होंने गहरे मनन-चिंतन के बाद लिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी को उन्होंने अपना समय, ऊर्जा और समर्पण दिया तथा हमेशा संगठन और कार्यकर्ताओं के हित में काम किया। उनके अनुसार, ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही, किंतु अब वह खुद को पार्टी के साथ आगे नहीं जोड़ पा रहे हैं।

अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर आरोप

सिद्दीकी ने अपने पत्र में विशेष रूप से अभिषेक बनर्जी की कार्यप्रणाली को निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा, 'मेरे अनुभव में पार्टी मामलों को संभालने और कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार करने का उनका तरीका ऐसा माहौल बना रहा है, जिसमें लंबे समय से जुड़े और निष्ठावान कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित और हाशिये पर महसूस कर रहे हैं। सत्ता का अत्यधिक केंद्रीकरण और कार्यकर्ताओं से पर्याप्त सलाह-मशविरा न होने के कारण मेरे जैसे लोगों के लिए अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना मुश्किल हो गया है।'

जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप

सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की गई, उन्हें किनारे किया गया और उन्हें वह सम्मान नहीं दिया गया जिसके वे हकदार थे। उनके अनुसार पार्टी के भीतर संवाद और सामूहिक निर्णय लेने की लोकतांत्रिक परंपरा काफी कमजोर हो गई है, जिससे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ी है। यह ऐसे समय में आया है जब टीएमसी पश्चिम बंगाल में अपनी संगठनात्मक पकड़ को और मजबूत करने में जुटी है।

इस्तीफे की औपचारिक मांग

पत्र के अंत में सिद्दीकी ने राज्य सचिव (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) के रूप में मिले अवसरों के लिए ममता बनर्जी का आभार जताया। उन्होंने अनुरोध किया कि उनके इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार करते हुए उन्हें पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से मुक्त किया जाए। साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

आगे क्या

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब टीएमसी के किसी वरिष्ठ नेता ने अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हों। सिद्दीकी के इस्तीफे से पार्टी के अल्पसंख्यक वर्ग में संगठनात्मक असंतोष की चर्चाओं को नई हवा मिलने की संभावना है। टीएमसी की ओर से अभी तक इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक निर्णय' की शैली पर सवाल पहले भी उठे हैं, लेकिन अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जैसे संवेदनशील विभाग से इस्तीफा टीएमसी के सामाजिक आधार में दरार की आशंका को गहरा करता है। मुख्यधारा की कवरेज इसे महज एक व्यक्तिगत विवाद की तरह पेश करती है, जबकि असली सवाल यह है कि क्या ममता बनर्जी संगठनात्मक लोकतंत्र की माँग को नजरअंदाज कर सकती हैं जब 2026 के चुनावी समीकरण पहले से ही जटिल हैं।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने टीएमसी से इस्तीफा क्यों दिया?
सिद्दीकी ने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली, सत्ता के अत्यधिक केंद्रीकरण और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी को इस्तीफे का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी में लोकतांत्रिक संवाद की परंपरा कमजोर हो गई है।
अजमल सिद्दीकी टीएमसी में किस पद पर थे?
मोहम्मद अजमल सिद्दीकी तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव थे। उन्होंने 6 जून 2026 को पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया।
सिद्दीकी ने अभिषेक बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी की कार्यप्रणाली ऐसा माहौल बना रही है जिसमें लंबे समय से जुड़े निष्ठावान कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं से पर्याप्त सलाह-मशविरा न होने के कारण जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन मुश्किल हो गया।
क्या टीएमसी ने इस इस्तीफे पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक तृणमूल कांग्रेस की ओर से सिद्दीकी के इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सिद्दीकी ने ममता बनर्जी से इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
इस इस्तीफे का टीएमसी पर क्या असर पड़ सकता है?
अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जैसे संवेदनशील विभाग से वरिष्ठ नेता का इस्तीफा पार्टी के सामाजिक आधार में असंतोष की आशंका को बढ़ाता है। यह टीएमसी के भीतर संगठनात्मक तनाव को लेकर चल रही चर्चाओं को नई हवा दे सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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