23 जुलाई 2026
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तृणमूल कांग्रेस संकट पर तारिक अनवर: 'मौकापरस्त छोड़ेंगे पार्टी, बुरे वक्त में पहचान होती है सच्चे कार्यकर्ता की'

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तृणमूल कांग्रेस संकट पर तारिक अनवर: 'मौकापरस्त छोड़ेंगे पार्टी, बुरे वक्त में पहचान होती है सच्चे कार्यकर्ता की'

सारांश

TMC में इस्तीफों की लहर पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने दो टूक कहा — मौकापरस्त हमेशा बुरे वक्त में साथ छोड़ते हैं। अजमल सिद्दीकी के अभिषेक बनर्जी पर आरोपों को उन्होंने 'हार के बाद की मौकापरस्ती' करार दिया और कहा कि सच्चे कार्यकर्ता मुश्किल में भी डटे रहते हैं।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 7 जून 2026 को TMC संकट पर बयान दिया, कहा — मौकापरस्त लोग पार्टी छोड़ेंगे।
TMC नेता मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया, जिसमें राज्य सचिव (अल्पसंख्यक सेल) का पद शामिल है।
सिद्दीकी ने कहा था कि अभिषेक बनर्जी के साथ काम करना मुश्किल है — अनवर ने इसे 'हार के बाद का आरोप' बताया।
अनवर ने DMK को सलाह दी कि तमिलनाडु में BJP की बढ़त रोकना ज़रूरी है।
अनवर ने कांग्रेस के दो बड़े बंटवारों का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टियाँ संकट से उबरती हैं।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 7 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रही आंतरिक उठापटक और हालिया इस्तीफों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है और मौकापरस्त लोग हमेशा मुश्किल वक्त में साथ छोड़ देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुरे दौर में ही किसी पार्टी के सच्चे और समर्पित कार्यकर्ताओं की असली पहचान होती है।

तारिक अनवर का बयान

अनवर ने कहा, 'हर राजनीतिक पार्टी के सफर में ऐसी स्थितियाँ आती हैं। लोग पार्टी छोड़ते हैं और बंटवारे होते हैं। कांग्रेस का उदाहरण लें — इसमें दो बार बड़े बंटवारे हुए, फिर भी कांग्रेस बाद में उभरी और सत्ता में लौटी। मौकापरस्त लोग पार्टी छोड़ते हैं, क्योंकि उनके लिए व्यक्तिगत हित सबसे ऊपर होते हैं, जबकि पार्टी हित दूसरे नंबर पर आता है। तृणमूल कांग्रेस में भी जो लोग मौकापरस्त हैं, वे पार्टी छोड़ देंगे।'

अजमल सिद्दीकी के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया

TMC नेता मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने शनिवार को पार्टी के सभी पदों — जिसमें राज्य सचिव (अल्पसंख्यक सेल) का पद भी शामिल है — और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह भी कहा था कि अभिषेक बनर्जी के साथ काम करना मुश्किल है।

इस पर तारिक अनवर ने कहा, 'अगर इस दावे को सच मान भी लिया जाए, तो ऐसी बातें तब उठानी चाहिए थीं जब टीएमसी सत्ता में थी। हारने के बाद ऐसे आरोप लगाना मौकापरस्ती है। जब पार्टी सत्ता और सरकार में थी, तब ये बातें कहने की हिम्मत होनी चाहिए थी।'

सिद्दीकी का पक्ष

TMC प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे अपने इस्तीफे के पत्र में सिद्दीकी ने कहा कि यह निर्णय हल्के में नहीं लिया गया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने पार्टी के लिए अपना समय, ऊर्जा और प्रतिबद्धता दी और हमेशा संगठन व कार्यकर्ताओं के हित में काम किया। ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही, लेकिन काफी सोच-विचार के बाद वे इस नतीजे पर पहुँचे कि अब वे पार्टी से अपना जुड़ाव बनाए रखने की स्थिति में नहीं हैं।

डीएमके को सलाह

तारिक अनवर ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) को भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में चुनाव के बाद जो राजनीतिक स्थिति बनी है, उसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) या उसके गठबंधन को रोकना ज़रूरी है। उनके अनुसार, अगर BJP की बढ़त पर लगाम नहीं लगाई गई तो विपक्षी दलों को नुकसान उठाना पड़ेगा।

आगे क्या

TMC में आंतरिक असंतोष के ये संकेत ऐसे समय में आए हैं जब पार्टी चुनावी दबाव का सामना कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सिद्दीकी जैसे नेताओं के जाने से पार्टी के अल्पसंख्यक वर्ग में संदेश जाता है। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि ममता बनर्जी इस स्थिति को कैसे संभालती हैं और क्या और नेता इस्तीफे की राह पकड़ते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक राजनीतिक चतुराई भी है — कांग्रेस अपने प्रमुख विपक्षी सहयोगी TMC की कमज़ोरी को 'सामान्य' बताकर INDIA गठबंधन की एकता की छवि बचाने की कोशिश कर रही है। सिद्दीकी का इस्तीफा केवल व्यक्तिगत असंतोष नहीं, बल्कि TMC में अल्पसंख्यक नेतृत्व की उपेक्षा का संकेत भी हो सकता है — जिस पर अनवर का जवाब 'समय पर बोलना चाहिए था' कहकर मूल सवाल को टाल देता है। असली सवाल यह है कि क्या ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC अपने भीतर के असंतोष को संस्थागत तरीके से सुनती है, या केवल चुनावी जीत तक सब ठीक रहता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारिक अनवर ने TMC संकट पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि हर राजनीतिक पार्टी में उतार-चढ़ाव आते हैं और मौकापरस्त लोग बुरे वक्त में पार्टी छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि सच्चे कार्यकर्ता मुश्किल समय में भी पार्टी के साथ खड़े रहते हैं।
अजमल सिद्दीकी ने TMC क्यों छोड़ी?
TMC नेता मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने शनिवार को पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने ममता बनर्जी को लिखे पत्र में कहा कि काफी सोच-विचार के बाद वे पार्टी से जुड़ाव बनाए रखने की स्थिति में नहीं हैं, और यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी के साथ काम करना मुश्किल है।
तारिक अनवर ने सिद्दीकी के आरोपों पर क्या कहा?
अनवर ने कहा कि अगर अभिषेक बनर्जी पर लगाए गए आरोप सच भी हों, तो ये बातें तब उठानी चाहिए थीं जब TMC सत्ता में थी। उनके अनुसार, हारने के बाद ऐसे आरोप लगाना मौकापरस्ती की निशानी है।
तारिक अनवर ने DMK को क्या सलाह दी?
अनवर ने DMK को सलाह दी कि तमिलनाडु में चुनाव के बाद जो राजनीतिक स्थिति बनी है, उसमें BJP और उसके गठबंधन की बढ़त को रोकना ज़रूरी है। उन्होंने चेताया कि ऐसा न करने पर विपक्षी दलों को नुकसान होगा।
TMC में आंतरिक संकट का असर क्या होगा?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सिद्दीकी जैसे अल्पसंख्यक नेताओं के जाने से TMC की अल्पसंख्यक वर्ग में पकड़ कमज़ोर हो सकती है। यह देखना अहम होगा कि ममता बनर्जी इस असंतोष को कैसे संभालती हैं और क्या और नेता इस्तीफे की राह पकड़ते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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