12 जुलाई 2026
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टीएमसी को बड़ा झटका: चार बार की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सभी संगठनात्मक पदों से दिया इस्तीफा

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टीएमसी को बड़ा झटका: चार बार की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सभी संगठनात्मक पदों से दिया इस्तीफा

सारांश

चार दशक की वफादारी के बाद काकोली घोष दस्तीदार का TMC के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा पार्टी के भीतर गहरी दरार का संकेत है। मुख्य सचेतक पद छिनने, अभद्र व्यवहार और आरजी कर मामले पर नेतृत्व के रवैये से उपजी यह नाराजगी ममता बनर्जी की पार्टी के लिए असहज सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

काकोली घोष दस्तीदार ने 27 मई 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सभी संगठनात्मक पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया।
इस्तीफा पत्र TMC प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजा गया; उन्होंने पार्टी की सामान्य सदस्यता बनाए रखने की बात कही।
उन्होंने लोकसभा मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा और एक महिला सांसद के प्रति 'अशिक्षित और अभद्र' व्यवहार का आरोप लगाया।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में अगस्त 2024 की दुष्कर्म-हत्या घटना पर पार्टी नेतृत्व के रवैये और भ्रष्टाचार आरोपों को दबाने की कोशिशों पर भी निराशा जताई।
इससे पहले वह बारासात जिला TMC अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे चुकी थीं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता और बारासात से चार बार की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने 27 मई 2026 को पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह इस्तीफा पत्र तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पार्टी की सामान्य सदस्य बनी रहेंगी।

इस्तीफे में क्या कहा

अपने पत्र में घोष दस्तीदार ने लिखा, 'बेहद पीड़ा और चिंता के साथ मैं अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस की चेयरपर्सन समेत पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों, समितियों और जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे रही हूं।' उन्होंने कहा कि जब एक महिला सांसद के प्रति किसी 'अशिक्षित और अभद्र' पार्टी सांसद के व्यवहार को रोका नहीं जा सकता और पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से सहयोग व सहानुभूति नहीं मिलती, तब किसी पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं रह जाता।

कल्याण बनर्जी पर अप्रत्यक्ष निशाना

घोष दस्तीदार ने अपने पत्र में लोकसभा में पार्टी के मौजूदा मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा, जिन्होंने उनकी जगह यह पद संभाला था। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने उन्हें हटाकर लोकसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक बदल दिया था, जिसके बाद से उनकी पार्टी नेतृत्व से नाराजगी बढ़ती रही।

भ्रष्टाचार और आरजी कर मामले पर निराशा

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा कुछ नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को दबाने की कोशिशों से वह बेहद आहत हैं। इसके साथ ही उन्होंने कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अगस्त 2024 में एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की घटना पर पार्टी नेतृत्व के रवैये को लेकर भी गहरी निराशा जताई।

चार दशक की वफादारी का सवाल

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब घोष दस्तीदार ने पार्टी पद छोड़ा हो — इससे पहले वह बारासात में तृणमूल कांग्रेस की जिला अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे चुकी हैं। उस दौर में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट किया था, जिसमें लिखा था: '1976 से उन्हें जानती हूं, 1984 से साथ चल रही हूं। चार दशक की वफादारी का यही इनाम मिला।'

आगे क्या होगा

यह कदम ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक समीक्षा बैठक में बारासात की सांसद के रूप में हिस्सा लिया था। पार्टी की प्राथमिक सदस्यता बनाए रखने के उनके फैसले से संकेत मिलता है कि यह विवाद अभी और गहरा हो सकता है, और TMC नेतृत्व के लिए यह एक संवेदनशील राजनीतिक क्षण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि TMC के भीतर उस बढ़ते असंतोष का प्रतिबिंब है जो वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को हाशिये पर धकेले जाने से उपज रहा है। चार दशक की निष्ठा के बावजूद मुख्य सचेतक पद छिनना और आरजी कर जैसे संवेदनशील मामले पर नेतृत्व की चुप्पी — ये दोनों मुद्दे पार्टी की आंतरिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाते हैं। ममता बनर्जी की पार्टी में केंद्रीकृत नेतृत्व शैली और असहमति के लिए सीमित जगह की आलोचना नई नहीं है, लेकिन एक सार्वजनिक और दस्तावेज़ी इस्तीफे से यह विवाद अब राजनीतिक दबाव में बदल सकता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काकोली घोष दस्तीदार ने TMC के पदों से इस्तीफा क्यों दिया?
उन्होंने पार्टी नेतृत्व से सहयोग न मिलने, एक महिला सांसद के प्रति 'अशिक्षित और अभद्र' व्यवहार को न रोके जाने, भ्रष्टाचार के आरोपों को दबाने की कोशिशों और आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले पर नेतृत्व के रवैये को लेकर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में पद पर बने रहने का कोई अर्थ नहीं।
काकोली घोष दस्तीदार कौन हैं?
वह पश्चिम बंगाल के बारासात लोकसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की चार बार की सांसद हैं और अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस की चेयरपर्सन रही हैं। वह 1984 से पार्टी नेत्री ममता बनर्जी के साथ जुड़ी हैं।
क्या काकोली घोष दस्तीदार TMC छोड़ रही हैं?
नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह तृणमूल कांग्रेस की सामान्य सदस्य बनी रहेंगी, केवल सभी संगठनात्मक पदों, समितियों और जिम्मेदारियों से इस्तीफा दिया है।
कल्याण बनर्जी और काकोली घोष दस्तीदार के बीच विवाद क्या है?
कथित तौर पर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने घोष दस्तीदार को हटाकर कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक बनाया था। घोष दस्तीदार ने अपने इस्तीफे में बनर्जी पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए उनके व्यवहार को 'अशिक्षित और अभद्र' बताया।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले का इस इस्तीफे से क्या संबंध है?
काकोली घोष दस्तीदार ने अपने इस्तीफा पत्र में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में अगस्त 2024 में एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की घटना पर पार्टी नेतृत्व के रवैये को लेकर निराशा जताई। यह मुद्दा उनकी पार्टी नेतृत्व से नाराजगी के प्रमुख कारणों में से एक बताया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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