13 जुलाई 2026
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काकोली घोष का कल्याण बनर्जी पर आरोप: लोकसभा में अभद्र व्यवहार, स्पीकर को लिखा पत्र

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काकोली घोष का कल्याण बनर्जी पर आरोप: लोकसभा में अभद्र व्यवहार, स्पीकर को लिखा पत्र

सारांश

TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफे के अगले ही दिन लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी पर संसद परिसर में अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया — यह TMC के भीतर सुलगते अंतर्विरोध का खुला विस्फोट है।

मुख्य बातें

काकोली घोष दस्तीदार ने 28 मई 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर TMC चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी पर लोकसभा के भीतर मौखिक दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
उन्होंने इसे 'महिला विरोधी मानसिकता' बताते हुए कहा कि यह व्यवहार अन्य महिला सांसदों के साथ भी होता रहा है।
घोष ने 27 मई को TMC के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दिया, लेकिन पार्टी की प्राथमिक सदस्यता बरकरार रखी।
विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद ममता बनर्जी ने घोष को चीफ व्हिप पद से हटाकर कल्याण बनर्जी को यह जिम्मेदारी दी थी।
कल्याण बनर्जी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने 28 मई 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी के चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी पर लोकसभा परिसर के भीतर मौखिक दुर्व्यवहार और महिला सांसदों के प्रति अपमानजनक आचरण का आरोप लगाया है। घोष ने अध्यक्ष से औपचारिक शिकायत दर्ज करने की अनुमति माँगी है और इस मामले में कठोर कार्रवाई की माँग की है।

क्या है पूरा मामला

काकोली घोष दस्तीदार ने 27 मई को TMC के सभी संगठनात्मक पदों — जिनमें बारासात जिलाध्यक्ष का पद भी शामिल था — से इस्तीफा दे दिया था। हालाँकि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता नहीं छोड़ी है, जिससे वे अभी भी TMC की सांसद बनी हुई हैं। इस्तीफे के अगले ही दिन उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपने आरोप सार्वजनिक किए।

पत्र में क्या कहा

पत्र में काकोली घोष ने लिखा, 'मैं आपके समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की अनुमति चाहती हूँ। AITC सांसद कल्याण बनर्जी ने कई बार लोकसभा के भीतर मेरे साथ मौखिक दुर्व्यवहार किया है। यह महिला सांसदों के खिलाफ अपमानजनक रवैया है और इसके लिए उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।' उन्होंने इस आचरण को 'महिला विरोधी मानसिकता' करार दिया और कहा कि यह व्यवहार केवल उनके साथ नहीं, बल्कि अन्य महिला सांसदों के साथ भी होता रहा है।

TMC के भीतर अंदरूनी तनाव की पृष्ठभूमि

राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को TMC के संसदीय दल में बढ़ते अंतर्विरोध से जोड़कर देख रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने काकोली घोष को TMC के चीफ व्हिप पद से हटाकर यह जिम्मेदारी कल्याण बनर्जी को सौंपी थी। इसी फेरबदल के बाद से पार्टी के संसदीय गलियारों में तनाव की खबरें आने लगी थीं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब TMC पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को लेकर दबाव में है।

कल्याण बनर्जी की प्रतिक्रिया

अभी तक कल्याण बनर्जी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। TMC के केंद्रीय नेतृत्व ने भी इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

आगे क्या होगा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यालय द्वारा शिकायत पर क्या कदम उठाया जाता है, यह देखना अहम होगा। संसदीय परंपरा के अनुसार ऐसी शिकायतों की जाँच एक समिति के माध्यम से की जाती है। इस प्रकरण से TMC के भीतर नेतृत्व और अनुशासन को लेकर जो सवाल उठे हैं, वे आने वाले दिनों में और मुखर हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि TMC के संसदीय दल में पद-परिवर्तन के बाद उपजी उस कड़वाहट का सार्वजनिक प्रकटीकरण है जो अब तक भीतर ही भीतर सुलग रही थी। विचारणीय यह है कि संसद के भीतर महिला सांसदों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप — यदि सत्यापित हों — संसदीय मर्यादा के लिए गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं, जिन पर लोकसभा अध्यक्ष की प्रतिक्रिया एक मिसाल बनेगी। TMC के लिए यह संकट इसलिए भी नाजुक है क्योंकि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर महिला-केंद्रित राजनीति का दावा करती है — और घर में ही ऐसे आरोप उस छवि को चुनौती देते हैं।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काकोली घोष दस्तीदार ने कल्याण बनर्जी पर क्या आरोप लगाए हैं?
काकोली घोष ने आरोप लगाया है कि TMC चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी ने लोकसभा परिसर के भीतर कई बार उनके साथ मौखिक दुर्व्यवहार किया और यही रवैया अन्य महिला सांसदों के साथ भी अपनाया जाता है। उन्होंने इसे 'महिला विरोधी मानसिकता' करार देते हुए लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की माँग की है।
काकोली घोष ने TMC के पदों से इस्तीफा क्यों दिया?
काकोली घोष ने 27 मई 2026 को TMC के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दिया, जिनमें बारासात जिलाध्यक्ष का पद भी शामिल था। विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद ममता बनर्जी द्वारा उन्हें चीफ व्हिप पद से हटाए जाने के बाद से पार्टी में उनके और केंद्रीय नेतृत्व के बीच तनाव की खबरें थीं।
क्या काकोली घोष ने TMC की सदस्यता भी छोड़ दी है?
नहीं। काकोली घोष ने केवल पार्टी के संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दिया है; उन्होंने TMC की प्राथमिक सदस्यता नहीं छोड़ी है और वे अभी भी TMC की लोकसभा सांसद हैं।
लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने का क्या असर होगा?
संसदीय प्रक्रिया के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ऐसी शिकायत को संबंधित समिति को जाँच के लिए भेज सकते हैं। यदि आरोप सत्यापित हों, तो संबंधित सांसद के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, हालाँकि अभी तक अध्यक्ष कार्यालय की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कल्याण बनर्जी को TMC का चीफ व्हिप कब बनाया गया?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने काकोली घोष को चीफ व्हिप पद से हटाकर कल्याण बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। इसी फेरबदल के बाद से दोनों नेताओं के बीच तनाव की खबरें सामने आने लगी थीं।
राष्ट्र प्रेस
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