भाजपा ने कल्याण बनर्जी के भड़काऊ बयानों पर चुनाव आयोग में की शिकायत
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत की है।
- कल्याण बनर्जी के बयान भड़काऊ माने गए हैं।
- आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है।
- टीएमसी नेताओं की बयानबाजी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
- चुनाव आयोग से उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
कोलकाता, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग को शिकायत पत्र भेजा है। भाजपा का कहना है कि बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेताओं/समर्थकों के प्रति भड़काऊ, अपमानजनक और नफरत भरे बयान दिए हैं, जो विधानसभा चुनाव के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि सांसद कल्याण बनर्जी का बयान सार्वजनिक क्षेत्र में तेजी से फैल गया है और इसमें गाली-गलौज, अपमानजनक भाषा और भड़काऊ टिप्पणियां शामिल हैं।
भाजपा का दावा है कि यह कोई एक घटना नहीं है, बल्कि टीएमसी नेताओं की लगातार बढ़ती भड़काऊ बयानबाजी का हिस्सा है। इन बयानों का उद्देश्य चुनावी माहौल में तनाव, द्वेष और ध्रुवीकरण पैदा करना है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि टीएमसी नेताओं के बार-बार ऐसे बयानों का उद्देश्य भाजपा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हुए चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना है। भाजपा ने कहा है कि यह बयान पार्टी की लीडरशिप की अनुमति और निर्देशन में दिए जा रहे हैं, जिससे आदर्श आचार संहिता का व्यवस्थात्मक और संस्थागत उल्लंघन स्पष्ट होता है।
भाजपा ने यह भी बताया कि इन बयानों से जनता में अशांति और डर पैदा हो रहा है, जिससे चुनावी संतुलन बिगड़ने की संभावना है। उन्होंने आदर्श आचार संहिता के दो खंडों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को ऐसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए, जो आपसी द्वेष या धार्मिक-जातीय तनाव बढ़ा सकती हैं। आलोचना केवल नीति और कार्यक्रम तक सीमित रहनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत स्तर पर।
पत्र में यह भी कहा गया है कि कल्याण बनर्जी का बयान भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 352 और 353 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। इसके अतिरिक्त, यह रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल्स एक्ट, 1951 की धारा 171सी के तहत भी चुनावी अधिकारों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
भाजपा ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच करें और टीएसी सांसद की इस प्रकार की भड़काऊ बयानबाजी पर आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि विधानसभा चुनाव 2026 निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हो सके।