अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर 20 बागी TMC सांसदों की अयोग्यता की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर त्रिपुरा स्थित राष्ट्रवादी नागरिक दल (NCPI) में शामिल हुए 20 बागी TMC सांसदों की अयोग्यता की औपचारिक माँग रखी। उनके साथ तीन लोकसभा और एक राज्यसभा सांसद का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित था।
मुलाकात में क्या हुआ
बैठक के दौरान TMC प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष को 20 अलग-अलग याचिकाएँ सौंपीं — प्रत्येक बागी सांसद के विरुद्ध एक। बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इन सांसदों का कृत्य असंवैधानिक है और इस पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी सांसद को तृणमूल से आपत्ति है, तो वह पार्टी छोड़ सकता है — लेकिन ऐसी स्थिति में उसे लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देकर नए सिरे से जनादेश माँगना चाहिए।
संवैधानिक आधार
TMC ने तर्क दिया कि संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के अंतर्गत कोई भी निर्वाचित प्रतिनिधि जो स्वेच्छा से उस दल की सदस्यता छोड़ता है जिसके टिकट पर वह चुना गया था, वह स्वतः अयोग्य हो जाता है। बनर्जी ने यह भी बताया कि संविधान में दो-तिहाई सदस्यों द्वारा विलय से जुड़े प्रावधान किसी राजनीतिक दल पर समग्र रूप से लागू होते हैं — केवल उसके विधायी या संसदीय विंग पर नहीं।
बागियों की पृष्ठभूमि
चार बार की विधायक काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय के नेतृत्व में TMC के 20 बागी लोकसभा सदस्यों ने पहले दल के भीतर रहते हुए विद्रोह किया था, किंतु इस महीने की शुरुआत में उन्होंने NCPI में शामिल होने की घोषणा कर दी। यह ऐसे समय में आया जब तृणमूल पहले से ही आंतरिक असंतोष से जूझ रही थी।
TMC की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के 27 सदस्य हैं। उत्तरी 24 परगना जिले की बसीरहाट सीट सितंबर 2024 से रिक्त है, जब TMC सांसद हाजी शेख नूरुल इस्लाम का चुनाव के कुछ महीनों बाद निधन हो गया था।
आगे क्या होगा
अब निर्णय लोकसभा अध्यक्ष के विवेक पर निर्भर है। दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता की कार्यवाही में अध्यक्ष की भूमिका निर्णायक होती है, और ऐसे मामले अक्सर न्यायिक समीक्षा तक भी पहुँचते हैं। गौरतलब है कि यह मामला भारतीय संसदीय लोकतंत्र में दल-बदल कानून की व्याख्या और सीमाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।