अभिषेक बनर्जी की कथित चार्टर जेट यात्रा पर TMC में घमासान, कुणाल घोष ने खुलकर जताई आपत्ति
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी की 20 जून 2026 को नई दिल्ली यात्रा ने पार्टी के भीतर ही नया विवाद खड़ा कर दिया है। खबरों के मुताबिक, अभिषेक ने कोलकाता से दिल्ली तक एक निजी चार्टर्ड जेट से सफर किया — और इस खर्च को लेकर TMC के अपने नेताओं ने ही सवाल उठा दिए हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब पार्टी हाल के विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद आंतरिक कलह से जूझ रही है।
दिल्ली दौरे का मकसद
अभिषेक बनर्जी, जिन्हें TMC का वास्तविक नंबर दो नेता माना जाता है, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलने दिल्ली पहुँचे थे। उनके साथ TMC सांसद महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन भी थे।
अध्यक्ष से मुलाकात में अभिषेक ने उन 20 सांसदों के बागी गुट को मान्यता न देने का आग्रह किया, जिन्होंने राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय का दावा किया है। उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत इन सांसदों की अयोग्यता की माँग भी रखी।
चार्टर जेट का कथित खर्च
रिपोर्टों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता स्थित एक निजी विमानन कंपनी से चार्टर्ड जेट बुक किया। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली में रात भर रुकने सहित ऐसी उड़ान का खर्च विमान के प्रकार के आधार पर ₹30 लाख से लेकर ₹1 करोड़ से अधिक तक हो सकता है।
क्षेत्रीय मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, ऐसी यात्राओं के लिए आमतौर पर लेगेसी 600 या एम्ब्रेयर ERJ-135LR जैसे विमान पसंद किए जाते हैं, जिनकी लगभग नौ घंटे की कुल उड़ान अवधि के लिए अनुमानित लागत ₹80 लाख तक हो सकती है। छोटे विमानों के लिए औसत किराया लगभग ₹5 लाख प्रति घंटा बताया जाता है। इसके अतिरिक्त, पार्किंग या हैंगर किराए का खर्च अलग से जुड़ता है।
पार्टी के भीतर से उठी आवाज़
TMC विधायक और प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस मामले पर खुलकर बोला। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि अभिषेक बनर्जी दिल्ली कैसे गए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया — "अगर यह पार्टी के खर्चे पर था, तो मैं इसका समर्थन नहीं करता।" यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि घोष TMC के अपने ही नेता हैं, और उनकी यह टिप्पणी पार्टी की आंतरिक दरारों को उजागर करती है।
दिल्ली में जब अभिषेक बनर्जी से घोष की इस टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने न तो चार्टर्ड विमान से यात्रा करने से इनकार किया और न ही इसकी पुष्टि की।
TMC का हवाई खर्च: पुराना विवाद
गौरतलब है कि 2011 के विधानसभा चुनाव में, जब TMC ने पश्चिम बंगाल के वामपंथी गढ़ को भेदा था, तब ममता बनर्जी ने दावा किया था कि उनके प्रचार में इस्तेमाल हेलीकॉप्टर का खर्च तत्कालीन सहयोगी कांग्रेस ने उठाया था। तब से TMC अकेले चुनाव लड़ रही है, और उसके हवाई यात्राओं पर खर्च ₹46 करोड़ तक पहुँचने की बात कही जाती है।
कहा जाता है कि अभिषेक बनर्जी ने पहले भी दिल्ली यात्राओं के लिए चार्टर्ड विमानों का इस्तेमाल किया है, हालाँकि उस पर इतनी तीखी प्रतिक्रिया नहीं आई थी। हाल के विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी में असंतोष का माहौल है, जिसके चलते अब इस तरह के खर्चों पर भी नज़र टिक गई है।
आगे क्या होगा
TMC के भीतर बागी गुट की वैधता का प्रश्न अब लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष विचाराधीन है। दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता याचिका पर निर्णय पार्टी के संसदीय भविष्य को निर्धारित करेगा। इस बीच, चार्टर जेट विवाद से अभिषेक बनर्जी की पार्टी के भीतर साख पर असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।