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घमंडी वाले आरोप पर अभिषेक बनर्जी का जवाब: 'कल्याण बनर्जी ने बचपन से मेरा मार्गदर्शन किया'

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घमंडी वाले आरोप पर अभिषेक बनर्जी का जवाब: 'कल्याण बनर्जी ने बचपन से मेरा मार्गदर्शन किया'

सारांश

TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 'घमंडी' वाले आरोप को नरमी से खारिज किया — कल्याण बनर्जी को गुरु बताया, जांच में सहयोग का भरोसा दिलाया, और BJP पर 'बुलडोजर राजनीति' का आरोप लगाते हुए कहा कि वे एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।

मुख्य बातें

TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को 'बहुत घमंडी' बताया था, जिस पर अभिषेक ने कहा कि कल्याण बचपन से उनका मार्गदर्शन करते आए हैं।
अभिषेक बनर्जी ने करीब साढ़े पाँच घंटे तक जांच एजेंसी के साथ सहयोग किया और 14 जून को भी उपस्थित होने की बात कही।
उन्होंने BJP पर चुनाव से पहले ' अन्नपूर्णा भंडार योजना ' का वादा कर बाद में 'बुलडोजर राजनीति' अपनाने का आरोप लगाया।
2011 और 2026 के माहौल की तुलना करते हुए दावा किया कि BJP रात 8 बजे के बाद जीत का जुलूस तक नहीं निकाल पा रही।
चुनावी बयान पर दर्ज मामले को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से भी पूछताछ की माँग उठाई।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने 12 जून 2026 को कोलकाता में अपने खिलाफ चल रही जांच और पार्टी के भीतर उठ रही आलोचनाओं पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नेताओं को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है और वे उनके विचारों का सम्मान करते हैं।

कल्याण बनर्जी के बयान पर अभिषेक की सफाई

इससे पहले TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को अभिषेक बनर्जी को 'बहुत घमंडी' बताया था। इस पर अभिषेक ने कहा, 'जो वरिष्ठ नेता मेरे खिलाफ बोल रहे हैं, उन्हें पार्टी के भीतर अपनी बात रखने का पूरा हक है। कल्याण बनर्जी ने मेरे बारे में जो कहा, वह उनका अधिकार है। वह मुझे बचपन से जानते हैं और उन्होंने हमेशा मेरा मार्गदर्शन किया है।' यह बयान उस समय आया है जब TMC के भीतर आंतरिक मतभेदों की चर्चाएँ तेज़ हैं।

जांच एजेंसियों पर अभिषेक का रुख

जांच एजेंसियों के समन के संदर्भ में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने हमेशा जांच में सहयोग किया है। उन्होंने बताया कि वे करीब साढ़े पाँच घंटे तक अधिकारियों के साथ सहयोग करते रहे और अदालत द्वारा तय समय से पहले ही भवानी भवन पहुँच गए थे। अभिषेक ने कहा, 'मैं 14 जून को कोलकाता में रहूँगा और जरूरत पड़ने पर फिर उपस्थित होऊंगा। चाहे केंद्रीय जांच एजेंसी हो या राज्य की जांच एजेंसी, मैं हमेशा सहयोग करता रहूंगा।'

समन प्रक्रिया पर सवाल

अभिषेक बनर्जी ने समन जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि पहला समन 30 तारीख को जारी हुआ था, उसी दिन उन पर हमला भी हुआ था, जिसके बाद वे दिल्ली चले गए। इसके बाद 8 तारीख को नोटिस मिला जिसमें 9 तारीख को पेश होने को कहा गया, लेकिन उस समय भी वे दिल्ली में थे। कोलकाता लौटने के बाद उच्च न्यायालय के निर्देश की जानकारी मिलने पर वे निर्धारित समय पर जांच एजेंसी के सामने उपस्थित हुए।

भाजपा पर हमला और 2011-2026 की तुलना

भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सरकार बदलने के बाद उन्हें हर संभव मामले में फंसाने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन 'हम एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।' उन्होंने 2011 और 2026 के बीच के राज्य के माहौल की तुलना करते हुए दावा किया कि रात 8 बजे के बाद सड़कें सुनसान हो रही हैं और BJP अपनी जीत के जुलूस तक नहीं निकाल पा रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP ने चुनाव से पहले 'अन्नपूर्णा भंडार योजना' का वादा किया था, लेकिन चुनाव के बाद राज्य में 'बुलडोजर राजनीति' देखने को मिल रही है।

चुनावी बयान पर दर्ज मामले का विरोध

अपने चुनावी बयान को लेकर दर्ज मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाया कि जब वह टिप्पणी की गई थी, तब चुनाव चल रहे थे और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी चुनाव आयोग (ECI) के पास थी। उन्होंने तर्क दिया कि यदि उनके बयान के आधार पर मामला दर्ज किया जा सकता है, तो उसी दौरान दिए गए बयानों के लिए केंद्रीय गृह मंत्री को भी पूछताछ के लिए क्यों नहीं बुलाया जाना चाहिए। आगे देखना होगा कि TMC के भीतर यह आंतरिक तनाव और जांच एजेंसियों के साथ यह खींचतान किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके नीचे TMC की आंतरिक राजनीति की गहरी दरारें हैं — कल्याण बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेता का खुलकर 'घमंडी' कहना पार्टी के भीतर असंतोष की सार्वजनिक स्वीकृति है। जांच एजेंसियों के साथ सहयोग का दावा रणनीतिक भी है — यह कथित उत्पीड़न की छवि को कमज़ोर करता है और कानूनी मोर्चे पर बचाव को मज़बूत करता है। BJP पर 'बुलडोजर राजनीति' का आरोप और 2011-2026 की तुलना स्पष्ट संकेत है कि TMC सत्ता-परिवर्तन के बाद के माहौल को चुनावी आख्यान में ढालने की कोशिश में है। असली सवाल यह है कि क्या पार्टी का आंतरिक तनाव जांच के दबाव से अधिक नुकसानदेह साबित होगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के बारे में क्या कहा था?
TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को अभिषेक बनर्जी को 'बहुत घमंडी' बताया था। यह बयान पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेदों की चर्चाओं के बीच आया।
अभिषेक बनर्जी ने जांच एजेंसियों के समन पर क्या कहा?
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने हमेशा जांच में सहयोग किया है और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि वे करीब साढ़े पाँच घंटे तक अधिकारियों के साथ रहे और 14 जून को भी कोलकाता में उपस्थित रहने की बात कही।
अभिषेक बनर्जी ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
अभिषेक बनर्जी ने BJP पर चुनाव से पहले 'अन्नपूर्णा भंडार योजना' का वादा कर बाद में 'बुलडोजर राजनीति' अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बदलने के बाद उन्हें हर संभव मामले में फंसाने की कोशिश की जाएगी, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे।
अभिषेक बनर्जी के चुनावी बयान पर दर्ज मामला क्या है?
अभिषेक बनर्जी के एक चुनावी बयान के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बयान चुनाव के दौरान दिया गया था और कानून-व्यवस्था चुनाव आयोग के अधीन थी, तो केवल उन्हें ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है।
TMC के भीतर अभिषेक बनर्जी की स्थिति क्या है?
अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद हैं। हाल के दिनों में पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की आलोचना और जांच एजेंसियों के समन के बावजूद उन्होंने अपनी स्थिति मज़बूत बताई है।
राष्ट्र प्रेस
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