अभिषेक बनर्जी पर कथित हमला: जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने टीएमसी के भाजपा-आरोप को बताया बेबुनियाद
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन प्रसाद ने 31 मई 2026 को पटना में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले की घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की माँग की। साथ ही उन्होंने इस घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराने की टीएमसी की कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया।
राजीव रंजन प्रसाद की मुख्य प्रतिक्रिया
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और इस मामले में कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।' उन्होंने पश्चिम बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि जनता ने कानून-व्यवस्था के शासन के लिए जनादेश दिया है और उन्हें विश्वास है कि वर्तमान सरकार ऐसे अपराधियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाएगी।
उन्होंने टीएमसी पर पलटवार करते हुए कहा कि टीएमसी के शासनकाल में विपक्षी नेताओं को हिंसा का शिकार बनाया जाता था, उनके कार्यकर्ताओं के घर जलाए जाते थे और पुलिस की सांठगांठ से राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई होती थी। उनके अनुसार, 'अब पश्चिम बंगाल उस दौर से निकल चुका है।'
टीएमसी के भाजपा-आरोप पर जदयू का पलटवार
प्रसाद ने सवाल उठाया कि जब टीएमसी सत्ता में थी और विपक्षी नेताओं पर अत्याचार हो रहे थे, तब ये नेता चुप क्यों रहे। उन्होंने कहा कि यह घटना कानून-व्यवस्था का विषय है और पश्चिम बंगाल सरकार इस पर कड़ी कार्रवाई के लिए संकल्पित है। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक हिंसा का मुद्दा राष्ट्रीय बहस का केंद्र बना हुआ है।
कर्नाटक कांग्रेस पर टिप्पणी
प्रसाद ने कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति पर भी बात की और इसे 'तूफान से पहले का सन्नाटा' बताया। उनके अनुसार कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लंबे समय तक उदासीनता के कारण कर्नाटक कांग्रेस कई खेमों में बंट गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया दक्षिण भारत में कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरों में से एक हैं और पिछड़ों की राजनीति में उनकी व्यापक स्वीकार्यता है — ऐसे में नेतृत्व को लेकर कोई भी बदलाव राहुल गांधी और कांग्रेस को भारी पड़ सकता है।
रामचंद्र गुहा के बयान पर प्रतिक्रिया
इतिहासकार रामचंद्र गुहा के राहुल गांधी पर दिए गए बयान को लेकर प्रसाद ने कहा कि गुहा नेहरू-गांधी परिवार से लंबे समय से जुड़े रहे हैं और उन्हें सोनिया गांधी के विश्वस्त सलाहकारों में गिना जाता है। उनके अनुसार, जब पूरे देश में राहुल गांधी की प्रासंगिकता पर बहस छिड़ी हुई है, तब गुहा जैसे बुद्धिजीवी की गंभीर टिप्पणी कांग्रेस के लिए एक संकेत है।
प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस आज कुछ राज्यों की पार्टी बनकर रह गई है और राहुल गांधी की उदासीनता पार्टी के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह गुहा जैसे बुद्धिजीवियों की बातों को गंभीरता से ले।
आगे क्या
अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले की जाँच पश्चिम बंगाल पुलिस के पास है और राजनीतिक दबाव के बीच त्वरित कार्रवाई की माँग तेज हो रही है। यह घटना आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीतिक हिंसा के व्यापक विमर्श को और गहरा कर सकती है।