16 जुलाई 2026
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पश्चिम बंगाल में टीएमसी के खिलाफ जनआक्रोश: तारकिशोर प्रसाद बोले — हालात के लिए पार्टी खुद जिम्मेदार

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पश्चिम बंगाल में टीएमसी के खिलाफ जनआक्रोश: तारकिशोर प्रसाद बोले — हालात के लिए पार्टी खुद जिम्मेदार

सारांश

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने सीधे कहा — बंगाल के बिगड़े हालात TMC की अपनी देन हैं। अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के बाद उभरा यह जनआक्रोश अचानक नहीं है, बल्कि वर्षों की राजनीतिक शिकायतों का नतीजा है।

मुख्य बातें

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने 31 मई 2026 को कहा कि पश्चिम बंगाल के बिगड़े राजनीतिक हालात के लिए TMC खुद जिम्मेदार है।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के बाद राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है।
प्रसाद का आरोप — TMC बिना जाँच के BJP कार्यकर्ताओं पर इल्ज़ाम लगाती है, यह पुरानी प्रवृत्ति है।
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने इसे 'एक्शन और रिएक्शन' बताया; हिंसा का समर्थन नहीं, लेकिन जनगुस्से को नज़रअंदाज़ भी नहीं।
राज्य में कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर भी सवाल उठाए गए।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने 31 मई 2026 को कटिहार में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक अस्थिरता और जनता के बढ़ते असंतोष के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार और उसके नेताओं की कार्यशैली सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उन्होंने यह बात TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले की पृष्ठभूमि में कही।

तारकिशोर प्रसाद के मुख्य आरोप

प्रसाद ने कहा कि TMC और उसके नेताओं की यह पुरानी आदत रही है कि किसी भी घटना के बाद बिना जाँच के भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं पर इल्ज़ाम लगा दिए जाते हैं। उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति बंगाल की राजनीति में लंबे समय से देखी जा रही है और इसने राजनीतिक माहौल को और ज़हरीला बनाया है।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पहले से कमज़ोर हुई है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। प्रसाद ने TMC नेतृत्व को नसीहत दी कि उन्हें अपने शासनकाल की घटनाओं पर पहले आत्ममंथन करना चाहिए।

अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले का संदर्भ

यह विवाद तब सामने आया जब TMC सांसद अभिषेक बनर्जी एक पीड़ित परिवार से मिलने गए और वहाँ स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर तीखी प्रतिक्रिया दी। इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है। गौरतलब है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है — बंगाल में राजनीतिक हिंसा और जन-असंतोष के मामले पिछले कई वर्षों से चर्चा में हैं।

शिवसेना प्रवक्ता की प्रतिक्रिया

शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों का यह गुस्सा अचानक नहीं उभरा, बल्कि यह वर्षों से दबा हुआ जनआक्रोश है जो अब बाहर आ रहा है। वाघमारे के अनुसार, TMC शासन के दौरान पीड़ितों को न्याय देने के बजाय आरोपियों को संरक्षण देने की धारणा जनता के बीच गहरी हो चुकी है।

उन्होंने इस पूरी स्थिति को 'एक्शन और रिएक्शन' का परिणाम बताया। वाघमारे ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी स्तर पर हिंसा का समर्थन नहीं करते, लेकिन जनता की भावनाओं को नज़रअंदाज़ भी नहीं किया जा सकता।

सुशासन का दावा और विपक्ष की चुनौती

तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि यदि राज्य में कोई शिकायत या अपराध सामने आता है, तो अब पश्चिम बंगाल में एक जवाबदेह सरकार काम कर रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित होगी। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि राज्य में राजनीतिक हिंसा की जड़ें बहुत गहरी हैं और महज़ बयानबाज़ी से हालात नहीं बदलेंगे।

आगे क्या

अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले की जाँच अभी जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना 2026 के बंगाल राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकती है। सभी दलों की नज़र अब इस बात पर है कि राज्य प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनमें एक असुविधाजनक सच्चाई भी है — बंगाल में जनआक्रोश की जड़ें केवल एक घटना में नहीं, बल्कि वर्षों की शासन-विफलताओं में हैं। विडंबना यह है कि जो दल आज जवाबदेही माँग रहे हैं, उनके अपने शासनकाल में भी राजनीतिक हिंसा के आरोप लगते रहे हैं। असली सवाल यह है कि क्या कोई भी पक्ष बंगाल में राजनीतिक हिंसा की संस्कृति को तोड़ने की इच्छाशक्ति रखता है, या यह सिर्फ चुनावी मौसम की बयानबाज़ी है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारकिशोर प्रसाद ने TMC पर क्या आरोप लगाए?
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल के बिगड़े राजनीतिक हालात के लिए TMC की कार्यशैली और उसके नेता सीधे जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि TMC बिना जाँच के BJP कार्यकर्ताओं पर इल्ज़ाम लगाती है।
अभिषेक बनर्जी पर कथित हमला क्या था?
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी जब एक पीड़ित परिवार से मिलने गए, तो कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। यह घटना पश्चिम बंगाल में TMC के खिलाफ बढ़ते जनआक्रोश के प्रतीक के रूप में चर्चा में है।
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने क्या कहा?
राजू वाघमारे ने इस घटनाक्रम को 'एक्शन और रिएक्शन' का परिणाम बताया और कहा कि यह वर्षों से दबा हुआ जनआक्रोश है। उन्होंने हिंसा का समर्थन न करते हुए भी कहा कि लोगों की भावनाओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर क्या चिंताएँ हैं?
तारकिशोर प्रसाद ने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पहले से कमज़ोर हुई है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
इस विवाद का बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटना 2026 के बंगाल राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। TMC और विपक्ष दोनों के लिए यह परीक्षा की घड़ी है कि वे जनता के असंतोष को किस तरह संबोधित करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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