अभिषेक बनर्जी पर हमला पूर्व नियोजित साजिश: कपिल सिब्बल, पुलिस पर वीडियो बनाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर देशभर में राजनीतिक विवाद गहरा गया है। राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने 31 मई 2026 को इस घटना को पूर्व नियोजित साजिश करार देते हुए पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनकर वीडियो बनाती रही, जबकि हमलावर संगठित तरीके से कार्रवाई कर रहे थे।
सिब्बल के आरोप: साजिश या संयोग?
सिब्बल ने अपने बयान में कहा, 'जिस व्यक्ति ने पत्थर फेंका था, जिसे हम सोशल मीडिया पर देख रहे हैं, क्या उसे गिरफ्तार किया गया? इसके पीछे जो साजिश थी, क्या उसकी जांच की गई? स्थानीय पुलिस वह सब देख रही थी और वीडियो बना रही थी। लोग अंडे भी साथ लेकर आए थे। यह मुमकिन नहीं है कि कोई व्यक्ति दिनदहाड़े अंडे खरीदकर रास्ते में फेंकना शुरू कर दे। जाहिर है यह पहले से ही तय था।'
सिब्बल ने यह भी कहा, 'पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बनने के बाद से हम जिस तरह की हिंसा देख रहे हैं, उससे लगता है कि सरकार या उसके सहयोगियों ने तय कर लिया है कि अब हिंसा का समय है। TMC नेता जहां भी जाएं, उन पर पूरी योजना के साथ पत्थर फेंके जाएं और उन्हें डराया-धमकाया जाए ताकि वे राजनीति छोड़ दें।'
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ता तनाव
यह घटना पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ते राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है। TMC लगभग 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद अब विपक्ष में है, जबकि BJP नई सरकार के साथ कानून-व्यवस्था सुधारने का दावा कर रही है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पत्थरबाजी और अंडे फेंके जाने के दृश्य स्पष्ट दिख रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
सिंगूर से BJP विधायक अरूप कुमार दास ने घटना को नाटक बताते हुए कहा, 'क्या वह हमला था या फिर एक नाटक? तृणमूल कांग्रेस के पास अब उठाने के लिए कोई असली मुद्दा बचा ही नहीं है। BJP सरकार सत्ता में आ चुकी है और लोगों ने उन्हें नकार दिया है।'
आसनसोल से BJP विधायक अरिजीत रॉय ने कहा, 'यह कोई हमला नहीं था। आज हम जो देख रहे हैं, वह 15 साल के उस शासन का नतीजा है जिसे मैं तानाशाही और सत्ताधारी पार्टी द्वारा किए गए कथित अत्याचार मानता हूं। अभिषेक बनर्जी बंगाल के 'आतंक के राजा' हैं।' BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि TMC जनता द्वारा अस्वीकृत होने के बाद सहानुभूति बटोरने के लिए यह नाटक रच रही है।
आम जनता और विपक्ष पर असर
आलोचकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं राज्य में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि पुलिस की कथित निष्क्रियता पर उठाए गए सवाल अभी तक अनुत्तरित हैं। जांच के नतीजे ही तय करेंगे कि यह घटना सुनियोजित थी या अनायास।