16 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर हमला: टीएमसी बोली — '6 गिरफ्तारियां दिखावा, असली दोषी भाजपा कार्यकर्ता'

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अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर हमला: टीएमसी बोली — '6 गिरफ्तारियां दिखावा, असली दोषी भाजपा कार्यकर्ता'

सारांश

सोनारपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद 6 गिरफ्तारियाँ हुईं, लेकिन TMC ने इसे 'दिखावा' करार दिया और BJP कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया। BJP ने किसी भी संलिप्तता से इनकार किया। पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के बीच तनाव और गहरा गया है।

मुख्य बातें

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में शनिवार को हमला हुआ — अंडे, ईंट के टुकड़े फेंके गए और मुक्का मारने की कोशिश हुई।
पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसे TMC ने 'महज दिखावा' बताया।
TMC सांसद सौगत रॉय का आरोप — असली दोषी BJP के सक्रिय कार्यकर्ता हैं, जिन्हें अभी तक नहीं पकड़ा गया।
पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने हिंसा की निंदा की और पार्टी की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया।
TMC ने अभिषेक बनर्जी की केंद्रीय सुरक्षा की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए।
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने घटना को TMC के विरुद्ध 'जनाक्रोश' बताया, जिसे TMC ने खारिज किया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर कोलकाता के सोनारपुर में शनिवार को हुए हमले के सिलसिले में पुलिस द्वारा 6 लोगों की गिरफ्तारी के बाद TMC ने रविवार, 1 जून 2025 को आरोप लगाया कि यह कार्रवाई महज औपचारिकता है और घटना के मुख्य आरोपी भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ता हैं। पार्टी ने साथ ही अभिषेक को मिली केंद्रीय सुरक्षा की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल उठाए।

घटनाक्रम: सोनारपुर में क्या हुआ

शनिवार को अभिषेक बनर्जी एक मृत TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने सोनारपुर पहुँचे थे। मृतक के घर तक पैदल जाते समय रास्ते में कुछ लोगों ने उन पर अंडे और ईंट के टुकड़े फेंके। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनके विरुद्ध नारेबाजी की और कुछ ने उन्हें घेरकर मुक्का मारने की कोशिश भी की। सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप से वे बच गए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक TMC के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं।

TMC का आरोप: 'दिखावे की कार्रवाई'

TMC सांसद सौगत रॉय ने पुलिस की गिरफ्तारियों को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि असली आरोपियों को अब तक नहीं पकड़ा गया। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ दिखावे की कार्रवाई है। असली आरोपी सक्रिय BJP कार्यकर्ता थे, लेकिन उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया। जिस तरह अभिषेक के सोनारपुर दौरे के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया, उसी तरह अब भी दोषियों की गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। आपने देखा कि अभिषेक के पूरे शरीर पर हमला किया गया, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।'

रॉय ने BJP पर राजनीतिक लाभ के लिए भ्रामक माहौल बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'यह पूरी तरह निराधार है। राज्य में TMC को 2.60 करोड़ वोट मिले हैं। आम लोगों के पास TMC कार्यकर्ताओं पर हमला करने के अलावा और भी काम हैं। यह केवल BJP के गुंडे और असामाजिक तत्व हैं, जिन्हें उनके राज्य स्तरीय नेताओं द्वारा उकसाया जा रहा है।'

BJP का पक्ष: हिंसा की निंदा, संलिप्तता से इनकार

पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पार्टी को इससे पूरी तरह अलग बताया। उन्होंने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करती। अभिषेक बनर्जी के साथ जो हुआ, वह किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। BJP का इस घटना से कोई संबंध नहीं है।' भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि पुलिस जिन लोगों को गिरफ्तार कर रही है, उन्हें देखकर स्पष्ट हो जाता है कि घटना में राजनीतिक दलों को घसीटना उचित नहीं।

अन्य दलों की प्रतिक्रिया

शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने इस घटना को जनाक्रोश की अभिव्यक्ति बताया। उनका कहना था कि TMC शासन के दौरान दबा हुआ असंतोष अब खुलकर सामने आ रहा है और यह TMC पर लगाए जाने वाले अन्याय व अत्याचार के आरोपों के विरुद्ध जनता की नाराजगी को दर्शाता है। हालाँकि, यह दावा TMC द्वारा सिरे से खारिज किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

TMC ने अभिषेक बनर्जी की केंद्रीय सुरक्षा की प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठाए। सौगत रॉय ने कहा कि केंद्रीय बल भविष्य में ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके साथ रहेंगे या नहीं, यह अभी अटकलों का विषय है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले केंद्रीय बलों का उपयोग TMC शासन के दौरान BJP नेताओं की सुरक्षा के लिए किया जाता था। गौरतलब है कि यह घटना पश्चिम बंगाल में दो प्रमुख दलों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है, जो आने वाले समय में और गहरा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें हर पक्ष दूसरे पर आरोप लगाता है और जवाबदेही धुंधली पड़ जाती है। TMC का 'दिखावे की गिरफ्तारी' वाला तर्क तब तक खोखला लगता है जब तक वह स्वयं राज्य की सत्ता में है और पुलिस उसी के नियंत्रण में है। दूसरी ओर, BJP का 'हमारा कोई लेना-देना नहीं' वाला बयान भी उस राजनीतिक माहौल में विश्वसनीयता खो देता है जहाँ दोनों दल एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगाते रहे हैं। असली सवाल यह है कि एक निर्वाचित सांसद सार्वजनिक दौरे पर इस हद तक असुरक्षित क्यों था — और इसका जवाब न TMC दे रही है, न BJP।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हमला कैसे हुआ?
शनिवार को अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में एक मृत TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने गए थे। मृतक के घर तक पैदल जाते समय कुछ लोगों ने उन पर अंडे और ईंट के टुकड़े फेंके, नारेबाजी की और मुक्का मारने की कोशिश भी की। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बचाया।
TMC ने पुलिस की गिरफ्तारियों को 'दिखावा' क्यों कहा?
TMC सांसद सौगत रॉय के अनुसार, पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपियों को नहीं पकड़ा। उनका आरोप है कि असली दोषी सक्रिय BJP कार्यकर्ता हैं और प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई करने में जानबूझकर विफल रहा है।
BJP ने इस हमले पर क्या कहा?
पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने घटना की कड़ी निंदा की और पार्टी की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया। उन्होंने कहा कि BJP हिंसा का समर्थन नहीं करती और घटना में राजनीतिक दलों को घसीटना उचित नहीं है।
अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या विवाद है?
TMC ने सवाल उठाया है कि एक सांसद को दी गई केंद्रीय सुरक्षा ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके साथ मौजूद रहेगी या नहीं। सौगत रॉय ने कहा कि यह फिलहाल अटकलों का विषय है।
इस घटना का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह घटना TMC और BJP के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को और गहरा कर सकती है। दोनों दल एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं, जिससे राज्य में राजनीतिक माहौल और गर्म होने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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