अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर हमला: टीएमसी बोली — '6 गिरफ्तारियां दिखावा, असली दोषी भाजपा कार्यकर्ता'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर कोलकाता के सोनारपुर में शनिवार को हुए हमले के सिलसिले में पुलिस द्वारा 6 लोगों की गिरफ्तारी के बाद TMC ने रविवार, 1 जून 2025 को आरोप लगाया कि यह कार्रवाई महज औपचारिकता है और घटना के मुख्य आरोपी भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ता हैं। पार्टी ने साथ ही अभिषेक को मिली केंद्रीय सुरक्षा की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल उठाए।
घटनाक्रम: सोनारपुर में क्या हुआ
शनिवार को अभिषेक बनर्जी एक मृत TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने सोनारपुर पहुँचे थे। मृतक के घर तक पैदल जाते समय रास्ते में कुछ लोगों ने उन पर अंडे और ईंट के टुकड़े फेंके। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनके विरुद्ध नारेबाजी की और कुछ ने उन्हें घेरकर मुक्का मारने की कोशिश भी की। सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप से वे बच गए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक TMC के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं।
TMC का आरोप: 'दिखावे की कार्रवाई'
TMC सांसद सौगत रॉय ने पुलिस की गिरफ्तारियों को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि असली आरोपियों को अब तक नहीं पकड़ा गया। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ दिखावे की कार्रवाई है। असली आरोपी सक्रिय BJP कार्यकर्ता थे, लेकिन उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया। जिस तरह अभिषेक के सोनारपुर दौरे के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया, उसी तरह अब भी दोषियों की गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। आपने देखा कि अभिषेक के पूरे शरीर पर हमला किया गया, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।'
रॉय ने BJP पर राजनीतिक लाभ के लिए भ्रामक माहौल बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'यह पूरी तरह निराधार है। राज्य में TMC को 2.60 करोड़ वोट मिले हैं। आम लोगों के पास TMC कार्यकर्ताओं पर हमला करने के अलावा और भी काम हैं। यह केवल BJP के गुंडे और असामाजिक तत्व हैं, जिन्हें उनके राज्य स्तरीय नेताओं द्वारा उकसाया जा रहा है।'
BJP का पक्ष: हिंसा की निंदा, संलिप्तता से इनकार
पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पार्टी को इससे पूरी तरह अलग बताया। उन्होंने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करती। अभिषेक बनर्जी के साथ जो हुआ, वह किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। BJP का इस घटना से कोई संबंध नहीं है।' भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि पुलिस जिन लोगों को गिरफ्तार कर रही है, उन्हें देखकर स्पष्ट हो जाता है कि घटना में राजनीतिक दलों को घसीटना उचित नहीं।
अन्य दलों की प्रतिक्रिया
शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने इस घटना को जनाक्रोश की अभिव्यक्ति बताया। उनका कहना था कि TMC शासन के दौरान दबा हुआ असंतोष अब खुलकर सामने आ रहा है और यह TMC पर लगाए जाने वाले अन्याय व अत्याचार के आरोपों के विरुद्ध जनता की नाराजगी को दर्शाता है। हालाँकि, यह दावा TMC द्वारा सिरे से खारिज किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
TMC ने अभिषेक बनर्जी की केंद्रीय सुरक्षा की प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठाए। सौगत रॉय ने कहा कि केंद्रीय बल भविष्य में ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके साथ रहेंगे या नहीं, यह अभी अटकलों का विषय है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले केंद्रीय बलों का उपयोग TMC शासन के दौरान BJP नेताओं की सुरक्षा के लिए किया जाता था। गौरतलब है कि यह घटना पश्चिम बंगाल में दो प्रमुख दलों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है, जो आने वाले समय में और गहरा सकता है।