अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर हमला: भाजपा-जदयू ने की निंदा, लेकिन TMC पर भी साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर दौरे के दौरान भीड़ द्वारा किए गए हमले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। 31 मई को हुई इस घटना में प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उनके काफिले पर पत्थर और अंडे फेंके तथा 'चोर-चोर' के नारे लगाए। हमले के बाद अभिषेक को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ जाँच के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
मुख्य घटनाक्रम
अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों के परिजनों से मिलने सोनारपुर गए थे। इसी दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उनके काफिले को घेर लिया और पथराव व अंडे फेंककर हमला किया। अभिषेक बनर्जी पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं और TMC के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं।
एनडीए नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने हमले की निंदा करते हुए कहा, 'भारतीय जनता पार्टी (BJP) इसकी निंदा करती है। हम विरोध के इस तरह के गैर-लोकतांत्रिक तरीके का समर्थन नहीं करते।' हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि चुनाव से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी घटनाएँ हुई थीं और अभिषेक के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि 'जनता उन्हें उसी भाषा में जवाब दे रही है।'
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और कहा, 'अभिषेक के साथ जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।' साथ ही उन्होंने पिछले 15 वर्षों से जनता की नाराज़गी का उल्लेख करते हुए राज्य की पूर्ववर्ती सरकार को दोषी ठहराया।
जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन प्रसाद ने हमले की कड़ी निंदा की और माँग की कि अभिषेक पर हमला करने, अंडे फेंकने और मारपीट करने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
राजनीतिक टकराव और आरोप-प्रत्यारोप
इस घटना ने पश्चिम बंगाल के सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। सत्ताधारी दल और विपक्ष हिंसा, जनाक्रोश और राज्य के राजनीतिक वातावरण को लेकर एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा कोई नई बात नहीं है। विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्य में सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता बेलगाम हैं, जबकि TMC का कहना है कि विपक्ष जनाक्रोश को हवा दे रहा है। इस घटना ने आम नागरिकों में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
क्या होगा आगे
अभिषेक बनर्जी को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद की माँग के बाद हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की माँग तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में और उथल-पुथल का कारण बन सकती है।