अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर हमला: BJP ने निंदा की, सुकांत मजूमदार बोले- 'डीजे' बयान की कीमत चुका रहे हैं
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में स्थानीय लोगों द्वारा हमला किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव गहरा गया है। 31 मई को हुई इस घटना की भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने निंदा की, लेकिन साथ ही केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने अभिषेक के पूर्व 'डीजे' वाले बयान को इस प्रतिक्रिया की जड़ बताया।
घटनाक्रम: सोनारपुर में क्या हुआ
बताया जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा के शिकार TMC कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलने सोनारपुर पहुँचे थे। कथित तौर पर वहाँ स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया और हमला बोल दिया। यह घटना पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद जारी राजनीतिक हिंसा की पृष्ठभूमि में हुई है।
BJP की प्रतिक्रिया: निंदा के साथ पलटवार
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी इस घटना की निंदा करती है। हम विरोध के इस तरह के अलोकतांत्रिक तरीके का समर्थन नहीं करते और न ही ऐसे तरीकों को उचित मानते हैं। हालांकि, यह भी सच है कि चुनावों से पहले हमारे खिलाफ भी कुछ घटनाएँ हुई थीं।'
मजूमदार ने आगे कहा, 'अभिषेक बनर्जी ने एक वाहन के ऊपर खड़े होकर और अपनी एक 'हीरो' वाली छवि पेश करते हुए कुछ ऐसी टिप्पणियाँ की थीं कि एक खास तारीख और समय के बाद वे 'डीजे बजाएंगे'। अब, अगर जनता उन्हें उसी भाषा में जवाब दे रही है, तो उन्हें अपने ही बयानों के नतीजों का सामना करना पड़ेगा।'
हमले के लिए BJP को जिम्मेदार ठहराए जाने पर मजूमदार ने कहा, 'जनता ने शुभेंदु अधिकारी को जबरदस्त जनादेश दिया है। मैंने पहले भी भविष्यवाणी की थी कि भतीजा कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेगा।'
BJP सांसद सौमित्र खान का तीखा बयान
BJP सांसद सौमित्र खान ने सिलीगुड़ी में मीडिया से बात करते हुए कहा, 'अगर BJP सरकार में नहीं आती तो हमारे 5 हजार युवाओं की हत्या हो जाती और नॉर्थ बंगाल में महिलाओं का सम्मान नहीं रहता।' उन्होंने कहा कि इस घटना में BJP का बिल्कुल हाथ नहीं है और यह चुनाव के दौरान अभिषेक के 'डीजे' वाले बयान का परिणाम है।
ममता बनर्जी का BJP पर निशाना
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर इस घटना के लिए सीधे तौर पर BJP और राज्य सरकार को दोषी ठहराया। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा पर केंद्र और राज्य के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है।
आगे क्या होगा
इस घटना के बाद सोनारपुर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी किए जाने की संभावना है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह देखना अहम होगा कि क्या राज्य पुलिस इस मामले में स्वतंत्र जाँच करती है और हमलावरों की पहचान होती है।