अभिषेक बनर्जी पर हमले पर BJP का पलटवार: 'हिंसा में विश्वास होता तो पश्चिम बंगाल में 208 सीटें न जीतते'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं ने 30 मई को इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी — एक ओर हिंसा से पल्ला झाड़ा, तो दूसरी ओर इसे जनता के आक्रोश की अभिव्यक्ति बताया।
BJP प्रवक्ता का रुख: 'जनता का गुस्सा समझें अभिषेक'
नई दिल्ली में BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को जनता के गुस्से का स्तर समझना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जिस व्यक्ति के परिवार से मिलने अभिषेक बनर्जी पहुँचे थे, उसकी हत्या हुई थी और वह कथित तौर पर नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में शामिल था। सिंह के अनुसार, इसी वजह से स्थानीय लोगों में नाराजगी थी और उसी आक्रोश का प्रदर्शन तब हुआ जब लोगों ने अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंके।
गौरव वल्लभ की सलाह: 'आत्ममंथन करें ममता और अभिषेक'
अर्थशास्त्री एवं BJP नेता गौरव वल्लभ ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नहीं है और BJP इसका समर्थन नहीं करती। हालाँकि, उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से आत्ममंथन करने की सलाह दी। वल्लभ ने कहा कि हमले में शामिल लोग TMC के अपने कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं — जो पार्टी के भीतर बढ़ती असंतोष की ओर इशारा करता है।
बाँकुड़ा सांसद सौमित्र खान: 'पुलिस की सक्रियता से टला बड़ा हादसा'
पश्चिम बंगाल के बाँकुड़ा से BJP सांसद सौमित्र खान ने इस घटना को जनता के आक्रोश की अभिव्यक्ति बताया। उनके अनुसार, उस दिन पुलिस पूरी तरह सक्रिय थी, जिसके चलते कोई बड़ा और गंभीर हादसा नहीं हुआ। खान ने सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की मुस्तैदी से स्थिति नियंत्रण में रही।
पश्चिम बंगाल सरकार का पलटवार: '208 सीटें जीतीं, हिंसा नहीं करते'
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री क्षुदिराम टुडू ने BJP पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी को पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई थी। टुडू ने तर्क दिया कि यदि BJP हिंसा की राजनीति में विश्वास करती, तो उसे पश्चिम बंगाल में 208 सीटों पर जीत हासिल नहीं होती। यह बयान BJP के उन आरोपों के जवाब में आया जो राज्य में TMC की कथित हिंसक राजनीति को लेकर लगाए जाते रहे हैं।
आगे क्या: राजनीतिक तनाव बरकरार
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक हिंसा का आरोप-प्रत्यारोप नया नहीं है — यह चुनाव-दर-चुनाव दोहराया जाने वाला पैटर्न बन चुका है। अभिषेक बनर्जी पर हुए इस ताज़ा हमले ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभिन्न दल इस घटना को अपने-अपने राजनीतिक नजरिए से देख रहे हैं, और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।