अभिषेक बनर्जी पर कथित हमला: दिलीप घोष बोले — 'हीरो बनने क्यों गए, घर में रहते'
सारांश
मुख्य बातें
न्यूटाउन में 31 मई को पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमला गलत है, लेकिन साथ ही TMC के 15 वर्षों के शासन में आम जनता पर हुए अत्याचारों की याद भी दिलाई। घोष ने कहा, 'अभिषेक बनर्जी के साथ जो हुआ, वो नहीं होना चाहिए — कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है।'
जनता के रोष का हवाला
दिलीप घोष ने कहा कि बीते 15 वर्षों में जनता ने जो झेला, उसका रोष अब सामने आ रहा है। उन्होंने फाल्टा उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि TMC वहाँ चौथे स्थान पर रही — यह परिणाम खुद बता देता है कि जनता कितनी नाराज है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'हीरो बनने क्यों चले गए? घर में शांति से रहें, देश-विदेश घूमें।'
TMC राज में कानून-व्यवस्था पर हमला
घोष ने आरोप लगाया कि TMC शासन में पुलिस पूरी तरह दलगत हितों की सेवा करती थी। उनके अनुसार, 'TMC का एक छोटा नेता तीन-चार गाड़ियों से चलता था, ट्रैफिक पुलिस का नामोनिशान नहीं होता था; हर TMC नेता के घर पर पुलिसकर्मी तैनात रहते थे।' उन्होंने यह भी कहा कि घरों के सामने सड़कें बंद कर दी जाती थीं और ऐसा करने का अधिकार किसी को नहीं था।
BJP कार्यकर्ताओं पर हिंसा के आरोप
घोष ने दावा किया कि पिछले 10-12 वर्षों में BJP के 321 कार्यकर्ताओं को मारा गया और अधिकांश मामलों में FIR तक दर्ज नहीं हुई। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में 56 कार्यकर्ताओं की मौत हुई और CBI के हस्तक्षेप के बाद ही FIR दर्ज हो सकी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 35 दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं की शिकायतें भी दर्ज नहीं की गईं और पीड़ित महिलाएं खेतों व जंगलों में छिपने को मजबूर थीं।
जेपी नड्डा पर हमले का जिक्र
घोष ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर TMC समर्थकों ने ईंट-पत्थर फेंके थे और 10 गाड़ियाँ तोड़ दी गई थीं — वे उस काफिले में स्वयं मौजूद थे। उन्होंने कहा, 'आज भी मेरे शरीर पर उन चोटों के दाग हैं, लेकिन मैंने कभी किसी को नहीं दिखाया।'
ममता बनर्जी और अस्पताल विवाद
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए घोष ने कहा कि उनके परिवार के लोग आज तक किसी सरकारी अस्पताल में नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC के मंत्रियों और विधायकों ने सरकारी अस्पतालों का उपयोग पालतू जानवरों के इलाज के लिए किया। घोष ने व्यंग्य किया, 'अब मजबूरी में अस्पताल जा रहे हैं क्योंकि केस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट चाहिए।'
घोष ने अंत में कहा कि BJP सरकार होने की वजह से ही जनता का आक्रोश नियंत्रण में है — 'हम लोग ही लोगों को कानून हाथ में लेने से रोक रहे हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव चरम पर है और TMC व BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।