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ममता बनर्जी की रैली पर दिलीप घोष का कटाक्ष: 'TMC वाले भी नहीं मानते उन्हें नेता'

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ममता बनर्जी की रैली पर दिलीप घोष का कटाक्ष: 'TMC वाले भी नहीं मानते उन्हें नेता'

सारांश

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने ममता बनर्जी की रैली को 'दिखावा' करार दिया और कहा कि TMC के अपने लोग भी उन्हें नेता नहीं मानते। साथ ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी को जाँच में सहयोग करने और हावड़ा में चुनाव प्रक्रिया को लोकतांत्रिक बताया।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने ममता बनर्जी की रैली को 'दिखावा' बताया और कहा कि TMC के लोग भी उन्हें अपना नेता नहीं मानते।
अभिषेक बनर्जी को बिधाननगर कोर्ट से समन मिला; घोष ने कहा उन्हें जाँच में सहयोग करना चाहिए।
हावड़ा नगर निगम सहित कई नगर निकायों में 7 से 9 साल से चुनाव नहीं हुए; अब चुनाव प्रक्रिया शुरू।
बरुईपुर घटना में 24 घंटे के भीतर सभी आरोपी गिरफ्तार — घोष ने इसे पिछले 50 सालों में अभूतपूर्व बताया।
घोष ने विपक्ष को चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने वालों को परिणाम भुगतने होंगे।

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की प्रस्तावित रैली को लेकर तीखा हमला बोला है। घोष ने कहा कि ममता बनर्जी अकेले रैली करके कुछ हासिल नहीं कर सकतीं, क्योंकि उनकी अपनी पार्टी के लोग भी उन्हें अपना नेता नहीं मानते।

ममता की रैली पर सीधा हमला

रैली की अनुमति मिलने पर दिलीप घोष ने कहा, 'उन्हें अनुमति मिल सकती है, लेकिन अकेले चलकर वह क्या करेंगी? उनके साथ कोई नहीं है। यहाँ तक कि उनकी अपनी पार्टी के लोग भी उन्हें अपना नेता नहीं मानते। ऐसा दिखावा उन्होंने जिंदगी भर किया है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब TMC के भीतर नेतृत्व को लेकर अटकलें चल रही हैं।

अभिषेक बनर्जी को बिधाननगर कोर्ट का समन

अभिषेक बनर्जी को बिधाननगर कोर्ट से समन मिलने के सवाल पर घोष ने कहा, 'अभिषेक बनर्जी को पहले भी बुलाया गया था। अब उन्हें जाना चाहिए और जाँच में मदद करनी चाहिए। शिकायत किसी के भी खिलाफ हो सकती है — अगर वे दोषी नहीं हैं तो कोई कुछ नहीं कर सकता।' गौरतलब है कि यह समन TMC के भीतर राजनीतिक दबाव को और बढ़ा सकता है।

हावड़ा नगर निगम चुनाव की घोषणा

हावड़ा नगर निगम चुनाव की घोषणा का स्वागत करते हुए घोष ने कहा कि राज्य की कई नगरपालिकाओं में सात से नौ साल से चुनाव नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा, 'जनप्रतिनिधि नहीं हैं, जनता को जो सेवाएँ मिलनी चाहिए वो नहीं मिल रही हैं। हमारी सरकार ने तय किया है कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुसार प्रशासन को चुने हुए जनप्रतिनिधियों को सौंपा जाए।' उनके अनुसार यह प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है।

बरुईपुर घटना और सरकार की कार्रवाई

बरुईपुर में हुई घटना की निंदा करते हुए घोष ने मुख्यमंत्री के पीड़िता के परिवार से मिलने की सराहना की। उन्होंने कहा, 'बताएं, आज तक कौन मुख्यमंत्री ऐसी घटनाओं में पीड़ितों से मिलने पहुँचा? पिछली सरकारों में हमें भी मिलने से रोका जाता था।' उन्होंने यह भी दावा किया कि 24 घंटे के भीतर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया — जो उनके अनुसार पिछले 50 सालों में किसी सरकार ने नहीं किया।

विपक्ष पर पलटवार

विपक्षी नेताओं के बरुईपुर दौरे पर घोष ने कहा, 'हर कोई जाने के लिए आज़ाद है। जो लोग वहाँ जाने की इजाज़त माँग रहे थे, वे पुलिस सुरक्षा में जा चुके हैं। हम न किसी को रोक रहे हैं, न कुछ छिपा रहे हैं।' उन्होंने चेतावनी दी कि 'अगर कोई कानून हाथ में लेगा तो उसे भुगतना पड़ेगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल घटनास्थल पर राजनीतिक दौरे कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या ये बयान सिर्फ मीडिया चक्र तक सीमित रहेंगे।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने ममता बनर्जी की रैली पर क्या कहा?
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी अकेले रैली करके कुछ हासिल नहीं कर सकतीं, क्योंकि उनकी अपनी पार्टी TMC के लोग भी उन्हें नेता नहीं मानते। उन्होंने इसे 'जिंदगी भर का दिखावा' करार दिया।
अभिषेक बनर्जी को बिधाननगर कोर्ट से समन क्यों मिला?
अभिषेक बनर्जी को बिधाननगर कोर्ट ने एक मामले में समन भेजा है। दिलीप घोष ने कहा कि उन्हें जाँच में सहयोग करना चाहिए और यदि वे निर्दोष हैं तो उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं।
हावड़ा नगर निगम में चुनाव कब से नहीं हुए थे?
दिलीप घोष के अनुसार हावड़ा सहित राज्य की कई नगरपालिकाओं और नगर निगमों में सात से नौ साल तक चुनाव नहीं हुए। अब सरकार ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने का निर्णय लिया है।
बरुईपुर घटना में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
दिलीप घोष ने दावा किया कि बरुईपुर घटना के बाद 24 घंटे के भीतर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने इसे पिछले 50 सालों में किसी सरकार द्वारा की गई सबसे त्वरित कार्रवाई बताया।
विपक्ष के बरुईपुर दौरे पर घोष ने क्या कहा?
घोष ने कहा कि विपक्षी नेताओं को बरुईपुर जाने से कोई नहीं रोक रहा और जो अनुमति माँग रहे थे वे पुलिस सुरक्षा में जा चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो कानून हाथ में लेगा उसे परिणाम भुगतने होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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