ममता बनर्जी की रैली पर दिलीप घोष का कटाक्ष: 'TMC वाले भी नहीं मानते उन्हें नेता'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की प्रस्तावित रैली को लेकर तीखा हमला बोला है। घोष ने कहा कि ममता बनर्जी अकेले रैली करके कुछ हासिल नहीं कर सकतीं, क्योंकि उनकी अपनी पार्टी के लोग भी उन्हें अपना नेता नहीं मानते।
ममता की रैली पर सीधा हमला
रैली की अनुमति मिलने पर दिलीप घोष ने कहा, 'उन्हें अनुमति मिल सकती है, लेकिन अकेले चलकर वह क्या करेंगी? उनके साथ कोई नहीं है। यहाँ तक कि उनकी अपनी पार्टी के लोग भी उन्हें अपना नेता नहीं मानते। ऐसा दिखावा उन्होंने जिंदगी भर किया है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब TMC के भीतर नेतृत्व को लेकर अटकलें चल रही हैं।
अभिषेक बनर्जी को बिधाननगर कोर्ट का समन
अभिषेक बनर्जी को बिधाननगर कोर्ट से समन मिलने के सवाल पर घोष ने कहा, 'अभिषेक बनर्जी को पहले भी बुलाया गया था। अब उन्हें जाना चाहिए और जाँच में मदद करनी चाहिए। शिकायत किसी के भी खिलाफ हो सकती है — अगर वे दोषी नहीं हैं तो कोई कुछ नहीं कर सकता।' गौरतलब है कि यह समन TMC के भीतर राजनीतिक दबाव को और बढ़ा सकता है।
हावड़ा नगर निगम चुनाव की घोषणा
हावड़ा नगर निगम चुनाव की घोषणा का स्वागत करते हुए घोष ने कहा कि राज्य की कई नगरपालिकाओं में सात से नौ साल से चुनाव नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा, 'जनप्रतिनिधि नहीं हैं, जनता को जो सेवाएँ मिलनी चाहिए वो नहीं मिल रही हैं। हमारी सरकार ने तय किया है कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुसार प्रशासन को चुने हुए जनप्रतिनिधियों को सौंपा जाए।' उनके अनुसार यह प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी है।
बरुईपुर घटना और सरकार की कार्रवाई
बरुईपुर में हुई घटना की निंदा करते हुए घोष ने मुख्यमंत्री के पीड़िता के परिवार से मिलने की सराहना की। उन्होंने कहा, 'बताएं, आज तक कौन मुख्यमंत्री ऐसी घटनाओं में पीड़ितों से मिलने पहुँचा? पिछली सरकारों में हमें भी मिलने से रोका जाता था।' उन्होंने यह भी दावा किया कि 24 घंटे के भीतर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया — जो उनके अनुसार पिछले 50 सालों में किसी सरकार ने नहीं किया।
विपक्ष पर पलटवार
विपक्षी नेताओं के बरुईपुर दौरे पर घोष ने कहा, 'हर कोई जाने के लिए आज़ाद है। जो लोग वहाँ जाने की इजाज़त माँग रहे थे, वे पुलिस सुरक्षा में जा चुके हैं। हम न किसी को रोक रहे हैं, न कुछ छिपा रहे हैं।' उन्होंने चेतावनी दी कि 'अगर कोई कानून हाथ में लेगा तो उसे भुगतना पड़ेगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल घटनास्थल पर राजनीतिक दौरे कर रहे हैं।