शोपियां में लश्कर कमांडर जाकिर गनई ढेर, पाँचवें दिन मिला शव; तलाशी अभियान जारी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में शनिवार, 5 जुलाई से जारी आतंकवाद-विरोधी अभियान के पाँचवें दिन बुधवार, 8 जुलाई को सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर जाकिर गनई को मार गिराया। ऑपरेशन स्थल से हथियार और गोला-बारूद सहित उसका शव बरामद किया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इस मुठभेड़ की पुष्टि की है।
मुख्य घटनाक्रम
वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को ऑपरेशन क्षेत्र से गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं, जिसका सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाब दिया। बाद में तलाशी के दौरान हथियार और गोला-बारूद के साथ एक शव बरामद हुआ, जिसे सूत्रों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जाकिर गनई के रूप में पहचाना। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान (CAOS) और तेज़ कर दिया।
इससे पहले, शुक्रवार को मीमंदर इलाके (जिसमें सात गाँव आते हैं) के एक बाग में सर्विलांस कैमरों में दो आतंकवादी दिखे थे। उन्हें घेरने के लिए रातभर ऑपरेशन जारी रहा और रविवार शाम तक चार गाँवों को खाली करा लिया गया था। फँसे दोनों आतंकवादियों की पहचान लतीफ और जाकिर के रूप में हुई थी।
संयुक्त बल का ऑपरेशन
इस अभियान में सेना की 44 आरआर, 20 आरआर, 55 आरआर और 34 आरआर यूनिट्स के साथ सीआरपीएफ की 14वीं और 178वीं बटालियन संयुक्त रूप से हिस्सा ले रही हैं। सेना की विशेष काउंटर-इंसर्जेंसी यूनिट 'विक्टर फोर्स' ने बाग की घनी झाड़ियों के बीच से भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए और इलाके में रोशनी की व्यवस्था की। शोपियां के चनापोरा इलाके में यह ऑपरेशन अभी जारी है।
बारामूला में हथियारों का जखीरा बरामद
समानांतर में, मंगलवार सुबह बारामूला जिले के उरी सेक्टर के हटलंगा इलाके में पुलिस और भारतीय सेना की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया। बरामद सामग्री में दो एके-56 राइफलें, दो-दो मैगजीन, 256 एके-56 राउंड, एक पिस्तौल (दो मैगजीन सहित), पाँच हैंड ग्रेनेड, सिगरेट के तीन पैकेट और एक काला बैग शामिल हैं। पुलिस ने आगे की जाँच शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
यह ऑपरेशन ऐसे समय में आया है जब घाटी में आतंकवाद-विरोधी अभियानों की आवृत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गौरतलब है कि शोपियां जिला पहले भी लश्कर-ए-तैयबा की सक्रियता के कारण सुरक्षा बलों की प्राथमिकता सूची में रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और सीआरपीएफ का यह त्रिस्तरीय संयुक्त अभियान दर्शाता है कि सुरक्षा एजेंसियाँ इस ऑपरेशन को उच्च प्राथमिकता दे रही हैं।
आने वाले दिनों में तलाशी अभियान के और विस्तार की संभावना है, क्योंकि सूत्रों के अनुसार दूसरे संदिग्ध आतंकवादी लतीफ की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।