8 जुलाई 2026
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शोपियां में लश्कर कमांडर जाकिर गनई ढेर, पाँचवें दिन मिला शव; तलाशी अभियान जारी

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शोपियां में लश्कर कमांडर जाकिर गनई ढेर, पाँचवें दिन मिला शव; तलाशी अभियान जारी

सारांश

शोपियां में पाँच दिन चले आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन का बड़ा नतीजा — लश्कर-ए-तैयबा कमांडर जाकिर गनई ढेर। सेना की विक्टर फोर्स, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में यह सफलता मिली। बारामूला के हटलंगा में भी हथियारों का जखीरा बरामद।

मुख्य बातें

लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जाकिर गनई को शोपियां में चल रहे आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन के पाँचवें दिन, 8 जुलाई को मार गिराया गया।
शव के साथ हथियार और गोला-बारूद बरामद; जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि की।
ऑपरेशन में सेना की 44, 20, 55 और 34 आरआर यूनिट्स तथा सीआरपीएफ की 14वीं व 178वीं बटालियन शामिल।
विशेष काउंटर-इंसर्जेंसी यूनिट 'विक्टर फोर्स' ने घनी झाड़ियों में भागने के सभी रास्ते बंद किए।
बारामूला के हटलंगा में दो एके-56 राइफलें, 256 राउंड, पाँच हैंड ग्रेनेड सहित हथियारों का जखीरा बरामद।
दूसरे संदिग्ध आतंकवादी लतीफ की तलाश में चनापोरा इलाके में तलाशी अभियान अभी जारी।

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में शनिवार, 5 जुलाई से जारी आतंकवाद-विरोधी अभियान के पाँचवें दिन बुधवार, 8 जुलाई को सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर जाकिर गनई को मार गिराया। ऑपरेशन स्थल से हथियार और गोला-बारूद सहित उसका शव बरामद किया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इस मुठभेड़ की पुष्टि की है।

मुख्य घटनाक्रम

वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को ऑपरेशन क्षेत्र से गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं, जिसका सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाब दिया। बाद में तलाशी के दौरान हथियार और गोला-बारूद के साथ एक शव बरामद हुआ, जिसे सूत्रों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जाकिर गनई के रूप में पहचाना। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान (CAOS) और तेज़ कर दिया।

इससे पहले, शुक्रवार को मीमंदर इलाके (जिसमें सात गाँव आते हैं) के एक बाग में सर्विलांस कैमरों में दो आतंकवादी दिखे थे। उन्हें घेरने के लिए रातभर ऑपरेशन जारी रहा और रविवार शाम तक चार गाँवों को खाली करा लिया गया था। फँसे दोनों आतंकवादियों की पहचान लतीफ और जाकिर के रूप में हुई थी।

संयुक्त बल का ऑपरेशन

इस अभियान में सेना की 44 आरआर, 20 आरआर, 55 आरआर और 34 आरआर यूनिट्स के साथ सीआरपीएफ की 14वीं और 178वीं बटालियन संयुक्त रूप से हिस्सा ले रही हैं। सेना की विशेष काउंटर-इंसर्जेंसी यूनिट 'विक्टर फोर्स' ने बाग की घनी झाड़ियों के बीच से भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद करने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए और इलाके में रोशनी की व्यवस्था की। शोपियां के चनापोरा इलाके में यह ऑपरेशन अभी जारी है।

बारामूला में हथियारों का जखीरा बरामद

समानांतर में, मंगलवार सुबह बारामूला जिले के उरी सेक्टर के हटलंगा इलाके में पुलिस और भारतीय सेना की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया। बरामद सामग्री में दो एके-56 राइफलें, दो-दो मैगजीन, 256 एके-56 राउंड, एक पिस्तौल (दो मैगजीन सहित), पाँच हैंड ग्रेनेड, सिगरेट के तीन पैकेट और एक काला बैग शामिल हैं। पुलिस ने आगे की जाँच शुरू कर दी है।

पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

यह ऑपरेशन ऐसे समय में आया है जब घाटी में आतंकवाद-विरोधी अभियानों की आवृत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गौरतलब है कि शोपियां जिला पहले भी लश्कर-ए-तैयबा की सक्रियता के कारण सुरक्षा बलों की प्राथमिकता सूची में रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और सीआरपीएफ का यह त्रिस्तरीय संयुक्त अभियान दर्शाता है कि सुरक्षा एजेंसियाँ इस ऑपरेशन को उच्च प्राथमिकता दे रही हैं।

आने वाले दिनों में तलाशी अभियान के और विस्तार की संभावना है, क्योंकि सूत्रों के अनुसार दूसरे संदिग्ध आतंकवादी लतीफ की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कई सेना यूनिटें, चार गाँव खाली — यह संकेत देती है कि सुरक्षा बल इस बार जल्दबाज़ी से नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से आगे बढ़े। लश्कर कमांडर जाकिर गनई का खात्मा निस्संदेह एक सामरिक सफलता है, लेकिन दूसरे संदिग्ध लतीफ का अभी भी फरार होना यह याद दिलाता है कि ऑपरेशन अधूरा है। बारामूला के हटलंगा में हथियारों की बरामदगी एक अलग, समानांतर सप्लाई नेटवर्क की ओर इशारा करती है — जो दर्शाता है कि घाटी में लॉजिस्टिक्स चेन अभी पूरी तरह नहीं टूटी है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शोपियां में मारा गया जाकिर गनई कौन था?
जाकिर गनई लश्कर-ए-तैयबा का एक कमांडर था, जो जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सक्रिय था। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार वह पाँच दिन से जारी आतंकवाद-विरोधी ऑपरेशन में 8 जुलाई को मारा गया।
शोपियां ऑपरेशन कब और कहाँ शुरू हुआ?
यह ऑपरेशन शनिवार, 5 जुलाई की शाम को शोपियां जिले के चनापोरा और मीमंदर इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ के बाद शुरू हुआ। सर्विलांस कैमरों में दो आतंकवादी दिखने के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी की गई।
इस ऑपरेशन में कौन-कौन सी सुरक्षा एजेंसियाँ शामिल हैं?
ऑपरेशन में सेना की 44, 20, 55 और 34 आरआर यूनिट्स, सीआरपीएफ की 14वीं और 178वीं बटालियन तथा जम्मू-कश्मीर पुलिस संयुक्त रूप से शामिल हैं। सेना की विशेष काउंटर-इंसर्जेंसी यूनिट 'विक्टर फोर्स' ने भी अहम भूमिका निभाई।
बारामूला के हटलंगा में क्या बरामद हुआ?
मंगलवार को बारामूला जिले के उरी सेक्टर के हटलंगा में पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने दो एके-56 राइफलें, 256 राउंड, एक पिस्तौल, पाँच हैंड ग्रेनेड और अन्य सामग्री बरामद की। इस मामले में आगे की जाँच जारी है।
क्या ऑपरेशन अभी भी जारी है?
हाँ, जाकिर गनई के मारे जाने के बाद भी शोपियां के चनापोरा इलाके में तलाशी अभियान जारी है। दूसरे संदिग्ध आतंकवादी लतीफ की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए सुरक्षा बलों ने घेराबंदी बनाए रखी है।
राष्ट्र प्रेस
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