क्या जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है?
सारांश
Key Takeaways
- कठुआ में मुठभेड़ सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है।
- आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने की अपील की गई थी।
- सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में नाकाबंदी की है।
- अधिकारियों का मानना है कि यह वही आतंकवादी हैं जिन्हें पहले देखा गया था।
- जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकवाद के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रही है।
जम्मू, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के पहाड़ी बिलावर क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि बिलावर तहसील के कहोग गांव में कुछ आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाते हुए नाकाबंदी कर दी। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की, लेकिन उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी।
आईजीपी जम्मू जोन भीम सेन टूटी ने 7 जनवरी को मुठभेड़ की पुष्टि की।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि एसओजी कठुआ ने कमाध नाले के जंगल में आतंकवादियों से मुठभेड़ की।
अधिकारियों का कहना है कि यह वही आतंकवादी हो सकता है जिसे आज सुबह आसपास के क्षेत्र में देखा गया था।
आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाने के लिए गांव में अतिरिक्त बल भेजे गए हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल आतंकवादियों, उनके ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू), समर्थकों, और मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रहे हैं।
इन समन्वित अभियानों का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के संपूर्ण समर्थन तंत्र को ध्वस्त करना है, न कि केवल बंदूकधारी आतंकवादियों को खदेड़ना।
जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकवादियों, आतंकवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं (ओजीडब्ल्यू), और उनके समर्थकों की संपत्तियों को जब्त भी कर रही है। इसके अलावा, ओजीडब्ल्यू और उनके समर्थकों को यूएपीए के तहत हिरासत में भी लिया जा रहा है।
अदालती आदेश प्राप्त करने के बाद ही ऐसी संपत्तियों को जब्त किया जाता है, क्योंकि यह साबित हो चुका है कि ये संपत्तियां आतंकवादी गतिविधियों से प्राप्त धन से बनाई गई थीं।
--आईएएनएएस
एमएस/