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अभिषेक बनर्जी को जेल भेजो: दिलीप घोष का हमला, 2021 में BJP कार्यकर्ताओं की हत्या का मुद्दा उठाया

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अभिषेक बनर्जी को जेल भेजो: दिलीप घोष का हमला, 2021 में BJP कार्यकर्ताओं की हत्या का मुद्दा उठाया

सारांश

BJP नेता दिलीप घोष ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को जेल भेजने की माँग की और 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा में BJP कार्यकर्ताओं की हत्या का आरोप दोहराया। साथ ही 21 जुलाई की TMC रैली को कांग्रेस का आंदोलन बताकर पार्टी पर 'हाईजैक' का आरोप भी लगाया।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने 4 जुलाई को TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को जेल भेजने की माँग की।
2021 विधानसभा चुनाव के बाद BJP कार्यकर्ताओं के घर तोड़े जाने और हत्याओं का आरोप लगाया।
TMC कार्यालय पर ऋतब्रत गुट के कब्ज़े को घोष ने TMC का आंतरिक मामला बताया।
21 जुलाई की TMC रैली को मूलतः कांग्रेस का आंदोलन बताया, TMC पर 'हाईजैक' का आरोप।
घोष ने कहा कि 15 वर्षों की सत्ता ने TMC की लोकतांत्रिक भूमिका को कमज़ोर किया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने 4 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। घोष ने 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा का ज़िक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान BJP कार्यकर्ताओं के घर तोड़े गए और हत्याएँ की गईं।

मुख्य आरोप और बयान

घोष ने कहा, 'वर्ष 2021 में चुनाव के बाद हिंसा की गई थी, जिसमें BJP कार्यकर्ताओं के घर तोड़े गए थे और हत्याएँ की गई थीं। हज़ारों लोगों को उजाड़ दिया गया था। वह घाव आज भी ज़िंदा है।' उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी का भाषण लोगों को डराने के लिए था और ऐसे नेताओं का बाहर रहना उचित नहीं है।

TMC के आंतरिक विवाद पर टिप्पणी

TMC कार्यालय पर ऋतब्रत गुट के कब्ज़े के विवाद पर घोष ने कहा कि यह TMC का आंतरिक मामला है। उनके अनुसार, 'विधानसभा में स्पीकर और बाहरी कानून से यह ठीक होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि 15 वर्षों से सत्ता में रहने से पार्टी की आदत बिगड़ गई है और लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

21 जुलाई की रैली पर विवाद

TMC की 21 जुलाई को होने वाली रैली पर घोष ने कहा कि यह मूलतः कांग्रेस का आंदोलन था, न कि TMC का, क्योंकि उस वक्त TMC का अस्तित्व नहीं था। उनके अनुसार यह रैली कांग्रेस को करनी चाहिए।

काकोली घोष की चिट्ठी पर प्रतिक्रिया

TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार की मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी पर दिलीप घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री को स्वयं यह स्वीकार करना चाहिए कि वे भी उस आंदोलन में भागीदार थीं। उनका मानना है कि जिन लोगों ने राजनीतिक आंदोलन में बलिदान दिया, उनका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC ने उस आंदोलन को 'हाईजैक' कर लिया था।

आगे क्या

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर गुटबाज़ी और विपक्षी BJP के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है। 21 जुलाई की रैली से पहले इस तरह के बयानों से राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे हर विवाद में भुनाया जाता है। लेकिन सवाल यह है कि तीन साल बाद भी जब केंद्र में BJP की सरकार है, तो उन 'हत्याओं' के दोषियों पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। TMC के आंतरिक संकट — ऋतब्रत गुट और अभिषेक बनर्जी की खेमेबाज़ी — को 'आंतरिक मामला' कहकर घोष ने जो दूरी बनाई, वह रणनीतिक है: BJP चाहती है कि TMC खुद टूटे। 21 जुलाई की रैली को 'कांग्रेस का आंदोलन' बताना एक पुराने घाव को कुरेदने की कोशिश है, जो TMC की वैधता को चुनौती देती है — लेकिन इसका असर तब तक सीमित रहेगा जब तक BJP बंगाल में ज़मीनी संगठन नहीं बनाती।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी को जेल भेजने की माँग क्यों की?
दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा भड़काने वाले भाषण दिए थे। उनके अनुसार उस हिंसा में BJP कार्यकर्ताओं की हत्याएँ हुईं और हज़ारों लोग उजड़े, इसलिए ऐसे नेताओं को जेल भेजा जाना चाहिए।
TMC कार्यालय पर ऋतब्रत गुट का विवाद क्या है?
TMC के भीतर ऋतब्रत गुट ने पार्टी कार्यालय पर कब्ज़े का प्रयास किया, जिससे पार्टी में आंतरिक तनाव सामने आया। दिलीप घोष ने इसे TMC का आंतरिक मामला बताया और कहा कि इसे विधानसभा स्पीकर और कानून के ज़रिए सुलझाया जाएगा।
21 जुलाई की TMC रैली को लेकर विवाद क्यों है?
दिलीप घोष ने कहा कि 21 जुलाई का आंदोलन मूलतः कांग्रेस का था, क्योंकि उस समय TMC अस्तित्व में नहीं थी। उनका आरोप है कि TMC ने उस ऐतिहासिक आंदोलन को 'हाईजैक' कर अपना बना लिया, इसलिए यह रैली कांग्रेस को करनी चाहिए।
काकोली घोष दस्तीदार की मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी किस बारे में थी?
TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने मुख्यमंत्री को एक चिट्ठी लिखी, जिसका संदर्भ 21 जुलाई के आंदोलन की विरासत और उसमें भागीदारी से जुड़ा है। दिलीप घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री को खुद स्वीकार करना चाहिए कि वे भी उस आंदोलन में शामिल थीं और बलिदान देने वालों का सम्मान होना चाहिए।
2021 की बंगाल चुनाव-बाद हिंसा में क्या हुआ था?
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की जीत के बाद कथित तौर पर व्यापक राजनीतिक हिंसा हुई थी। BJP के आरोपों के अनुसार उनके कार्यकर्ताओं के घर तोड़े गए, हत्याएँ हुईं और हज़ारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा, हालाँकि TMC इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताती रही है।
राष्ट्र प्रेस
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