18 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राहुल गांधी का केंद्र पर हमला: 'जंतर-मंतर पर छात्रों की बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राहुल गांधी का केंद्र पर हमला: 'जंतर-मंतर पर छात्रों की बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?'

सारांश

जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के बाद राजनीतिक तापमान चरम पर है। राहुल गांधी ने एक्स पर सीधा सवाल दागा — पैलेट गन और कील लगी लाठियों से घायल बच्चों की बर्बरता की तारीफ होनी चाहिए? रिजिजू के 'कोई नुकसान नहीं' वाले दावे से सत्ता और विपक्ष का टकराव और तेज़ हो गया है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 18 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन में कथित पुलिस कार्रवाई पर केंद्र सरकार को घेरा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पैलेट गन और कील लगी लाठियों से एक बच्चे की आँख गई और एक बच्ची का कान कटा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दावा किया कि प्रदर्शन में 'एक भी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुँचा' और दिल्ली पुलिस की तारीफ की जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर संसद सत्र में 'लापता' रहने और प्रधानमंत्री द्वारा माफी न माँगने का आरोप लगाया।
रिजिजू ने AAP , भीम आर्मी और सपा से जुड़े लोगों पर प्रदर्शनकारियों को उकसाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार, 18 अगस्त को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद से महज आधा किलोमीटर दूर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन और कील लगी लाठियाँ चलाई गईं, जिसमें एक बच्चे की आँख चली गई और एक बच्ची का कान कट गया।

एक्स पर राहुल गांधी का सीधा सवाल

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए। संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियाँ चलीं, एक बच्चे की आँख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया। इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?' उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं उन घायल बच्चों से मिले हैं और हज़ारों वीडियो देशभर में देखे जा चुके हैं।

सरकार पर 'असत्य और हिंसा' का आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार का 'मूल मंत्र ही असत्य और हिंसा' है। उनके अनुसार, 'पहले बच्चों पर लाठी चलाओ और फिर कह दो कि कुछ हुआ ही नहीं' — यही सरकार की कार्यशैली है। राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और कहा कि 'पूरे सत्र लापता रहे अमित शाह विपक्ष से भागते रहे।' साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज तक छात्रों से माफी नहीं माँगी।

रिजिजू का पलटवार: 'एक भी हड्डी नहीं टूटी'

इससे पहले, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दावा किया था कि प्रदर्शन के दौरान 'एक भी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुँचा' और किसी की हड्डी तक नहीं टूटी। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी प्रदर्शनकारी गंभीर चोट के कारण अस्पताल में भर्ती नहीं है। रिजिजू ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी, भीम आर्मी और समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ लोगों ने छात्रों के नाम पर प्रदर्शन में घुसकर हिंसा भड़काने की कोशिश की।

रिजिजू की दिल्ली पुलिस को क्लीन चिट

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि दिल्ली प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान 'एक भी लाठी का इस्तेमाल नहीं किया' और प्रदर्शनकारियों को केवल तब रोका गया जब वे जबरन संसद की ओर बढ़ने लगे। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आंदोलन को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस और प्रशासन की तारीफ की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस शासनकाल में ऐसा प्रदर्शन होता, तो 'हज़ारों लोगों की मौत हो सकती थी।'

राजनीतिक टकराव का केंद्र बना जंतर-मंतर

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में सरकार से देश के बच्चों से 'झूठ नहीं बोलने' की अपील की और कहा कि उनके पास 'आँखें हैं और याददाश्त भी।' उन्होंने यह भी कहा कि देश के लिए सबसे बड़ा खतरा वे लोग हैं 'जिन्हें न अपनी गलती दिखती है और दिखने पर मानते नहीं।' यह टकराव संसद सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गहरे होते राजनीतिक विभाजन को उजागर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या घायल छात्रों के चिकित्सा रिकॉर्ड सार्वजनिक होंगे। जब तक सत्यापन-योग्य साक्ष्य सामने नहीं आते, यह विवाद राजनीतिक अखाड़े में ही सिमटा रहेगा।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संसद से आधा किलोमीटर दूर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन और कील लगी लाठियाँ चलाई गईं, जिसमें एक बच्चे की आँख चली गई और एक बच्ची का कान कट गया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं घायल बच्चों से मिले हैं।
किरेन रिजिजू ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर क्या कहा?
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान एक भी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुँचा, कोई हड्डी नहीं टूटी और कोई प्रदर्शनकारी अस्पताल में भर्ती नहीं है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि एक भी लाठी का इस्तेमाल नहीं किया गया।
राहुल गांधी ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाया?
राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पूरे संसद सत्र में 'लापता' रहे और विपक्ष से भागते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने अब तक छात्रों से माफी नहीं माँगी।
रिजिजू ने प्रदर्शन में हिंसा के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?
रिजिजू ने आम आदमी पार्टी, भीम आर्मी और समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों पर आरोप लगाया कि उन्होंने छात्रों के नाम पर प्रदर्शन में घुसकर हिंसा भड़काने की कोशिश की। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों को केवल तब रोका गया जब वे जबरन संसद की ओर बढ़ने लगे।
इस विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह टकराव संसद सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गहरे होते राजनीतिक विभाजन को उजागर करता है। छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की परस्पर विरोधी व्याख्याएँ इस बात को रेखांकित करती हैं कि जवाबदेही और सत्यापन-योग्य जाँच का अभाव किस तरह राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
    जंतर मंतर हिंसा पर BJP सांसद कमलजीत सहरावत बोलीं — छात्रों के नाम पर उत्पात बर्दाश्त नहीं; कांग्रेस ने पैलेट गन और लाठीचार्ज के आदेश पर माँगा जवाब
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 4 सप्ताह पहले
  8. 4 सप्ताह पहले