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दिल्ली छात्र लाठीचार्ज: भाई जगताप बोले — राहुल गांधी सही सवाल उठा रहे हैं, अमित शाह दें जवाब

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दिल्ली छात्र लाठीचार्ज: भाई जगताप बोले — राहुल गांधी सही सवाल उठा रहे हैं, अमित शाह दें जवाब

सारांश

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने 20 जुलाई के संसद घेराव में दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर पैलेट गन और आँसू गैस के इस्तेमाल के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष जाँच की माँग की — राहुल गांधी के संसदीय रुख को पूरा समर्थन देते हुए।

मुख्य बातें

भाई जगताप ने 10 अगस्त को मुंबई में कहा कि राहुल गांधी दिल्ली छात्र मामले में सही सवाल उठा रहे हैं।
20 जुलाई को संसद घेराव के दौरान दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर छात्रों पर लाठीचार्ज, पैलेट गन और आँसू गैस का इस्तेमाल किया।
जगताप ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अनुमति के बिना पैलेट गन का आदेश संभव नहीं।
पूरे मामले की जाँच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराने की माँग; सरकारी एसआईटी पर निष्पक्षता को लेकर सवाल।
एनसीपी (एसपी) सांसदों की PM मोदी से मुलाकात पर जगताप ने कहा — इंडिया अलायंस के भीतर एकमत होकर फैसला होना चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भाई जगताप ने 10 अगस्त को मुंबई में स्पष्ट किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दिल्ली में छात्रों के साथ कथित बर्बरता के मामले में बिल्कुल सही सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही तय करने और पूरे मामले की जाँच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराने की माँग दोहराई।

मुख्य घटनाक्रम

भाई जगताप के अनुसार, 20 जुलाई को संसद घेराव के दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, पैलेट गन चलाई और आँसू गैस के गोले छोड़े, जिससे कई छात्र घायल हुए। उन्होंने दावा किया कि एक बच्चे की आँख तक चली गई। जगताप ने कहा, 'बच्चों की आँखों में पैलेट गन के छर्रे लगे और उनके शरीर पर आँसू गैस का असर हुआ — यह हकीकत है।'

अमित शाह की जवाबदेही पर सवाल

भाई जगताप ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे के बगैर पैलेट गन नहीं चल सकती, क्योंकि दिल्ली पुलिस आयुक्त भी गृह मंत्रालय की अनुमति के बिना ऐसा आदेश नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सदन में इसी जवाबदेही की माँग कर रहे हैं, लेकिन अमित शाह सदन में उपस्थित नहीं हो रहे। गौरतलब है कि यह आरोप कांग्रेस का पक्ष है; सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सुप्रीम कोर्ट निगरानी की माँग

जगताप ने कहा कि यदि केंद्र सरकार एसआईटी का गठन भी करती है, तो जाँच की निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे। इसलिए सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में पूरे घटनाक्रम की जाँच होनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष संसद के मानसून सत्र में सरकार पर लगातार दबाव बनाए हुए है।

अन्य मुद्दों पर भाई जगताप का रुख

एफसीआरए बिल पर उन्होंने कहा कि देश में विदेशी फंडिंग की निगरानी के लिए पहले से पुख्ता कानूनी व्यवस्था मौजूद है, इसलिए नए विधेयक की आवश्यकता पर सवाल उठाए जाने चाहिए। एनसीपी (एसपी) सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि यह बातचीत पिछले दो-तीन वर्षों से चल रही है और इसमें कुछ नया नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों पर इंडिया अलायंस के भीतर ही एकमत होकर फैसला होना चाहिए।

कॉमनवेल्थ खिलाड़ियों पर सकारात्मक टिप्पणी

भाई जगताप ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की प्रधानमंत्री से मुलाकात पर सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि बॉक्सिंग और जूडो में देश की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया है और महाराष्ट्र के एक किसान के बेटे ने दौड़ में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों का सम्मान बच्चों का उत्साह बढ़ाता है।

दिल्ली छात्र लाठीचार्ज मामला संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक तापमान बढ़ाए हुए है — आने वाले दिनों में सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में कोई संज्ञान लेता है या नहीं, यह देखना अहम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें तथ्यात्मक सत्यापन की ज़रूरत है — पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। सर्वोच्च न्यायालय निगरानी की माँग राजनीतिक नहीं, संस्थागत है — और यही इसे साधारण विपक्षी बयानबाजी से अलग करती है। गौरतलब है कि भारत में छात्र आंदोलनों पर बल-प्रयोग के मामलों में न्यायिक जाँच की माँग अक्सर उठती है, लेकिन शायद ही कभी पूरी होती है। असली परीक्षा यह है कि क्या विपक्ष इस माँग को संसद की सीमाओं से बाहर न्यायालय तक ले जाने का साहस दिखाता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में छात्रों पर कथित बर्बरता का मामला क्या है?
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, 20 जुलाई को संसद घेराव के दौरान दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, पैलेट गन चलाई और आँसू गैस के गोले छोड़े, जिससे कई छात्र घायल हुए। एक छात्र की आँख जाने का दावा भी किया गया है, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
भाई जगताप ने अमित शाह को जिम्मेदार क्यों ठहराया?
भाई जगताप का कहना है कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए पैलेट गन जैसे हथियार के इस्तेमाल का आदेश गृह मंत्री अमित शाह की जानकारी या अनुमति के बिना संभव नहीं। यह कांग्रेस का आरोप है; सरकार की ओर से कोई आधिकारिक खंडन सार्वजनिक नहीं हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जाँच की माँग क्यों?
जगताप का तर्क है कि यदि केंद्र सरकार एसआईटी बनाती है तो उसकी निष्पक्षता संदिग्ध रहेगी, क्योंकि जाँच उसी सरकार के अधीन होगी जिस पर आरोप हैं। इसलिए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र जाँच ही विश्वसनीय विकल्प है।
इंडिया अलायंस और एनसीपी (एसपी) की PM मोदी से मुलाकात पर जगताप का क्या कहना है?
जगताप ने कहा कि एनसीपी (एसपी) सांसदों और PM मोदी के बीच बातचीत पिछले दो-तीन वर्षों से चल रही है और इसमें कुछ नया नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों पर इंडिया अलायंस के भीतर एकमत होकर निर्णय लिया जाना चाहिए।
एफसीआरए बिल पर कांग्रेस का क्या रुख है?
भाई जगताप ने कहा कि विदेशी फंडिंग की निगरानी के लिए देश में पहले से पर्याप्त कानूनी व्यवस्था मौजूद है। उनके अनुसार नए एफसीआरए बिल की आवश्यकता पर सवाल उठाए जाने चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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