छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन: संसद में विपक्ष का हंगामा, अमित शाह से जवाब-तलब
सारांश
मुख्य बातें
मानसून सत्र के दौरान 30 जुलाई को संसद में विपक्षी सांसदों ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में विस्तृत जवाब देने, जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और जिम्मेदारी तय करने की माँग की। विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया, जिसके आदेश उच्च स्तर से दिए गए।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कुछ छात्रों के शरीर से पेलेट्स (छर्रे) निकाले गए हैं और मेडिको-लीगल रिपोर्ट (एमएलसी) में धातु के टुकड़ों का उल्लेख है। उन्होंने झारखंड की एक छात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि उसकी चोटें बेहद गंभीर हैं। सुरजेवाला ने माँग की कि गृह मंत्री को संसद में आकर जवाब देना चाहिए और देश के युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सरकार से माँग की कि जाँच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया जाए कि बल प्रयोग का आदेश किसने दिया, किस स्तर पर निर्णय लिया गया और किन परिस्थितियों में पैलेट गन तथा अन्य हथियारों का उपयोग हुआ। उनके अनुसार, जब तक सरकार यह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करती, विवाद का समाधान संभव नहीं है।
सरकार की जवाबदेही पर सवाल
कांग्रेस सांसद अमन सिंह ने कहा कि यदि सरकार के पास कोई स्पष्टीकरण है तो उसे प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय संसद में रखा जाना चाहिए, क्योंकि सदन का सत्र चल रहा है। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि व्यवस्थागत सुधार के बिना ऐसी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा।
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने तर्क दिया कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन आती है और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसा निर्णय कोई अधिकारी अपने स्तर पर नहीं ले सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में गृह मंत्री का प्रत्यक्ष हस्तक्षेप था।
विपक्ष की एकजुट आवाज़
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाई है — जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग हो, तब विपक्ष नेता का दायित्व है कि वह उनकी आवाज़ उठाए। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि छात्रों की आत्महत्याओं और कथित लाठीचार्ज के लिए राहुल गांधी नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) जिम्मेदार है और माफी सरकार को देश के युवाओं से माँगनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि किसी मंत्रालय के प्रमुख की नैतिक जिम्मेदारी होती है — यदि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी हुई है तो जवाबदेही तय होनी ही चाहिए।
समाजवादी पार्टी का रुख
समाजवादी पार्टी (SP) की सांसद डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों को अब भी न्याय नहीं मिला है और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े हर मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाता रहेगा और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में पहले से ही पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की विफलताओं पर तीखी बहस चल रही है। गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह ने अब तक सदन में आकर विपक्ष के इन सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया है। विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि जाँच रिपोर्ट संसद में पेश होने तक यह मुद्दा सदन में गूँजता रहेगा।