11 अगस्त 2026
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संसद में विपक्ष का हंगामा: खड़गे बोले — छात्रों पर लाठीचार्ज का जवाब सदन में दे सरकार

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संसद में विपक्ष का हंगामा: खड़गे बोले — छात्रों पर लाठीचार्ज का जवाब सदन में दे सरकार

सारांश

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष का विरोध 18वें दिन भी थमा नहीं। खड़गे, खेड़ा और तिवारी ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज व पेलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री से सदन में जवाब माँगा। सरकार की चुप्पी और विपक्ष की अडिग माँगों के बीच सत्र का बहुमूल्य समय लगातार बर्बाद हो रहा है।

मुख्य बातें

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष की तीन-सूत्री माँगों में कोई बदलाव नहीं; 18 दिन बाद भी सरकार ने सदन में जवाब नहीं दिया।
पवन खेड़ा ने गृह मंत्री से चंदा घोटाले और छात्रों पर कथित अत्याचार पर बयान देने और PM मोदी से माफी माँगने की माँग की।
प्रमोद तिवारी ने कील लगी लाठियों और पेलेट गन के इस्तेमाल पर सवाल उठाए; कहा — छात्रों से आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया गया।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के अनुसार पंजाब में BJP एक भी लोकसभा सीट नहीं जीती, अकाली दल को सिर्फ एक सीट मिली।
चंद्रशेखर आजाद ने विपक्ष के प्रदर्शन का समर्थन किया; झारखंड और लखनऊ के न्याय मुद्दे भी उठाए।

नई दिल्ली, 11 अगस्त को संसद के मानसून सत्र में विपक्ष का सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार 18वें दिन भी जारी रहा। कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की माँगों में कोई बदलाव नहीं आया है और सरकार को छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज व गोलीबारी पर सदन के भीतर जवाब देना होगा। यह गतिरोध ऐसे समय में गहरा गया है जब संसद का बहुमूल्य सत्र-समय लगातार बाधित हो रहा है।

खड़गे की तीन-सूत्री माँग

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'हम अपना रुख नहीं बदल रहे हैं। शुरू से लेकर अब तक हमारी माँग वही रही है। हमारे तीन मुद्दे हैं।' उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी का आदेश किसने दिया और पूरी घटना किस परिस्थिति में हुई। खड़गे के अनुसार, घटना को 18 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार अब तक सदन में कोई बयान देने को तैयार नहीं है।

पवन खेड़ा का तीखा हमला

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने माँग की कि गृह मंत्री सदन में आकर चंदा घोटाले और छात्रों पर कथित अत्याचारों पर बयान दें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी माफी माँगने की माँग की। खेड़ा ने आरोप लगाया कि विपक्ष पिछले 17-18 दिनों से इन मुद्दों को उठा रहा है, किंतु सरकार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया है।

खेड़ा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, 'वे खुद को 'लौह पुरुष' कहते हैं, लेकिन उस लोहे में जंग लग चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर संगठन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रमोद तिवारी के सवाल

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने गृह मंत्री से माँग की कि वे सदन में पूरी तैयारी के साथ आएँ और यह स्पष्ट करें कि छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया। तिवारी ने कील लगी लाठियों के इस्तेमाल और छर्रे (पेलेट) चलाने की अनुमति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ ऐसी ताकत का इस्तेमाल किया गया, जैसे वे आतंकवादी हों।

पंजाब गठबंधन पर वडिंग की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन पर कहा कि पिछले संसदीय चुनाव में सुखबीर सिंह बादल ने कुछ मुद्दे उठाए थे और कहा था कि उनके समाधान के बिना गठबंधन संभव नहीं होगा। वडिंग के अनुसार, वे मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में BJP एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत सकी, जबकि अकाली दल को केवल एक सीट मिली — दोनों दलों ने अपनी राजनीतिक जमीन खो दी है।

चंद्रशेखर आजाद का समर्थन

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने विपक्ष के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि झारखंड और लखनऊ के बच्चों से जुड़े मुद्दे सदन में उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हो या लखनऊ, जहाँ भी अन्याय के मामले सामने आए हैं, वहाँ न्याय की माँग मजबूती से उठनी चाहिए। आजाद ने आरोप लगाया कि सरकारें संवेदनशीलता खोती जा रही हैं और लोकतंत्र को जनता की आवाज का जवाब देना होगा। गौरतलब है कि यह गतिरोध तब तक जारी रहने के संकेत हैं जब तक सरकार सदन में ठोस जवाब नहीं देती।

संपादकीय दृष्टिकोण

पेलेट गन और कील लगी लाठियों का इस्तेमाल गंभीर सवाल उठाता है जिनका जवाब सदन में मिलना लोकतांत्रिक जवाबदेही की बुनियादी शर्त है। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि 18 दिनों का लगातार हंगामा संसदीय कार्यवाही को पूरी तरह ठप कर देता है — जो खुद विपक्ष की विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है। सरकार की चुप्पी और विपक्ष की 'सदन ठप करो' रणनीति — दोनों मिलकर उस आम नागरिक को नुकसान पहुँचाते हैं जिसके लिए संसद बनी है। असली सवाल यह है: क्या यह गतिरोध जवाबदेही के लिए है या अगले चुनाव की तैयारी के लिए?
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसद में विपक्ष किन मुद्दों पर हंगामा कर रहा है?
विपक्ष मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर सरकार से जवाब माँग रहा है — छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, गोलीबारी और चंदा घोटाला। खड़गे के अनुसार ये माँगें शुरू से अपरिवर्तित हैं और सरकार को सदन में इन पर बयान देना होगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा?
खड़गे ने कहा कि विपक्ष अपनी माँगों पर पूरी तरह कायम है और 18 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार ने सदन में कोई जवाब नहीं दिया है। उन्होंने माँग की कि छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया, यह सदन में स्पष्ट किया जाए।
पवन खेड़ा ने RSS पर क्या टिप्पणी की?
पवन खेड़ा ने RSS पर कहा, 'वे खुद को लौह पुरुष कहते हैं, लेकिन उस लोहे में जंग लग चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर संगठन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोद तिवारी ने छात्रों पर किस तरह की कार्रवाई पर सवाल उठाए?
तिवारी ने कील लगी लाठियों के इस्तेमाल और पेलेट गन चलाने की अनुमति पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि छात्रों के खिलाफ ऐसी ताकत का इस्तेमाल किया गया जैसे वे आतंकवादी हों, और गृह मंत्री को सदन में इसका जवाब देना चाहिए।
पंजाब में BJP-अकाली दल गठबंधन की क्या स्थिति है?
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के अनुसार पिछले संसदीय चुनाव में सुखबीर सिंह बादल ने जो मुद्दे उठाए थे, वे अब भी अनसुलझे हैं। पंजाब में BJP एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत सकी और अकाली दल को केवल एक सीट मिली, जो दोनों दलों की कमज़ोर स्थिति दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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