संसद में विपक्ष का हंगामा: खड़गे बोले — छात्रों पर लाठीचार्ज का जवाब सदन में दे सरकार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 11 अगस्त को संसद के मानसून सत्र में विपक्ष का सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार 18वें दिन भी जारी रहा। कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की माँगों में कोई बदलाव नहीं आया है और सरकार को छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज व गोलीबारी पर सदन के भीतर जवाब देना होगा। यह गतिरोध ऐसे समय में गहरा गया है जब संसद का बहुमूल्य सत्र-समय लगातार बाधित हो रहा है।
खड़गे की तीन-सूत्री माँग
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'हम अपना रुख नहीं बदल रहे हैं। शुरू से लेकर अब तक हमारी माँग वही रही है। हमारे तीन मुद्दे हैं।' उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी का आदेश किसने दिया और पूरी घटना किस परिस्थिति में हुई। खड़गे के अनुसार, घटना को 18 दिन बीत जाने के बावजूद सरकार अब तक सदन में कोई बयान देने को तैयार नहीं है।
पवन खेड़ा का तीखा हमला
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने माँग की कि गृह मंत्री सदन में आकर चंदा घोटाले और छात्रों पर कथित अत्याचारों पर बयान दें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी माफी माँगने की माँग की। खेड़ा ने आरोप लगाया कि विपक्ष पिछले 17-18 दिनों से इन मुद्दों को उठा रहा है, किंतु सरकार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया है।
खेड़ा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, 'वे खुद को 'लौह पुरुष' कहते हैं, लेकिन उस लोहे में जंग लग चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर संगठन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोद तिवारी के सवाल
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने गृह मंत्री से माँग की कि वे सदन में पूरी तैयारी के साथ आएँ और यह स्पष्ट करें कि छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया। तिवारी ने कील लगी लाठियों के इस्तेमाल और छर्रे (पेलेट) चलाने की अनुमति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ ऐसी ताकत का इस्तेमाल किया गया, जैसे वे आतंकवादी हों।
पंजाब गठबंधन पर वडिंग की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन पर कहा कि पिछले संसदीय चुनाव में सुखबीर सिंह बादल ने कुछ मुद्दे उठाए थे और कहा था कि उनके समाधान के बिना गठबंधन संभव नहीं होगा। वडिंग के अनुसार, वे मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में BJP एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत सकी, जबकि अकाली दल को केवल एक सीट मिली — दोनों दलों ने अपनी राजनीतिक जमीन खो दी है।
चंद्रशेखर आजाद का समर्थन
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने विपक्ष के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि झारखंड और लखनऊ के बच्चों से जुड़े मुद्दे सदन में उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हो या लखनऊ, जहाँ भी अन्याय के मामले सामने आए हैं, वहाँ न्याय की माँग मजबूती से उठनी चाहिए। आजाद ने आरोप लगाया कि सरकारें संवेदनशीलता खोती जा रही हैं और लोकतंत्र को जनता की आवाज का जवाब देना होगा। गौरतलब है कि यह गतिरोध तब तक जारी रहने के संकेत हैं जब तक सरकार सदन में ठोस जवाब नहीं देती।