6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खड़गे का अल्टीमेटम: अमित शाह सदन में आएं, छात्रों पर लाठीचार्ज का दें जवाब, PM मोदी मांगें माफी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खड़गे का अल्टीमेटम: अमित शाह सदन में आएं, छात्रों पर लाठीचार्ज का दें जवाब, PM मोदी मांगें माफी

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने 6 अगस्त को साफ कहा — गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएं और जंतर मंतर छात्र कार्रवाई का जवाब दें, वरना संसद नहीं चलेगी। पैलेट गन से लेकर कील वाली लाठी तक के इस्तेमाल पर विपक्ष 15 दिनों से एकजुट है।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 6 अगस्त 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जंतर मंतर छात्र कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब माँगा।
खड़गे के अनुसार छात्रों पर पैलेट गन, आँसू गैस, लाठी, इलेक्ट्रिक बैटन और कील वाली लाठी का इस्तेमाल किया गया।
विपक्ष पिछले 15 दिनों से इस माँग पर एकजुट है; राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित।
खड़गे ने सदन न चलने की ज़िम्मेदारी सीधे गृह मंत्री पर डाली, विपक्षी सांसदों पर नहीं।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी से छात्रों से सार्वजनिक माफी माँगने की भी माँग की।

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जंतर मंतर के निकट छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा एक बार फिर तेज़ी से उठाया। उन्होंने माँग की कि गृह मंत्री अमित शाह स्वयं संसद में उपस्थित होकर जवाब दें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्वजनिक रूप से माफी माँगें।

मुख्य घटनाक्रम

खड़गे ने बताया कि पिछले 15 दिनों से समूचा विपक्ष इस एकमात्र माँग पर एकजुट है कि गृह मंत्री सदन में आकर छात्रों पर हुई कार्रवाई का स्पष्टीकरण दें। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राज्यसभा में पुनः उठाया गया है और जब तक गृह मंत्री सदन में नहीं आते, संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकती।

छात्रों पर बल प्रयोग का आरोप

खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के विरुद्ध अत्यधिक और अनुचित बल का प्रयोग किया गया। उनके अनुसार, पैलेट गन, आँसू गैस, लाठी, इलेक्ट्रिक बैटन और कील वाली लाठी — सभी का इस्तेमाल छात्रों पर किया गया। उन्होंने कहा, 'छात्रों ने कोई बवाल नहीं किया था। क्या उन्होंने 20-50 सरकारी गाड़ियाँ तोड़ीं? क्या किसी नेता को रोका और सवाल पूछा? वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन उन्हें हटाने के लिए जो तरीके अपनाए गए, वह बहुत गलत है।'

सरकार पर सीधा निशाना

खड़गे ने गृह मंत्री की संसद से अनुपस्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, 'इनको सदन में आकर जवाब देने में क्या मजबूरी है? इसके दो ही मतलब हो सकते हैं — एक तो ये सोच रहे हैं कि इस मुद्दे को नज़रअंदाज़ कर दिया जाए। दूसरा, ये डर गए हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन न चलने की ज़िम्मेदारी गृह मंत्री अमित शाह की है, न कि विपक्षी सांसदों की।

विपक्ष की माँगें

कांग्रेस अध्यक्ष ने दो-सूत्रीय माँग रखी — प्रधानमंत्री मोदी छात्रों से माफी माँगें और गृह मंत्री संसद में आकर लिखित बयान दें। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष झारखंड, पंजाब और दिल्ली — हर राज्य में छात्रों के साथ खड़ा है और उनकी समस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र छात्र-आंदोलन और उस पर हुई कार्रवाई को लेकर लगातार बाधित हो रहा है। गौरतलब है कि विपक्ष की यह माँग पहली बार नहीं उठी — पिछले दो सप्ताह में कई बार कार्यवाही स्थगित हो चुकी है। अब सबकी नज़र इस बात पर है कि सरकार इस दबाव में सदन में जवाब देती है या गतिरोध और लंबा खिंचता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं विपक्ष को भी यह स्पष्ट करना होगा कि वह जवाबदेही चाहता है या केवल सुर्खियाँ। छात्र आंदोलन और उस पर बल प्रयोग का मुद्दा गंभीर है — इसे संसदीय राजनीति की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिकार्जुन खड़गे ने 6 अगस्त को क्या माँग की?
खड़गे ने माँग की कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर जंतर मंतर के पास छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का जवाब दें और प्रधानमंत्री मोदी सार्वजनिक रूप से माफी माँगें। उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछले 15 दिनों से इस माँग पर एकजुट है।
जंतर मंतर छात्र कार्रवाई में क्या हुआ था?
खड़गे के अनुसार शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन, आँसू गैस, लाठी, इलेक्ट्रिक बैटन और कील वाली लाठी का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों ने कोई हिंसा नहीं की थी, फिर भी इस तरह के बल का प्रयोग अनुचित था।
संसद की कार्यवाही क्यों बाधित हो रही है?
खड़गे ने स्पष्ट किया कि सदन न चलने की ज़िम्मेदारी गृह मंत्री अमित शाह की है क्योंकि वे संसद में आकर जवाब देने से बच रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि जब तक गृह मंत्री सदन में नहीं आते, वे कार्यवाही नहीं चलने देंगे।
कांग्रेस का छात्र आंदोलन पर क्या रुख है?
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह झारखंड, पंजाब और दिल्ली — हर जगह छात्रों के साथ खड़ी है। खड़गे ने कहा कि जब तक छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, पार्टी संघर्ष जारी रखेगी।
आगे क्या हो सकता है — क्या गृह मंत्री सदन में आएंगे?
अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। संसद का मानसून सत्र इस गतिरोध के चलते बाधित है और सबकी नज़र इस बात पर है कि सरकार विपक्ष के दबाव में झुकती है या टकराव और लंबा खिंचता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले