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अमित शाह सदन में दें जवाब: छात्रों पर कील वाली लाठियाँ और पैलेट गन का इस्तेमाल कैसे हुआ — प्रमोद तिवारी

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अमित शाह सदन में दें जवाब: छात्रों पर कील वाली लाठियाँ और पैलेट गन का इस्तेमाल कैसे हुआ — प्रमोद तिवारी

सारांश

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह को घेरा — कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने माँग की कि शाह सदन में बताएँ कि छात्रों पर कील वाली लाठियाँ और पैलेट गन कैसे चलाई गईं। साथ ही पूर्व शिक्षा मंत्री प्रधान, प्रज्वल रेवन्ना और एयर इंडिया पायलट विवाद पर भी सरकार से जवाब माँगा गया।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने गृह मंत्री अमित शाह से माँग की कि वे सदन में छात्र प्रदर्शनकारियों पर कील वाली लाठियों और पैलेट गन के इस्तेमाल का जवाब दें।
तिवारी ने कहा कि शाह की चुप्पी संसद का अपमान है और लड़कियों के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार पर भी जवाब माँगा।
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को तिवारी ने राहुल गांधी द्वारा संसद में छात्रों की आवाज उठाने का परिणाम बताया।
जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के कथित मोबाइल इस्तेमाल पर तिवारी ने सख्त कार्रवाई की माँग की।
एयर इंडिया पायलट के कथित डोप टेस्ट मामले पर सरकार से संसद में जवाब माँगा गया।

संसद के मानसून सत्र में 12 अगस्त को भी गतिरोध जारी रहा, जब विपक्षी दलों ने गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक विवाद और राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सदन में जवाब माँगा। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गृह मंत्री की चुप्पी संसद का अपमान है।

छात्रों पर बल प्रयोग का मुद्दा

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "गृह मंत्री को सदन में आकर संविधान के अनुसार जवाब देना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि बल प्रयोग कैसे किया गया, प्रदर्शनकारियों को कील लगी लाठियों से कैसे पीटा गया और जानलेवा हो सकने वाले छर्रे (पैलेट गन) कैसे चलाए गए।" उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों और युवतियों के साथ पुलिसकर्मियों के कथित दुर्व्यवहार पर भी गृह मंत्री को जवाब देना होगा। तिवारी ने चेतावनी दी कि "अगर उनकी चुप्पी जारी रही तो इसका मतलब वो सदन का अपमान कर रहे हैं।"

धर्मेंद्र प्रधान पर पलटवार

पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 'सुविधा की राजनीति' के आरोप पर तिवारी ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रधान कैबिनेट में अपनी जगह खो चुके हैं और उनके पास राहुल गांधी पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। तिवारी के अनुसार, राहुल गांधी ने संसद में छात्रों की चिंताओं को उठाया, जो कि शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी थी, और प्रधान का इस्तीफा इसी दबाव का परिणाम है।

प्रज्वल रेवन्ना विवाद

जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना द्वारा कथित तौर पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल के मामले पर तिवारी ने कहा कि रेवन्ना खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। उन्होंने कहा, "महिलाओं के साथ उनके व्यवहार की जितनी भी निंदा की जाए कम है। जेल में भी कानून का उल्लंघन हो रहा है, उनके खिलाफ निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।" गौरतलब है कि रेवन्ना के पिता मंत्री रह चुके हैं।

एयर इंडिया पायलट डोप टेस्ट विवाद

एयर इंडिया के एक पायलट के कथित तौर पर नशे की हालत में विमान उड़ाने के मामले पर तिवारी ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी एयरलाइन और सरकार दोनों की है, और सरकार को संसद में इसका जवाब देना चाहिए।

आगे क्या

मानसून सत्र में गतिरोध जारी रहने की आशंका है क्योंकि विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि जब तक गृह मंत्री सदन में उपस्थित होकर इन मुद्दों पर जवाब नहीं देते, कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चलने दी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि संसद का मानसून सत्र बार-बार गतिरोध की भेंट क्यों चढ़ता है — जबकि जनता के पैसे से चलने वाला यह सत्र जवाबदेही का सबसे बड़ा मंच है। छात्रों पर पैलेट गन और कील वाली लाठियों के आरोप गंभीर हैं और इन पर सदन में बहस होनी चाहिए, न कि बाहर प्रेस वार्ताओं में। विपक्ष की माँग वैध है, लेकिन सत्र को बाधित करने की रणनीति उसी जवाबदेही को कमज़ोर करती है जिसकी वह माँग कर रहा है। यदि सरकार और विपक्ष दोनों वास्तव में छात्रों की चिंता करते हैं, तो सदन के भीतर बहस ही एकमात्र संवैधानिक रास्ता है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने गृह मंत्री अमित शाह से क्या माँग की है?
तिवारी ने माँग की है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर बताएँ कि दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर कील वाली लाठियाँ और पैलेट गन का इस्तेमाल कैसे हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार पर भी जवाब दिया जाना चाहिए।
संसद के मानसून सत्र में गतिरोध किन मुद्दों पर है?
विपक्ष पेपर लीक, दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब माँग रहा है। इन मुद्दों पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब न मिलने के कारण कार्यवाही बाधित हो रही है।
प्रमोद तिवारी ने धर्मेंद्र प्रधान पर क्या कहा?
तिवारी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान कैबिनेट में अपनी जगह खो चुके हैं और उनके पास राहुल गांधी पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधान का इस्तीफा संसद में राहुल गांधी द्वारा छात्रों की आवाज उठाने का परिणाम है।
प्रज्वल रेवन्ना के जेल में मोबाइल इस्तेमाल पर विपक्ष का क्या रुख है?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि जेल में रहते हुए भी कानून का उल्लंघन हो रहा है और रेवन्ना के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के साथ उनके कथित व्यवहार की जितनी निंदा की जाए कम है।
एयर इंडिया पायलट डोप टेस्ट मामले पर कांग्रेस ने क्या कहा?
तिवारी ने कहा कि कथित तौर पर नशे की हालत में पायलट द्वारा विमान उड़ाना सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की विफलता है। उन्होंने माँग की कि सरकार संसद में इसका जवाब दे क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
राष्ट्र प्रेस
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