30 जुलाई 2026
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इंडिया ब्लॉक का संसद में विरोध प्रदर्शन: राम मंदिर चढ़ावा और छात्रों पर लाठीचार्ज पर गृह मंत्री से जवाब की मांग

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इंडिया ब्लॉक का संसद में विरोध प्रदर्शन: राम मंदिर चढ़ावा और छात्रों पर लाठीचार्ज पर गृह मंत्री से जवाब की मांग

सारांश

मानसून सत्र में इंडिया ब्लॉक का विरोध महज हंगामा नहीं — यह दो धधकते मुद्दों पर एकजुटता है: राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता और छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल। पाँच दलों ने एक सुर में गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब माँगा।

मुख्य बातें

30 जुलाई को मानसून सत्र के दौरान इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने संसद परिसर में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सपा, कांग्रेस, TMC, JMM और CPI ने मिलकर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में उपस्थित होकर जवाब देने की मांग की।
विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर पैलेट गन व लाठीचार्ज पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग उठाई।
सपा सांसद अक्षय यादव ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ही SIT जांच प्रक्रिया आगे बढ़ी।
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मांग की कि छात्रों पर कार्रवाई के जिम्मेदार लोग सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

मानसून सत्र के दौरान 30 जुलाई को नई दिल्ली में विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी (सपा), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), तृणमूल कांग्रेस (TMC), झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में उपस्थित होकर जवाब देने की एकजुट मांग की।

विपक्ष की प्रमुख मांगें

विपक्षी सांसदों ने दो केंद्रीय मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की। पहला — छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री का बयान। दूसरा — राम मंदिर के चढ़ावे और निर्माण कोष में कथित अनियमितताओं पर संसदीय चर्चा। CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने इन दोनों मांगों को स्पष्ट रूप से दोहराया और कहा कि जब तक ये मुद्दे सदन में नहीं उठाए जाते, विपक्ष का विरोध जारी रहेगा।

सपा सांसदों का आक्रामक रुख

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और गृह मंत्री का सदन से अब तक अनुपस्थित रहना अस्वीकार्य है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि जब तक कथित मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

सपा सांसद अक्षय यादव ने कहा कि बिना एफआईआर दर्ज किए विशेष जांच दल (SIT) का गठन करना उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले दिन से किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में SIT गठन की मांग कर रही थी, और यह कदम तब उठाया गया जब सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिए। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस की जवाबदेही की मांग

कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार की नैतिक जिम्मेदारी पर सवाल उठाए और पेपर लीक जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि संबंधित मंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि छात्रों पर पैलेट गन और लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार लोगों को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा विपक्ष गृह मंत्री से सदन में आकर जवाब देने और माफी मांगने की मांग करेगा।

सुरजेवाला ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि सच बोलने के लिए माफी नहीं मांगी जाती। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कानून बना देने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि पेपर लीक माफिया के संरक्षकों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष सरकार की जवाबदेही तय कराने के लिए एकजुट है।

अन्य विपक्षी दलों का समर्थन

JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि उनकी पार्टी इंडिया ब्लॉक के साझा रुख के साथ खड़ी है और विपक्ष के नेता देशभर के छात्रों की भावनाओं को सदन में आवाज़ दे रहे हैं। TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि छात्रों पर पैलेट गन और लाठीचार्ज क्यों किया गया और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में पहले ही कई दिन व्यवधान की भेंट चढ़ चुके हैं। गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद जांच प्रक्रिया आगे बढ़ी है। विपक्ष के एकजुट रुख को देखते हुए आने वाले सत्र के दिनों में सदन में तीखी नोकझोंक की संभावना बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इंडिया ब्लॉक की व्यापक चुनावी रणनीति को दर्शाता है। राम मंदिर चढ़ावे का मुद्दा BJP के लिए संवेदनशील है क्योंकि यह उनके मूल समर्थक आधार को प्रभावित करता है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि SIT गठन और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी के बाद भी विपक्ष का संसद में हंगामा जारी रखना विधायी उत्पादकता को नुकसान पहुँचाता है। असली परीक्षा यह होगी कि विपक्ष इन मुद्दों पर ठोस जवाबदेही सुनिश्चित कर पाता है या यह विरोध केवल सत्र की सुर्खियों तक सीमित रह जाता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक ने 30 जुलाई को संसद में किन मुद्दों पर प्रदर्शन किया?
इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने मुख्यतः दो मुद्दों पर प्रदर्शन किया — राम मंदिर के चढ़ावे और निर्माण कोष में कथित अनियमितताएँ, और छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज व पैलेट गन का इस्तेमाल। विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह से सदन में उपस्थित होकर जवाब देने की मांग की।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है और SIT की मांग क्यों उठी?
राम मंदिर के चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। सपा सांसद अक्षय यादव के अनुसार, बिना एफआईआर दर्ज किए SIT का गठन किया गया, जबकि विपक्ष किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष जांच चाहता था। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद जांच प्रक्रिया आगे बढ़ी।
विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से क्यों जवाब मांग रहा है?
विपक्षी दलों का आरोप है कि गृह मंत्री अमित शाह अब तक सदन में आकर कानून-व्यवस्था, छात्रों पर लाठीचार्ज, पैलेट गन के इस्तेमाल और राम मंदिर मामले पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दे पाए हैं। CPI सांसद पी. संतोष कुमार ने इसे विपक्ष की प्राथमिक माँग बताया।
किन दलों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया?
समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसदों ने इंडिया ब्लॉक के बैनर तले संसद परिसर में एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
मानसून सत्र में इस विरोध का आगे क्या असर होगा?
विपक्ष के पाँच दलों की एकजुटता और मुद्दों की संवेदनशीलता को देखते हुए मानसून सत्र के शेष दिनों में सदन में और व्यवधान की आशंका है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने संकेत दिया है कि जवाब मिलने तक दबाव जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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